अलर्ट: सर्दी-जुकाम की आम दवा पैरासिटामोल भी हो सकती है जानलेवा? 20 वर्षीय युवक की कहानी सभी के लिए चेतावनी
पैरासिटामोल दर्द और बुखार की आम दवा है, लेकिन इसकी ज्यादा मात्रा गंभीर लिवर डैमेज और लिवर फेलियर तक का कारण बन सकती है। 20 वर्षीय राइली ने पैरासिटामोल और सर्दी-जुकाम की दवा साथ ली, जिससे अनजाने में ओवरडोज हो गया। उनकी हालत गंभीर हुई जिसके कारण उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ गया।
विस्तार
वायरल बुखार हो या फिर शरीर में दर्द, डेंगू हो या फिर सर्दी-जुकाम, इन सभी समस्याओं के इलाज के लिए पैरासिटामोल दवा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता रहा है। आम जिंदगी में पैरासिटामोल इतनी सामान्य दवा बन चुकी है कि ज्यादातर लोग इसे लेने से पहले सोचते भी नहीं। घर की मेडिकल किट से लेकर नजदीकी फार्मेसी तक, यह दवा आसानी से मिल जाती है।
इंडस्ट्री के अनुमानों के अनुसार, भारत घरेलू और वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए हर साल लगभग 43,000 मीट्रिक टन पैरासिटामोल एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट का उत्पादन करता है। इसी से अंदाजा लगता है कि ये दवा लोगों के बीच कितनी कॉमन है।
पर क्या जिस तरह से हम इस दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं वह सेहत के लिहाज से सुरक्षित है? वैसे तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके इस्तेमाल को ज्यादातर मामलों में सुरक्षित और हानिरहित मानते हैं, पर इसके जोखिमों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। 20 साल के राइली लुबास के साथ जो घटना हुई, वो पैरासिटामोल के इस्तेमाल और इसके दुष्प्रभावों को लेकर सभी लोगों को अलर्ट कर रही है।
सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण होने पर आम लोगों की तरह ही राइली ने भी फार्मेसी से सर्दी-जुकाम की दवा और पैरासिटामोल की गोलियां खरीद लीं। इन दवाओं ने ऐसी स्थिति खड़ी कर दी कि कुछ ही दिनों में उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ गया।
आखिर पैरासिटामोल के कारण ऐसी क्या दिक्कतें हो गईं, आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
पैरासिटामोल का दुनियाभर में होता है इस्तेमाल, पर ये खतरे भी जानिए
भारत-ब्रिटेन सहित दुनिया के कई देशों में बिना डॉक्टर की पर्ची के मिलने वाली दवाओं में पैरासिटामोल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता रहा है। हर दिन लाखों लोग इस दवा का सेवन करते हैं। सर्दी-जुकाम, सिरदर्द या बदन दर्द होने पर सबसे पहले दिमाग में पैरासिटामोल का ही नाम आता है। लेकिन इस आम और आसानी से मिलने वाली दवा की ज्यादा मात्रा जानलेवा भी हो सकती है।
ब्रिटेन की स्थानीय मीडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट में 20 वर्षीय राइली लुबास के मामले का जिक्र मिलता है। उन्हें कुछ दिनों से सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण महसूस हो रहे थे। उन्हें लगा कि यह मौसम बदलने के कारण होने वाली समस्या है।
- राइली भी दवा लेने के लिए स्थानीय फार्मेसी पहुंचे। उन्होंने सर्दी-जुकाम की दवा और 500 मिलीग्राम वाली पैरासिटामोल की गोलियां खरीदीं।
- लेकिन उन्हें यह पता नहीं था कि जिस पैरासिटामोल के साथ वह सर्दी-जुकाम की दवा ले रहे हैं, उसमें भी 250 मिलीग्राम पैरासिटामोल मौजूद होता है। यानी वह एक साथ दो अलग-अलग दवाओं के जरिए पैरासिटामोल ले रहे थे। कुछ ही दिनों में इस छोटी-सी गलती ने उनके कई अंगों को डैमेज करना शुरू कर दिया।
- मसलन जाने-अनजान पैरासिटामोल की ओवरडोज ने ऐसी स्थिति लाकर खड़ी कर दी जिसके कारण उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ गया।
पैरासिटामोल की अधिकतम डोज क्या है?
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट में पता चलता है कि ब्रिटेन में पैरासिटामोल की ज्यादा मात्रा लेना आम समस्या है, ये समस्या दुनिया के कई अन्य देशों में भी देखी जा रही है। अकेले ब्रिटेन में हर साल करीब 1 लाख लोग इसकी ओवरडोज से जुड़ी परेशानी के कारण अस्पताल के आपातकालीन विभाग तक पहुंचते हैं।
- मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि हर चार में से एक व्यक्ति अधिकतम मात्रा से ज्यादा पैरासिटामोल ले रहा है।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, 24 घंटे में पैरासिटामोल की आमतौर पर 500 मिलीग्राम की आठ गोलियां यानी कुल 4,000 मिलीग्राम की मात्रा दी जा सकती है। हालांकि ये अधिकतम है। इससे ज्यादा लेना गंभीर और कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकता है।
- ब्रिटेन में हर साल करीब 150 से 250 लोगों की मौत पैरासिटामोल की ओवरडोज के कारण होने की बात सामने आती है।
ज्यादा पैरासिटामोल शरीर में क्या करता है?
पैरासिटामोल की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाने पर शरीर में एक जहरीला पदार्थ बनने लगता है, जिसे एन-एसिटाइल-पी-बेंजो क्विनोन इमाइन यानी एनएपीक्यूआई कहा जाता है।
- सामान्य मात्रा में शरीर इस जहरीले पदार्थ को बेअसर कर सकता है। लेकिन जब पैरासिटामोल बहुत ज्यादा मात्रा में शरीर में पहुंच जाता है तो एनएपीक्यूआई की मात्रा भी बढ़ जाती है।
- ये लिवर पर गंभीर दबाव बढ़ाता है। ज्यादा मात्रा में यह लिवर को बुरी तरह नुकसान पहुंचा सकता है और गंभीर स्थिति में लिवर फेलियर तक हो सकता है।
पैरासिटामोल की ओवरडोज के शुरुआती लक्षण भी कई बार भ्रमित कर सकते हैं। शुरुआत में यह समस्या सर्दी-जुकाम जैसी ही लग सकती है, जबकि इसी वजह से लोग पैरासिटामोल लेते हैं। इसे ठीक करने के लिए और ज्यादा पैरासिटामोल लेना मुश्किलों को और भी बढ़ाने लग जाता है। गंभीर मामलों में लिवर काम करना बंद करने की स्थिति में पहुंच सकता है।
राइली ने बताया कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह पैरासिटामोल की जरूरत से ज्यादा मात्रा ले रहे हैं। पिछले साल मार्च में वह हर चार घंटे में दोनों दवाओं की दो-दो गोलियां ले रहे थे। वह ऐसा चार या पांच दिनों तक करते रहे। इस तरह उन्होंने रोजाना करीब 9,000 मिलीग्राम पैरासिटामोल ले लिया। इसके कारण उनके पेट में तेज दर्द रहने लगा और वह खाना तक नहीं रख पा रहे थे। बाद में जब इसकी जांच की गई तो इसमें लिवर में गड़बड़ी का पता चला।
डॉक्टरों के मुताबिक ऐसी स्थिति में पहुंचने वाले करीब 80 प्रतिशत तक मरीजों की जान नहीं बच पाती। हालांकि समय रहते डॉक्टरों के प्रयास से राइली की जान बचाई गई। अब घटना के करीब डेढ़ साल बाद राइली फिर से सामान्य जिंदगी जी रहे हैं।
तो क्या पैरासिटामोल लेना बंद कर देना चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पैरासिटामोल इतनी आसानी से उपलब्ध सस्ती है कि लोग हर छोटी-छोटी समस्या होने पर तुरंत इसे मेडिकल स्टोर से लाकर खा लेते हैं। आमतौर पर इसे सुरक्षित दवा भी माना जाता है। डॉक्टर कहते हैं, ऐसा नहीं है कि आपको पैरासिटामोल लेना बंद कर देना चाहिए, पर इसकी मात्रा को लेकर हमेशा अलर्ट रहना जरूरी है।
जिन लोगों को पहले लिवर-किडनी या कोई अन्य गंभीर बीमारी है उन्हें बार-बार ओवर-द-काउंटर दवा लेने से बचान चाहिए। कई बार आप नहीं जानते कि शरीर के भीतर दवाओं का क्या प्रभाव हो रहा होता है?
--------------
स्रोत:
Newport student had organ failure and nearly died after overdosing on paracetamol
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।