Lohri 2026: इस लोहड़ी पर मुंबई में कहां जाएं? ये गुरुद्वारे देंगे सुकून और आशीर्वाद
Gurudwaras in Mumbai to Visit on Lohri 2026 : अगर आप मुंबई में रहते हैं लेकिन लोहड़ी पर पंजाब जैसा माहौल और उत्साह देखना चाहते हैं तो इसी महानगर के कुछ गुरुद्वारे जाएं। लोहड़ी पर यहां अरदास के साथ ही सुकून भी मिलता है।
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Gurudwaras in Mumbai to Visit on Lohri 2026: लोहड़ी सिर्फ पंजाब का पर्व नहीं रहा, यह त्योहार मेहनत, परिवार और नई शुरुआत में विश्वास का पर्व है। सिख धर्म के अनुयायी इस दिन गुरुद्वारे जाते हैं। अगर आप मुंबई जैसे महानगर के रहने वाले हैं तो यहां लोहड़ी का जश्न अलग ही होता है। तेज रफ्तार के बीच लोहड़ी के मौके पर मुंबई के लोग सुकून की तलाश और पर्व का उत्सव मनाने के लिए कुछ खास गुरुद्वारों में जाते हैं। इस दिन गुरुद्वारों में मत्था टेकना, कड़ाह प्रसाद लेना और “वाहेगुरु” के नाम में खुद को खो देना,यह परंपरा आज भी उतनी ही जीवित है। लोहड़ी 2026 पर अगर आप मुंबई में हैं, तो इन प्रसिद्ध गुरुद्वारों में जरूर जाएं, जहां श्रद्धा के साथ-साथ सामुदायिक अपनापन भी महसूस होता है।
श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा, दादर
- मुंबई का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित गुरुद्वारा।
- लोहड़ी के दिन यहां विशेष अरदास, कीर्तन और लंगर का आयोजन होता है।
- शाम के समय गुरुद्वारे के प्रांगण में लोहड़ी की आग जलाई जाती है
- एक-दूसरे को मूंगफली, रेवड़ी और गुड़ बांटते हैं।
- यह जगह मुंबई की पंजाबी संगत की धड़कन मानी जाती है।
गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार, बांद्रा ईस्ट
- शांत माहौल और अनुशासित सेवा के लिए प्रसिद्ध।
- लोहड़ी पर यहां परिवारों की अच्छी-खासी भीड़ रहती है।
- कीर्तन की मधुर आवाज़ और लंगर की सादगी इस गुरुद्वारे को खास बनाती है।
- बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह जगह बेहद अनुकूल मानी जाती है।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, अंधेरी ईस्ट
- वर्किंग क्लास और युवाओं के बीच लोकप्रिय।
- लोहड़ी पर यहां सामूहिक अरदास के साथ समाज सेवा पर विशेष ज़ोर दिया जाता है।
- जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण और विशेष लंगर इस गुरुद्वारे की पहचान है।
गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब, चेंबूर
- यह गुरुद्वारा सादगी और श्रद्धा के लिए जाना जाता है।
- लोहड़ी के दिन यहां पारंपरिक पंजाबी माहौल देखने को मिलता है।
- कीर्तन, कथा और सेवा, तीनों का संतुलन इस स्थान को खास बनाता है।
गुरुद्वारा गुरु नानक साहिब, खारघर (नवी मुंबई)
- मुंबई से थोड़ी दूरी पर स्थित यह गुरुद्वारा लोहड़ी पर विशेष आकर्षण बन जाता है।
- खुले परिसर में लोहड़ी की आग, सामूहिक अरदास और विशाल लंगर का आयोजन
- यहां आकर लगता है जैसे महानगर से निकलकर किसी शांत तीर्थ में पहुंच गए हों।