Places To Visit Near Jagannath Temple: जगन्नाथ रथ यात्रा पर जा रहे हैं? दर्शन के बाद इन जगहों की भी करें सैर
Jagannath Rath Yatra Tourist Places: जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान पुरी में कौन-कौन सी जगहें घूम सकते हैं?
रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु जगन्नाथ मंदिर के अलावा गोल्डन बीच, कोणार्क सूर्य मंदिर, चिलिका झील, गुंडिचा मंदिर, लोकनाथ मंदिर, रघुराजपुर हेरिटेज विलेज, स्वर्गद्वार बीच और मार्कंडेय टैंक जैसी प्रसिद्ध जगहों की भी सैर कर सकते हैं।
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Puri Travel Guide: 16 जुलाई 2026 को विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा आयोजित हो रही है। ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा दुनिया के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक आयोजनों में से एक है। हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। रथ यात्रा में शामिल होने के लिए भारत से ही नहीं विदेशों से भी भक्त आते हैं। यहां वे जगन्नाथ धाम के दर्शन भी करते हैं।
हालांकि पुरी केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सुंदरता, समुद्र तट, ऐतिहासिक धरोहर और कला-संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। जगन्नाथ मंदिर के आसपास कई खूबसूरत और शानदार स्थल है, कुछ तो विश्व धरोहरों की सूची में भी शामिल हैं।
अगर आप रथ यात्रा के दौरान पुरी जाने की योजना बना रहे हैं, तो केवल मंदिर दर्शन तक ही अपनी यात्रा सीमित न रखें। आसपास कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जहां जाकर आपकी यात्रा और भी यादगार बन सकती है। शांत समुद्र तट, विश्व प्रसिद्ध मंदिर, हस्तशिल्प गांव और एशिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील इस यात्रा को आध्यात्मिक के साथ-साथ पर्यटन का भी शानदार अनुभव बना देते हैं।
यहां हम आपको ऐसी 8 जगहों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें रथ यात्रा के दौरान अपनी यात्रा सूची में जरूर शामिल करना चाहिए।
गोल्डन बीच
- पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर से गोल्डन बीच की दूरी लगभग 1.5 से दो किमी है।
- यहां आप आटो या साइकिल रिक्शा के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं।
- यहां का साफ-सुथरा समुद्र तट पर्यटकों को पसंद आता है।
- आप यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का शानदार नजारा देखने जा सकते हैं।
कोणार्क सूर्य मंदिर
- कोणार्क सूर्य मंदिर पुरी से लगभग 35-36 किमी दूर है।
- आप मरीन ड्राइव रोड से होते हुए यहां पहुंच सकते हैं।
- यहां प्राचीन वास्तुकला, खगोल विज्ञान और इंजीनियरिंग का बेजोड़ संगम देखने को मिलता है।
- इस मंदिर को ऐसे बनाया गया है कि सूर्य की किरणें सीधे गर्भगृह तक पहुंचती हैं।
- मंदिर भगवान सूर्य के रथ के आकार का बना है, जिसे 7 शक्तिशाली घोड़े खींचते हुए प्रतीत होते हैं।
- इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है।
चिलिका झील
- यह एशिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील और लैगून है।
- यह भारत में एकमात्र ऐसी जगह है जहां इरावदी डाॅल्फिन अपने प्राकृतिक आवास में पाई जाती है।
- झील के बीच स्थित एक द्वीप पर कालीजय माता मंदिर स्थित है।
- यह झील डॉल्फ़िन देखने और बोटिंग के लिए प्रसिद्ध है।
गुंडिचा मंदिर
- ओडिशा के पुरी में स्थित गुंडिचा मंदिर को भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर कहा जाता है।
- यह मंदिर जगन्नाथ धाम से लगभग 3 किमी दूर है।
- रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ का विश्राम स्थल माना जाता है।
रघुराजपुर हेरिटेज विलेज
- पत्ताचित्र कला और पारंपरिक ओडिशी संस्कृति का शानदार केंद्र है।
- यह स्थान अपनी पारंपरिक पट्टाचित्र पेंटिंग, ताड़ के पत्तों पर नक्काशी और ओडिसी नृत्य के के लिए जाना जाता है।
- इस गांव के हर घर में एक कलाकार रहता है।
- हर घर किसी कला स्टूडियो से कम नहीं है
- साल 2000 में इसे ओडिशा का पहला हेरिटेज विलेज घोषित किया गया और 2023 में भारत का सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का सम्मान मिला।
- यह स्थान पुरी शहर से लगभग 14 किमी दूर है।