फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Sharad Purnima Kab Hai 2026 Date Significance And Kheer Ritual In Hindi

शरद पूर्णिमा 2026: शरद पूर्णिमा कब है? जानिए तारीख, पूजा का महत्व और खीर रखने की परंपरा

Fri, 23 Oct 2026 01:27 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Fri, 23 Oct 2026 01:27 PM IST
सार

Sharad Purnima Kab Hai 2026: शरद पूर्णिमा आस्था, पूजा और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। साल 2026 में यह 25 अक्टूबर को मनाई जाएगी। मां लक्ष्मी की आराधना और चांदनी में खीर रखने की परंपरा इस त्योहार को खास बनाती है।

विज्ञापन
Sharad Purnima Kab Hai 2026 Date Significance And Kheer Ritual In Hindi
शरद पूर्णिमा कब है - फोटो : AI

विस्तार

Sharad Purnima 2026: हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व चंद्रमा की चमक, मां लक्ष्मी की पूजा और चांदनी में खीर रखने की परंपरा से जुड़ा है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सभी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। इसी वजह से इस रात को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से खास माना जाता है। कई जगहों पर इसे कोजागरी पूर्णिमा, रास पूर्णिमा और शरद पूनम के नाम से भी जाना जाता है। 

विज्ञापन


अगर आप भी जानना चाहते हैं कि साल 2026 में शरद पूर्णिमा कब मनाई जाएगी, इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा क्यों की जाती है और खीर को चांदनी में रखने के पीछे क्या मान्यता है, तो आइए जानते हैं इस पर्व से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें।
विज्ञापन

  • शरद पूर्णिमा 2026 में कब है?

पंचांग के अनुसार, साल 2026 में शरद पूर्णिमा रविवार, 25 अक्टूबर को मनाई जाएगी। नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह लगभग 11:55 बजे शुरू होगी और 26 अक्टूबर को सुबह लगभग 9:41 बजे समाप्त होगी। चंद्रमा की पूजा और खीर रखने की परंपरा के लिए 25 अक्टूबर की रात महत्वपूर्ण है। अलग-अलग शहरों में पूजा के मुहूर्त और चंद्रोदय के समय में अंतर हो सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

  • शरद पूर्णिमा का क्या है धार्मिक महत्व?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी की पूजा करने और जागरण करने का विशेष महत्व है। कोजागरी परंपरा में रात में जागकर देवी लक्ष्मी की आराधना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। हालांकि, ये धार्मिक आस्थाएं हैं और इनके फल की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती।

  • शरद पूर्णिमा पर चांदनी में क्यों रखी जाती है खीर?

शरद पूर्णिमा की सबसे प्रसिद्ध परंपराओं में से एक है दूध और चावल से बनी खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखना। धार्मिक मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की किरणों में अमृत जैसा गुण होता है। इसी विश्वास के कारण खीर को चांदनी में रखकर बाद में प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। इस मान्यता की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है। खीर को साफ बर्तन में ढककर रखें और दूध से बनी चीज को लंबे समय तक सामान्य तापमान पर छोड़ने से बचें।


  • शरद पूर्णिमा पर कैसे करें पूजा?

इस दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और अपनी परंपरा के अनुसार पूजा की तैयारी करें। मां लक्ष्मी और चंद्र देव की आराधना करें। शाम या रात में चंद्रमा के दर्शन होने पर प्रार्थना कर सकते हैं। खीर का भोग लगाना भी कई परिवारों की परंपरा का हिस्सा है। पूजा के लिए अपने स्थानीय पंचांग और परिवार की रीति का ध्यान रखें।


शरद पूर्णिमा पर क्या करें और क्या ध्यान रखें?

  • घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई रखें।
  • अपनी परंपरा के अनुसार मां लक्ष्मी की पूजा और दान-पुण्य करें।
  • खीर को स्वच्छ और सुरक्षित तरीके से तैयार करें।
  • पूजा के मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग देखें।
  • धार्मिक मान्यताओं को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित स्वास्थ्य लाभ न समझें।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed