आंखें ईश्वर का अनमोल तोहफा हैं, जिनकी मदद से हम इस दुनिया की खूबसूरती का आनंद ले पाते हैं। हालांकि इस अद्भुत आनंद से लाखों लोग वंचित रह जाते हैं। दुनियाभर में जिस तरह से आंखों से संबंधित समस्याओं का जोखिम बढ़ता जा रहा है, ये खतरा और भी बढ़ गया है।
Alert: कम उम्र में ही क्यों कमजोर हो रही है आंखों की रोशनी? डॉक्टर ने बताए इसके तीन सबसे बड़े कारण
- लाइफस्टाइल की गड़बड़ी ने आंखों को भी बहुत नुकसान पहुंचाया है। अब 5-6 साल के बच्चों में भी मायोपिया जैसी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ पियूष शर्मा कहते हैं, इसका सबसे बड़ा कारण बदलती जीवनशैली, मोबाइल का बढ़ता इस्तेमाल और आंखों को पर्याप्त आराम न मिल पाना है।
- मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन पर लंबे समय तक देखने से आंखों की मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ता है, जिससे आंखें जल्दी थक जाती हैं।
- इसके अलावा लोगों की आउटडोर एक्टिविटी कम होना, सही पोषण न मिल पाना और नियमित रूप से आंखों की जांच न कराने के कारण भी समस्या बढ़ती जा रही है।
मोबाइल-कंप्यूटर का ज्यादा इस्तेमाल ठीक नहीं
नेत्र विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए तो बचपन में शुरू हुई आंखों की समस्याएं आगे चलकर गंभीर नेत्र रोगों का कारण बन सकती है। इतना ही नहीं आपकी रोशनी भी हमेशा के लिए जा सकती है।
- डॉक्टरों के अनुसार कम उम्र में आंखों की रोशनी कमजोर होने का सबसे बड़ा कारण मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप और टीवी जैसी डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग है।
- जब हम लंबे समय तक पास की स्क्रीन देखते हैं, तो आंखों को बार-बार फोकस बदलने में दिक्कत होती है जिससे चीजें धुंधली दिखने की समस्या हो सकती है।
- लगातार स्क्रीन देखने से पलकों का झपकना भी कम हो जाता है, जिससे आंखों में सूखापन बढ़ने लगता है।
आउटडोर गतिविधि कम होना नुकसानदायक
विशेषज्ञ बताते हैं कि पहले की तुलना में अब लोगों को ज्यादातर समय बंद कमरों में या ऑफिस में बीतता है, इसका भी आंखों की सेहत पर बुरा असर होता है।
- लगातार घर के अंदर रहना आंखों पर नकारात्मक असर डालता है।
- आंखों के डॉक्टर बताते हैं कि आउटडोर एक्टिविटी की कमी एक बड़ा कारण है, जिसकी वजह से कम उम्र में बच्चों को नजर का चश्मा लगाना पड़ रहा है।
लाइफस्टाइल की गड़बड़ी
आंखों की रोशनी कमजोर होने के पीछे गलत खानपान और बिगड़ी दिनचर्या भी जिम्मेदार है।
- आहार में जंक फूड की मात्रा बढ़ गई है, जिससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं।
- विटामिन-ए, ओमेगा-3 फैटी एसिड, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व आंखों की रोशनी बेहतर करने के लिए जरूरी माने जाते हैं।
- इसके अलावा नींद पूरी न होना और आंखों को पर्याप्त आराम न मिलना भी आंखों की थकान और रोशनी कमजोर होने का कारण बनता है।
- पोषण की कमी और अनियमित दिनचर्या से आंखों की कोशिकाएं कमजोर होने लगती हैं, जिसका असर सीधे नजर पर पड़ता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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