Peaceful Temples in India: भारत के कौन से मंदिर सबसे शांत माने जाते हैं? यहां मन को मिलता है सुकून
Peaceful Temples In India: तुंगनाथ से लेकर महाबोधि और ओंकारेश्वर तक, भारत में कई ऐसे मंदिर हैं, जहां दर्शन से पहले ही मन शांत और स्थिर हो जाता है। यहां पहुंचकर ही ऐसा प्रतीत होता है कि मानो जीवन से तनाव कम हो गया हो।
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Peaceful Temple In India: कुछ मंदिर ऐसे होते हैं जहां पहुंचते ही शोर खत्म हो जाता है और मन को शांति मिलती है। भारत के इन मंदिरों में बेचैनी और जल्दीबाजी पीछे छूट जाती है। यहां की भीड़ भी आपको परेशान नहीं करती, बल्कि दौड़भाग भरी जिंदगी में सुकून देती है। चाहे केदारनाथ की ठंडी हवा हो या तिरुवन्नामलै की गहरी शांति या फिर तुंगनाथ की ऊंचाई, यह सब मन को स्थिर कर देते हैं। यहां पूजा से पहले ही ध्यान शुरू हो जाता है। अगर आप भी जीवन की दौड़ में थोड़ी देर ठहरकर खुद से मिलना चाहते हैं, तो ये मंदिर मन की शांति के लिए सबसे उपयुक्त हैं।
आइए जानते हैं भारत के उन मंदिरों के बारे में जहां दर्शन से पहले ही मन को शांति महसूस होने लगती है।
भारत के शांत मंदिर
तुंगनाथ मंदिर, उत्तराखंड
- दुनिया का सबसे ऊंचाई पर स्थित शिव मंदिर
- कम भीड़, खुला आकाश और गहरी शांति
- ध्यान और आत्मचिंतन के लिए आदर्श स्थान
केदारनाथ मंदिर, उत्तराखंड
- हिमालय की गोद में बसा ज्योतिर्लिंग
- ठंडी हवा और घंटियों की धीमी ध्वनि
- दर्शन से पहले ही मन स्थिर हो जाता है
तिरुवन्नामलै अरुणाचलेश्वर मंदिर, तमिलनाडु
- आत्मबोध और मौन साधना के लिए प्रसिद्ध
- गिरिप्रदक्षिणा को चलती हुई ध्यान प्रक्रिया माना जाता है
- यहां शांति अनुभव की जाती है, समझाई नहीं जाती
महाबोधि मंदिर, बोधगया (बिहार)
- भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली
- ध्यान करते साधक और शांत वातावरण
- मानसिक तनाव कम करने में सहायक
ओंकारेश्वर मंदिर, मध्य प्रदेश
- नर्मदा नदी के बीच स्थित ज्योतिर्लिंग
- नदी की निरंतर धारा मन को स्थिर करती है
- शाम की आरती विशेष रूप से शांतिदायक
शिरडी साईं बाबा मंदिर, महाराष्ट्र
- “श्रद्धा और सबूरी” का जीवंत उदाहरण
- बैठकर मौन में समय बिताने का अवसर
- आस्था के साथ मानसिक सुकून
तवांग मठ, अरुणाचल प्रदेश
- पहाड़ों के बीच बसा बौद्ध मठ
- शोर-शराबे से दूर, पूरी तरह शांत
- ध्यान, मौन और आत्मअनुशासन का केंद्र