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West Asia Conflict Live: मोजतबा ने फायरिंग रोकने का आदेश दिया; इस्राइल बोला- सीजफायर में हिजबुल्ला नहीं शामिल
Iran Israel US Conflict Live Updates: पश्चिम एशिया में एक महीने से भड़क रहा संघर्ष अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिका और इस्राइल के लगातार तेज होते हमलों ने हालात को विस्फोटक बना दिया है। आसमान में दहाड़ती मिसाइलें और शहरों में गूंजते धमाके तबाही का मंजर खड़ा कर रहे हैं। दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को दिया गया सख्त अल्टीमेटम हालात को और भड़का रहा है, जिससे पूरी दुनिया में बेचैनी और डर बढ़ गया है। ईरान का साफ इनकार कि वह दबाव में आकर बातचीत नहीं करेगा, टकराव को और खतरनाक बना रहा है। ऐसे में अब सबकी नजरें आज पर टिकी हैं, क्या यह दिन बड़े हमले और विनाश का संकेत बनेगा या हालात आखिरी वक्त पर संभलेंगे? अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...
लाइव अपडेट
मोजतबा ने सेना को फायरिंग रोकने का आदेश दिया
ईरान ने स्पष्ट किया है कि संघर्षविराम का मतलब युद्ध का अंत नहीं है और अगर शत्रु किसी भी तरह की कार्रवाई करता है तो उसके हाथ हमेशा हथियार पर रहेंगे। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति के बाद अपनी सभी सैन्य इकाइयों को गोलीबारी रोकने का निर्देश दिया। लेकिन साथ ही तेहरान ने यह भी स्पष्ट किया कि यह युद्ध का अंत नहीं है।राज्य संचालित इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) पर पढ़े गए एक बयान में खामेनेई ने कहा यह युद्ध का अंत नहीं है, लेकिन सभी सैन्य शाखाओं को सर्वोच्च नेता के आदेश का पालन करते हुए अपनी फायरिंग रोकनी चाहिए।
'बड़े पैसों की कमाई होगी': संघर्षविराम के बाद बोले ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर संदेश साझा करते हुए कहा कि ईरान के साथ संघर्षविराम समझौते को एक विश्व शांति के लिए बड़ा दिन करार दिया और कहा कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में यातायात व्यवस्था में मदद करेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा यह क्षण पश्चिम एशिया के लिए एक नए गोल्डन एज की शुरुआत का संकेत हो सकता है।उन्होंने आगे लिखा 'यहां कई सकारात्मक गतिविधियां होंगी। बड़े पैसों की कमाई होगी। ईरान पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू कर सकता है। हम हर प्रकार की सामग्री की आपूर्ति करेंगे और यह सुनिश्चित करने के लिए मौके पर रहेंगे कि सब कुछ सुचारू रूप से चले। मुझे भरोसा है कि ऐसा होगा।'
इस्राइल: अमेरिका‑ईरान सीजफायर पर समर्थन, लेकिन इसमें हिजबुल्ला नहीं शामिल
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो‑हफ्ते के युद्धविराम समझौते का समर्थन करता है, लेकिन यह समझौता लेबनान में हिजबुल्ला के खिलाफ जारी लड़ाई को कवर नहीं करता है। इस बात की जानकारी विश्व मीडिया एजेंसियों के रिपोर्ट में मिली है।नेतन्याहू कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस्राइल अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ युद्धविराम को आगे बढ़ाने का पक्ष लेता है, लेकिन लेबनान में हिजबुल्ला को निशाना बनाने वाली सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी और वह इस समझौते का हिस्सा नहीं है। इस कदम से स्पष्ट संदेश गया है कि सीजफायर का दायरा सिर्फ अमेरिका‑ईरान संघर्ष तक सीमित है और अन्य मोर्चों पर हमला जारी रहेगा।
अमेरिका पर साइबर हमले का भी दावा
ईरान से जुड़े साइबर समूहों की ओर से अमेरिका पर बड़े साइबर हमले का दावा भी सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावरों ने इंडस्ट्रियल सिस्टम्स में इस्तेमाल होने वाले प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर (PLC) को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि PLC सिस्टम्स किसी भी बड़े औद्योगिक सेटअप के दिमाग की तरह काम करते हैं। ये ऑटोमैटिक प्रोग्राम के जरिए मशीनों और प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। ऐसे में इन सिस्टम्स के प्रभावित होने से कई महत्वपूर्ण संचालन बाधित हो सकते हैं।ईरान में सरकार समर्थकों का उग्र प्रदर्शन
युद्धविराम की घोषणा के बाद भी ईरान की राजधानी में माहौल शांत नहीं दिखा। बुधवार सुबह तेहरान की सड़कों पर सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों का गुस्सा खुलकर सामने आया। प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने अमेरिका मुर्दाबाद, इस्राइल मुर्दाबाद और समझौता करने वालों के खिलाफ जैसे तीखे नारे लगाए।हालात उस समय और ज्यादा उग्र हो गए जब प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर अमेरिकी और इस्राइली झंडे जलाए। मौके पर मौजूद आयोजकों ने भीड़ को शांत करने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी करते रहे और गुस्सा कम होता नहीं दिखा।
तेहरान में युद्धविराम की खुशी: लोगों ने सड़कों पर झंडे लहराए और जश्न मनाया
ईरान की राजधानी तेहरान में लोग युद्धविराम की घोषणा के बाद खुशियों में झूम उठे। वीडियो में दिखा कि लोगों ने ईरानी झंडे लहराए, जयकारे लगाए और जश्न मनाया। यह पल खास इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि शहर पिछले कई हफ्तों से तीव्र हमलों और युद्ध की स्थिति से जूझ रहा था। लोगों की इस उत्सव भरी प्रतिक्रिया से यह साफ दिखाई देता है कि युद्धविराम की खबर ने आम नागरिकों के दिलों में राहत और उमंग पैदा कर दी है।
यूएई में मिसाइल हमले का खतरा, एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कहा है कि वह इस समय मिसाइल हमले के खतरे से निपट रहा है। देश की नेशनल इमरजेंसी, क्राइसिस एंड डिजास्टर अथॉरिटी ने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं और वे मिसाइल खतरे का जवाब दे रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और केवल सरकारी निर्देशों और अपडेट्स पर ध्यान दें। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और कई देशों पर हमले का खतरा बना हुआ है।
इराक ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम का स्वागत किया
इराक ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम का स्वागत किया है। इराक के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस कदम से क्षेत्र में तनाव कम होगा और सुरक्षा व स्थिरता मजबूत होगी। मंत्रालय ने कहा कि वह संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान का समर्थन करता है और सभी पक्षों से अपील की कि वे युद्धविराम का पूरी तरह पालन करें और किसी भी तरह की नई कार्रवाई से बचें।
गौरतलब है कि इस संघर्ष के दौरान इराक में ईरान समर्थक समूहों ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए, जबकि अमेरिका और इज़राइल ने भी ईरान से जुड़े लड़ाकों पर जवाबी कार्रवाई की। इसके अलावा, ईरान ने उत्तरी इराक में कुर्द विरोधी समूहों को भी निशाना बनाया।
इस्राइल भी युद्धविराम के लिए सहमत
एक अमेरिकी न्यूज चैनल ने व्हाइट हाउस के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया है कि इस्राइल भी युद्धविराम के लिए सहमत हो गया है। यह रिपोर्ट इस्राइल के सार्वजनिक प्रसारक कान ने भी प्रसारित की है। हालांकि इस्राइल या अमेरिकी अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।अमेरिका की अवसंरचना पर ईरान समर्थक हैकर्स का हमला, चेतावनी जारी
अमेरिका की साइबर सुरक्षा एजेंसी (CISA), एफबीआई और एनएसए ने मंगलवार को चेतावनी जारी की है कि ईरान समर्थक हैकर्स ने अमेरिकी अवसंरचना में सेंधमारी की है। अधिकारियों ने बताया कि इन हैकर्स ने इंटरनेट से जुड़े उपकरणों की कमजोरियों का फायदा उठाकर मशीनों और महत्वपूर्ण सेक्टरों के संचालन में दखल देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि हमलों का उद्देश्य संचालन को बाधित करना और आर्थिक नुकसान पहुंचाना था।
विवरण तो नहीं दिया गया, लेकिन एजेंसियों ने कहा कि जो भी अमेरिकी संस्थान इन उपकरणों का उपयोग करते हैं, उन्हें अपने साइबर सुरक्षा उपायों की जांच करनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान समर्थक हैकर्स और उनके सहयोगी समूह अमेरिका और इज़राइल के महत्वपूर्ण अवसंरचना जैसे बंदरगाह और जल संयंत्रों को निशाना बना सकते हैं।