Parliament Budget Session Live: लोकसभा की कार्यवाही कल तक स्थगित; विदेश मंत्री ने NSA डोभाल-CDS के साथ बैठक की
Parliament Budget Session Lok Sabha Rajya Sabha LIVE News Updates: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हुआ। हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया में उपजी तनावपूर्ण स्थिति पर बयान दिया। उन्होंने ईरानी युद्धपोत को भारत में पनाह दिए जाने पर भी जानकारी दी। संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही से जुड़े तमाम अपडेट्स अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें...
लाइव अपडेट
लोकसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक स्थगित
हंगामा न थमने के कारण लोकसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।पीयूष गोयल का कांग्रेस पर प्रहार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की मांग पर यह नोटिस स्वीकार किया गया था। उनके अनुसार, कांग्रेस से चर्चा करने के बाद तय किया गया कि इसे आज संसद में चर्चा के लिए लाया जाएगा।गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक नई रणनीति के साथ आती है, जिसमें संसद की प्रक्रियाओं और संविधान का कोई सम्मान नहीं होता। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने विपक्ष के नेता बनते ही संसद चलाने की इच्छा खो दी है। वे पूर्व-निर्धारित रणनीतियों के तहत प्लेकार्ड लेकर आते हैं, सदन में व्यवधान डालते हैं और बिना ठोस आधार के समय बर्बाद करते हैं। उनके अनुसार, उनके ही गठबंधन के सदस्य भी इस बहस में भाग लेने से कतराते हैं।
#WATCH | Delhi: On the no-confidence motion against Lok Sabha Speaker Om Birla, Union Minister Piyush Goyal says, "The notice was admitted at the Congress party's request. After discussing it with them, it was decided that it would be discussed today. There would be a debate on… pic.twitter.com/xWha75XM5y
— ANI (@ANI) March 9, 2026
गोयल ने इसे कांग्रेस की दिशाहीन और असफल विपक्षी पार्टी का प्रमाण बताया और कहा कि राहुल गांधी संविधान और संसदीय प्रक्रियाओं को न समझते हैं न ही उन्हें इसमें रुचि है। उन्होंने दावा किया कि उनके सहयोगी दल, DMK और TMC, भी अब इसे समझने लगे हैं, इसलिए उन्होंने आज की बहस में कांग्रेस का साथ नहीं दिया।
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर BJP का पलटवार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस और विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज, 9 मार्च को सदन में इस मुद्दे पर भाजपा, उनके सहयोगी दल और विपक्ष के बीच विस्तृत चर्चा होगी। संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष लगातार नए प्रस्ताव पेश कर संसद को बंधक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा "संभवतः कांग्रेस पार्टी और विपक्ष 'लूज मोशंस' से पीड़ित हैं।"#WATCH | Delhi: On the no-confidence motion against Lok Sabha Speaker Om Birla, BJP MP Sambit Patra says, "...Today, the date was set: when the House meets on March 9th, Bharatiya Janata Party, its allies, and the opposition, will have a thorough discussion on this matter. Today,… pic.twitter.com/HCjXVlRdiJ
— ANI (@ANI) March 9, 2026
इसी मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि आज सूचीबद्ध व्यवसाय में स्पष्ट रूप से लिखा है कि इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी। उन्होंने विस्तार से बताया कि जब कोई अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाता है, तो इसे समर्थन देने के लिए कम से कम 50 सदस्य खड़े होने चाहिए।
#WATCH | Delhi: On the no-confidence motion against Lok Sabha Speaker Om Birla, Union Minister Pralhad Joshi says, "Today, it's clearly written in the list of businesses that we will discuss it. They have to move the resolution. What is the procedure? When the resolution is… pic.twitter.com/uflYGO9PRi
— ANI (@ANI) March 9, 2026
जोशी ने सवाल उठाया कि जब सदन में अविश्वास प्रस्ताव पहले से है, तो दूसरी ओर नया प्रस्ताव या स्थगन प्रस्ताव कैसे लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की यह आदत पुरानी है पहले मांग करना और बाद में सदन की कार्यवाही बाधित करना। उन्होंने कहा कि संसद के संचालन के नियम बीएसी (बैज ऑफ ऑर्गनाइजेशनल कमिटी) में तय किए जाते हैं, और हर चर्चा उसी के अनुसार होनी चाहिए।
विपक्ष बोला- सरकार सवालों से बच रही
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जैसी स्थिति और बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने संसद में व्यापक चर्चा की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह कोई दलगत मुद्दा नहीं है और सरकार को इस मामले में विपक्ष को भी भरोसे में लेना चाहिए।#WATCH | Delhi | Congress MP KC Venugopal says," We need to discuss this issue of war situation in West Asia and of rising fuel prices. This is not a partisan matter. The govt has to take the Opposition also into confidence..." pic.twitter.com/haa1TbBZoi
— ANI (@ANI) March 9, 2026
वहीं, विदेश मंत्री के संसद में दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यदि सरकार संसद में बयान देने आती है, तो उसे विपक्ष के सवालों का जवाब भी देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सवालों का जवाब नहीं दिया गया, तो विपक्ष ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट किया।
#WATCH | Delhi: On EAM's statement in Parliament on the situation in West Asia, Shiv Sena (UBT) MP Priyanka Chaturvedi said, "If you come to Parliament today to give a statement, you should also answer the Opposition's questions. You are not taking any questions, so we walked… pic.twitter.com/PhJm1ZOJDn
— ANI (@ANI) March 9, 2026
संसद में विदेश मंत्री जयशंकर की अहम बैठक
संसद परिसर में विदेश मंत्री एस जयशंकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में मौजूदा सुरक्षा और कूटनीतिक हालात पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।पश्चिम एशिया की स्थिति पर संसद में चर्चा की मांग
पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर संसद में विदेश मंत्री के बयान को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि केवल एक बयान पढ़ देना और सदन के सदस्यों को सवाल पूछने या अपनी बात रखने का अवसर न देना उचित नहीं है।उन्होंने कहा कि मुख्य मुद्दा यह है कि सांसदों को इस विषय पर चर्चा करने का मौका मिलना चाहिए। उनके अनुसार, उनकी पार्टी की मांग भी यही थी कि इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर संसद में सार्थक बहस हो।
#WATCH | On EAM's statement in Parliament on the situation in West Asia, Congress MP Shashi Tharoor says,"...Just reading a statement without any opportunity to raise any questions is not fair to the members of the House. This is the principal issue here. What the party was… pic.twitter.com/oRKD4ToNtU
— ANI (@ANI) March 9, 2026
थरूर ने यह भी कहा कि सरकार को कम से कम संसद जैसे मंच का उपयोग करते हुए देश के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों की राय सुननी चाहिए, ताकि इस तरह के संवेदनशील विषयों पर व्यापक दृष्टिकोण सामने आ सके।
तेल खरीद पर अमेरिका के दबाव का आरोप
संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भारत की विदेश नीति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह तय करने की कोशिश कर रहा है कि भारत को तेल किस देश से खरीदना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि इस मुद्दे पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा विषय है।#WATCH | Delhi | Samajwadi Party MP Akhilesh Yadav says,"...The US is dictating whom we should buy oil from. There should be a discussion in Parliament on India's foreign policy." pic.twitter.com/Qezvtt2aw9
— ANI (@ANI) March 9, 2026
विपक्ष की नारेबाजी पर भड़के केंद्रीय मंत्री रिजिजू
लोकसभा में विपक्ष की नारेबाजी और हंगामे को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें खुद ही नहीं पता कि वे क्या करना चाहते हैं। रिजिजू ने कहा कि आज सदन में उसी प्रस्ताव पर चर्चा तय है जिसे विपक्ष ने ही पेश किया है, इसके बावजूद वे लगातार हंगामा कर रहे हैं।इसके बाद सदन की कार्यवाही संभाल रहे पीठासीन अध्यक्ष ने भी विपक्षी सदस्यों को फटकार लगाते हुए सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित हो गई है। जबकि राज्यसभा में कामकाज जारी है।
लोकसभा में विदेश मंत्री जयशंकर का जवाब
लोकसभा में पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने विपक्षी सांसदों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और हंगामा न करें। इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान में चल रहे संघर्ष पर सदन को जानकारी देना शुरू किया। हालांकि, विपक्ष के सांसदों ने लगातार 'वी वॉन्ट डिस्कशन' के नारे लगाते हुए हंगामा जारी रखा। जयशंकर ने कहा प्रभावित देशों से हम संपर्क कर रहे है। संवाद और कूटनीति से ही समाधान संभव है।विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना- जेपी नड्डा
भाजपा सांसद जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि देश के हित में किए जा रहे कामों के बावजूद विपक्ष समय-समय पर सदन से वॉक आउट करता है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया की परिस्थितियों और भारत की मंशा पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ और विस्तृत जानकारी दी है।जेपी नड्डा ने कहा एनर्जी और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विदेश मंत्री ने सभी सवालों का संतोषजनक जवाब दिया। दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना है। इसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार लगातार भारतीय नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्रिय है। जेपी नड्डा ने विपक्ष के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में वहीं बैठे रहोगे और घटते चले जाओगे।
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