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नेपाल बाढ़ के ताजा अपडेट: 1290 पहुंचा मौत का आंकड़ा, 600 बच्चे लापता; 10 दिन बाद सुरंग से आई जिंदगी की खबर
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Fri, 04 Sep 2026 03:28 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Fri, 04 Sep 2026 03:28 PM IST
खास बातें
नेपाल में बाढ़ के बाद हालात बदतर बने हुए हैं। हर दिन के साथ हताहतों की संख्या बढ़ती जा रही है, जबकि अभी भी हजारों लोग लापता हैं। वहीं, इस भीषण त्रासदी को झेलने वाले अब मानसिक रूप से पीड़ा झेल रहे हैं, जिसमें बच्चे से लेकर बड़े भी शामिल है। फिलहाल राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। यहां पढ़ें, नेपाल त्रासदी से जुड़े सभी अपडेट्स...
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नेपाल बाढ़ त्रासदी लाइव
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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लाइव अपडेट
02:17 PM, 04-Sep-2026
उजड़े गांवों को सुरक्षित जगह बसाने की तैयारी
- बाढ़ में रसुवा, नुवाकोट और धादिंग के करीब 15 बस्तियां तबाह हुई हैं। सरकार अब ऐसी जगहों की पहचान कर रही है, जहां प्रभावित परिवारों को भविष्य के बाढ़ खतरे से दूर बसाया जा सके। इसके लिए राष्ट्रीय योजना आयोग पुनर्निर्माण और सुरक्षित बस्तियों का मास्टर प्लान तैयार कर रहा है।
- प्रारंभिक आकलन के अनुसार करीब 16 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और 8,317 मकान नष्ट हुए हैं। राहत और बचाव के दौरान तैनात सुरक्षाकर्मियों व सरकारी कर्मचारियों को जोखिम भत्ता और भोजन खर्च मिलेगा। अभियान में घायल कर्मियों का मुफ्त इलाज होगा, जबकि जान गंवाने वाले कर्मियों के परिवारों को 10 लाख नेपाली रुपये की सहायता दी जाएगी।
02:17 PM, 04-Sep-2026
बाढ़ पीड़ित कारोबारियों को राहत पैकेज
नेपाल सरकार ने भीषण भोटेकोशी बाढ़ से प्रभावित कारोबारियों के लिए विशेष राहत पैकेज का एलान किया है। इसके तहत नष्ट हुए वाहन, मशीन और अन्य उपकरण बिना सीमा शुल्क के बदले जा सकेंगे। प्रभावित कारोबारियों के कर्ज के पुनर्गठन और सस्ता ऋण देने की भी व्यवस्था की जाएगी। बीमा कंपनियों को नुकसान के शुरुआती आकलन पर 50 प्रतिशत तक अग्रिम भुगतान करने को कहा गया है
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12:24 PM, 04-Sep-2026
लापता अमेरिकियों की तलाश के लिए परिवारों ने रूबियो से मांगी मदद
बाढ़ के बाद लापता अमेरिकी नागरिकों के परिवारों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो को पत्र लिखकर बचाव अभियान बढ़ाने की मांग की है। परिवारों के अनुसार, कम से कम 90 अमेरिकी नागरिकों का अब तक पता नहीं चला है। 29 अगस्त के पत्र पर लापता लोगों के परिजनों और दोस्तों ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने ऊंचाई वाले इलाकों में इस्तेमाल होने वाले विमान, खोज उपकरण, उपग्रह तस्वीरें, आपात संचार और अतिरिक्त बचाव दल भेजने की मांग की है। अधिकांश लापता लोग कैलाश यात्रा पर थे और उनका मार्ग रसुवा जिले से होकर तिब्बत में प्रवेश करता था। नेपाल में बाढ़ से मौतों का आंकड़ा शुक्रवार को 1,282 बताया गया, जबकि 4,700 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।12:23 PM, 04-Sep-2026
नेपाल में 9वें दिन भी सुरंग में फंसे लोगों की तलाश जारी, बाढ़ से 1290 मौतें
नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ के बाद त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे लोगों को खोजने और बचाने का अभियान नौवें दिन भी जारी है। बचाव दल सुरंग के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच नेपाल पुलिस के अनुसार, देश में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,290 हो गई है। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रहे हैं। सुरंग में फंसे लोगों की स्थिति को लेकर अभी भी चिंता बनी हुई है। बचावकर्मी उपलब्ध संसाधनों और उपकरणों की मदद से अभियान आगे बढ़ा रहे हैं।11:03 AM, 04-Sep-2026
कबीर और संजय को बचाव दल ने सुरंग सुरक्षित निकाला
नेपाल में भीषण भोटेकोशी बाढ़ के 10वें दिन बचाव दल ने त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग से दो मजदूरों को जिंदा बाहर निकाल लिया। उनकी पहचान 45 वर्षीय कबीर महारजन और 30 वर्षीय संजय साह के रूप में हुई है। महारजन परियोजना में मैकेनिकल सुपरवाइजर और साह फोरमैन के तौर पर काम कर रहे थे। नेपाल सेना के नेतृत्व में विशेष उपकरणों के साथ लगातार खोज अभियान चलाया जा रहा था। इससे पहले बचावकर्मियों ने सुरंग के भीतर से आवाजें सुनकर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित किया था। दोनों के जिंदा मिलने से बचाव अभियान को बड़ी सफलता मिली है।
11:02 AM, 04-Sep-2026
रासुवा-नुवाकोट में करीब 600 बच्चे लापता
तबाही का दायरा और गंभीर होता जा रहा है। रासुवा और नुवाकोट जिलों में करीब 600 बच्चे अब भी लापता हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1282 हो गई है, जबकि अलग-अलग इलाकों से 4798 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। यह बाढ़ नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के बाद आई थी।रासुवा में करीब 280 बच्चों के लापता होने की जानकारी है, जबकि नुवाकोट में 300 से 350 बच्चे अब भी नहीं मिले हैं। अकेले बिदुर नगरपालिका में करीब 250 बच्चे लापता हैं। स्थानीय शिक्षा अधिकारियों के अनुसार, संचार व्यवस्था टूटने के कारण सही आंकड़े जुटाने में मुश्किल आ रही है और नए लापता बच्चों की जानकारी लगातार मिल रही है। इस आपदा में दोनों जिलों के 22 शिक्षक और स्कूल कर्मचारी भी लापता हैं। रासुवा के 16 और नुवाकोट के छह शिक्षक इनमें शामिल हैं। बाढ़ से रासुवा, नुवाकोट और धादिंग के 22 स्कूल प्रभावित हुए हैं, जिनमें 12 पूरी तरह तबाह हो गए हैं।
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09:34 AM, 04-Sep-2026
भारत ने राहत सामग्री की नई खेप भेजी, 21.5 टन सामान लेकर पहुंचे दो C-130J विमान
- भारत ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत सामग्री की नई खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 21.5 टन राहत सामग्री लेकर भारतीय वायुसेना के दो सी-130J विमान काठमांडो पहुंच गए हैं। इस खेप में जरूरी राहत सामान के साथ फोरेंसिक किट और मेडिकल सप्लाई भी शामिल हैं।
- नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। भारत लगातार नेपाल के साथ समन्वय कर राहत सामग्री और जरूरी सहायता पहुंचा रहा है। नई खेप के जरिए बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ शवों की पहचान की प्रक्रिया में भी मदद मिलेगी।
09:28 AM, 04-Sep-2026
पीड़ितों के शवों की पहचान की प्रक्रिया पर क्या बोला विदेश मंत्रालय?
विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में भारतीय दूतावास ने 26 अगस्त की बाढ़ के पीड़ितों के शवों की पहचान की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी पहले ही साझा की थी। इसी प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए गृह मंत्रालय ने भारत में डीएनए प्रोफाइलिंग की सुविधा देने का फैसला किया है। नेपाल पुलिस की सलाह के अनुसार पहचान के लिए ऑटोसोमल एसटीआर डीएनए प्रोफाइलिंग कराई जा सकती है, हालांकि इसके लिए नेपाल की ओर से बताए गए तकनीकी मानकों का पालन करना होगा। इस संबंध में हेल्पलाइन नंबर +977 9841 6160 95 जारी किया गया है। तैयार डीएनए प्रोफाइल और नेपाल पुलिस द्वारा मांगी गई शुरुआती जानकारी ईमेल dnacodis@nepalpolice.gov.np पर भेजी जा सकती है। समन्वय के लिए इसकी एक प्रति भारतीय दूतावास के ईमेल eoikathmandufloodsupport@gmail.com पर भी भेजी जा सकती है। यह बाढ़ नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन से शुरू हुई थी, जिसने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई शहरों और गांवों में भारी तबाही मचाई।09:19 AM, 04-Sep-2026