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Muharram 2026 Date: 2026 में मुहर्रम कब है? जानिए तारीख, महत्व और कर्बला की पूरी कहानी

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवानी अवस्थी Updated Thu, 25 Jun 2026 01:30 PM IST
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सार

Ashura 2026 Date India : इस साल मुहर्रम (आशूरा) भारत में 26 जून 2026 को मनाए जाने की संभावना है। यह इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और इमाम हुसैन की कर्बला में शहादत की याद में श्रद्धा, शोक, रोजा, दुआ और धार्मिक आयोजनों के साथ मनाया जाता है।

Muharram Kab Hai 2026 Date History Significance In Hindi
मुहर्रम कब है 2026 - फोटो : AI
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विस्तार

Muharram Kab Hai 2026: इस्लाम धर्म में मुहर्रम साल के सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। यह इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना होता है और इसी के साथ नए हिजरी वर्ष की शुरुआत होती है। मुहर्रम केवल नए साल का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह त्याग, बलिदान, सत्य और न्याय की याद दिलाने वाला महीना भी माना जाता है। दुनिया भर के करोड़ों मुस्लिम इस महीने को श्रद्धा, इबादत और आत्मचिंतन के साथ मनाते हैं।



मुहर्रम के दसवे दिन को आशूरा कहा जाता है। इसे विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद किया जाता है। वर्ष 680 ईस्वी में हुई कर्बला की घटना इस्लामी इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में गिनी जाती है, जिसने सत्य और न्याय के लिए संघर्ष का संदेश दिया।

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हर साल मुहर्रम की तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है, इसलिए इसमें बदलाव संभव होता है। ऐसे में 2026 में मुहर्रम कब मनाया जाएगा, इसका महत्व क्या है और इस दिन लोग क्या करते हैं, यह जानने की उत्सुकता कई लोगों में रहती है। 

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2026 में मुहर्रम कब है?

इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, मुहर्रम के दसवें दिन को आशूरा कहते हैं जो इस वर्ष 26 जून, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। इस साल इस्लामी नववर्ष 17 जून से शुरू हुआ। इस दिन नए इस्लामी साल 1448 हिजरी की शुरुआत हुई है। वहीं 26 जून 2026 को हजरत इमान की शहादत का दिन यानी यौमे आशूरा मनाया जा रहा है।


मुहर्रम क्यों मनाया जाता है?

कुछ लोग इसे गम का महीना मानते हैं। माह की 10वीं  तारीख को यौम-ए-आशूरा के नाम से जाना जाता है। इस दिन हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी। उनकी याद में मुहर्रम के 10वें दिन को लोग मातम के रूप में मनाते है, जिसे आशूरा कहते हैं।

कर्बला की घटना क्या थी?

680 ईस्वी में वर्तमान इराक के कर्बला में इमाम हुसैन और उनके समर्थकों का सामना शासक यज़ीद की सेना से हुआ। संख्या में बहुत कम होने के बावजूद इमाम हुसैन ने अन्याय के आगे झुकने से इनकार कर दिया और शहादत स्वीकार की। हजरत इमाम हुसैन अपने 72 साथियों के साथ इसी माह के 10वें दिन कर्बला के मैदान में शहीद हो गए। उनकी शहादत और कुर्बानी के तौर पर इस दिन को याद किया जाता है।


मुहर्रम कैसे मनाया जाता है?

  • मुहर्रम मनाने के तरीके अलग-अलग मुस्लिम समुदायों में भिन्न हो सकते हैं।
  • लोग इमाम हुसैन की शहादत और कर्बला की घटनाओं को याद करने के लिए धार्मिक सभाओं में शामिल होते हैं।
  • कई स्थानों पर ताजिया निकाले जाते हैं और शोक जुलूस आयोजित किए जाते हैं, जिनमें लोग कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं।
  • कई मुस्लिम आशूरा के दिन रोजा रखते हैं। सुन्नी परंपरा में आशूरा के रोजे का विशेष महत्व बताया गया है।
  • कई लोग इस अवसर पर जरूरतमंदों की सहायता, भोजन वितरण और सामाजिक सेवा कार्यों में भाग लेते हैं। 


मुहर्रम का महत्व

मुहर्रम इस्लाम के चार पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। यह महीना आत्मचिंतन, इबादत, संयम और अच्छे कार्यों के लिए विशेष माना जाता है। कई मुस्लिम इस दौरान अतिरिक्त नमाज, रोजा और दुआ का पालन करते हैं।

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