Amar Ujala Samwad 2026: 100 साल तक स्वस्थ और निरोगी कैसे रहें? आचार्य मनीष ने बताया इसका असरदार उपाय
Ayurvedacharya Acharya Manish Ji: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित हुए अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में आयुर्वेदाचार्य आचार्य मनीष जी ने स्वस्थ जीवन को लेकर जरूरी टिप्स साझा किए। उन्होंने बताया कि किस तरह से आयुर्वेद और जीवनशैली में सुधार करके आप कई बीमारियों के खतरे को काफी कम कर सकते हैं। आइए उनके संबोधन की महत्वपूर्ण बातें जान लेते हैं।
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 18-19 मई को 'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के पहले दिन यानी आज 18 मई को कई नामी-गिरामी हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत में मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास ने जीवन को सुखमय और शांतिमय बनाने के तरीके बताए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विकास के लक्ष्य और योजनाओं के बारे में जानकारी दी। स्वामी चिदानंद सरस्वती, अभिनेता जैकी श्रॉफ और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने भी मंच साझा किए।
इस कार्यक्रम में देश के जाने-माने और सोशल मीडिया पर चर्चित आयुर्वेदाचार्य आचार्य मनीष जी भी शामिल हुए। उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद और लाइफस्टाइल के जरिए किस तरह से गंभीर बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है, इसको लेकर जरूरी टिप्स साझा किए।
कौन सी चीजों ने आचार्य मनीष की जिंदगी बदल दी?
आचार्य मनीष बताते हैं, मैं इतना बीमार रहता था कि 1995 में आत्महत्या तक करने जा रहा था। साल 1987 में पीलिया हो गया, उसके बाद अगले 8 साल तक कभी कमर दर्द, कभी वायरल जैसी तमाम समस्याएं होती रहीं। ये समय नर्क जैसा था, वजन घटकर 31 किलो हो गया था। आत्महत्या के लिए मैं ट्रेन की पटरी पर लेट गया, तभी एक साधु मार्ग दिखाया और फिर एहसास हुआ कि मैं गलत कर रहा हूं।
फिर इसके बाद मैंने आयुर्वेद का सहारा लिया, वहां 3 महीने में मेरा 12 किलो वजन बढ़ा। तब से मैंने संकल्प लिया कि इस विद्या को मैं लोगों तक पहुंचाऊंगा और स्वस्थ रखूंगा।
देश में सेहत के लिए क्या जरूरी है?
आचार्य मनीष जी कहते हैं, अगर सेहत में सुधार करना है तो कुछ चीजें लागू करनी बहुत जरूरी हैं।
- क्यों न बच्चों को स्कूल के दिनों से ही सिखाया जाए कि वे बीमारियों से कैसे बचे रहें?
- मिलावट वाली चीजों पर सख्त निगरानी और कार्यवाई जरूरी है।
- लाइफस्टाइल योग-डाइट अगर आप सही तरीके से अपनाते हैं तो बीमारियों से बचा जा सकता है।
आचार्य मनीष ने आयुर्वेद के कुछ सूत्र बताए जो शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद कर सकते हैं।
- "शुद्धो देहा मनश्च यस्य। सः जीवती वर्ष शतम्।'' जिसका शरीर और मन शुद्ध (विकार-मुक्त) है, वह मनुष्य 100 वर्ष तक स्वस्थ और निरोगी होकर जीवित रह सकता है।
- ''लंघनं परम् औषधं" यानी उपवास ही सर्वोत्तम औषधि है।
- "सर्वेषां रोगाणां निदानं कुपिता मला:" अर्थात सभी बीमारियों की जड़ कुपित मल (विषैले तत्व या टॉक्सिन्स) हैं। जब शरीर में वात, पित्त या कफ असंतुलित होकर दूषित हो जाते हैं, तब रोग उत्पन्न होते हैं। इसके लिए पंचक्रम किए जाते हैं।
आचार्य मनीष कहते हैं, अगर पूरा भारत सीख जाए कि अगर कोई भी बीमारी आए तो 2-3 दिन कुछ न खाएं, व्रत पर चले जाएं तो बड़ी से बड़ी बीमारी के खतरे को दूर किया जा सकता है। ट्यूमर, हार्ट, रसौली जैसी दिक्कतें आसपास भी नहीं भटकेंगी।
किडनी और लिवर की बीमारियों का कैसे पता लगाएं?
आचार्य मनीष कहते जब तक किडनी 70% से ज्यादा खराब नहीं होती तक तक आपकी रिपोर्ट्स नॉर्मल आती रहती हैं। आप घर पर ही खुद से अपनी जांच कर सकते हैं।
किडनी की जांच
- सुबह 9 बजे से लेकर रात 9 बजे तक अपने यूरिन को एक बॉटल में भर लीजिए।
- एक अलग बॉटल में रात 9 बजे से सुबह 9 बजे तक के यूरिन को भर लीजिए।
- अगर रात का यूरिन, दिन के यूरिन से तीसरा या चौथा हिस्सा है तो ये संकेत है कि आपकी किडनी ठीक है।
लिवर की जांच
- इसी तरह जब तक लिवर 80-85% खराब नहीं हो जाता तब तक ज्यादातर रिपोर्ट्स में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती। इसकी जांच की तरीका भी जान लीजिए
- अगर आप 10-11 बजे से जाते हो और रात में 2:30 -3 बजे नींद खुल जाती है तो ये लिवर की समस्याओं की तरफ इशारा हो सकता है।
हार्ट की जांच
- सुबह 9-10 बजे ब्लड प्रेशर की जांच करिए। फिर यही काम रात में 9-10 बजे भी करिए।
- अगर सुबह का ब्लड प्रेशर, रात के बीपी से 10-15% ज्यादा है तो ये हेल्दी हार्ट का संकेत है। आपको हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का जोखिम कम है।
शरीर को स्वस्थ रखना इतना भी कठिन नहीं
आचार्य मनीष कहते हैं, बहुत जरूरी है कि स्कूल से ही बच्चों को आयुर्वेद पढ़ाया जाना चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए वह क्या खाएं-क्या न खाएं? किस मौसम में क्या खाएं? कौन सी चीज के साथ क्या न खाएं?
आयुर्वेद साफ कहता है कि फल और दूध एक साथ नहीं लेना चाहिए, इसे इंफ्लेमेशन होता है। पर हम सभी मैंगो शेक, बनाना शेक खूब पीते हैं। मैंगो शेक, बनाना शेक पीना है तो बादाम या नारियल के दूध में पीना चाहिए, गाय या भैंस के दूध के साथ तो बिल्कुल नहीं।
जिम को लेकर क्या कहते हैं आचार्य मनीष?
आचार्य मनीष कहते हैं, जिम जाना सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन जिम में जाकर सप्लीमेंट्स लेना सबसे बड़ी गलती है। बॉडी बनाने के लिए जो पाउडर लोग खाते हैं उससे किडनी, हड्डियों की गंभीर समस्याएं होती हैं।