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ईरान में जंग थमने के बाद पीएम शहबाज हुए ट्रोल?: यूजर्स ने पूछा- PAK पर US का कितना दबाव, किरकिरी का कारण क्या?

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Riya Dubey Updated Wed, 08 Apr 2026 10:55 AM IST
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सार

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की एक एक्स पोस्ट विवादों में आ गई। पोस्ट में ट्रंप से समय सीमा बढ़ाने और ईरान से होर्मुज खोलने की अपील की गई थी, लेकिन एडिट हिस्ट्री में ड्राफ्ट शब्द दिखने से इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठे।

Why is PM Shahbaz being trolled after the Iran war has ended?: How much pressure is the US putting on Pakistan
पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ - फोटो : ANI
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विस्तार

पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गई है। इस पोस्ट ने न सिर्फ उनकी कूटनीतिक भूमिका पर सवाल खड़े किए, बल्कि सोशल मीडिया पर उन्हें आलोचना और व्यंग्य का सामना भी करना पड़ा।
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दरअसल, शहबाज शरीफ ने मंगलवार को एक्स पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई की समयसीमा बढ़ाने की अपील की थी। उन्होंने लिखा था कि कूटनीति को आगे बढ़ने का मौका देने के लिए समय सीमा को दो सप्ताह तक बढ़ाया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का भी आग्रह किया था, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम है।
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एडिट हिस्ट्री ने खोली पोल

हालांकि, यह मामला तब और गंभीर हो गया जब यूजर्स ने पोस्ट की एडिट हिस्ट्री पर ध्यान दिया। सामने आए स्क्रीनशॉट्स में दिखा कि पोस्ट के शुरुआती वर्जन में 'Draft: Pakistan's PM message on X' जैसा टेक्स्ट मौजूद था। इससे यह अटकलें लगाई जाने लगीं कि यह संदेश पहले से तैयार ड्राफ्ट था और संभवतः सीधे पोस्ट करने से पहले उसे पूरी तरह संपादित नहीं किया गया।
 

अमेरिकी दखल होने की आशंका

पोस्ट में अमेरिका के कई प्रमुख नेताओं को टैग भी किया गया था, जिनमें डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, मध्य पूर्व के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल थे। इस वजह से विवाद और गहरा गया और लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि क्या यह संदेश पाकिस्तान की अपनी कूटनीतिक पहल का हिस्सा था या कहीं बाहर से तैयार किया गया था।

सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने यह भी दावा किया कि किसी देश के प्रधानमंत्री की टीम ड्राफ्ट में अपने देश का नाम इस तरह नहीं लिखती, जिससे शक और बढ़ गया। वहीं, कुछ लोगों ने यह तक आरोप लगाया कि यह ड्राफ्ट संभवतः ट्रंप की टीम से आया हो सकता है या व्हाइट हाउस के निर्देशों का हिस्सा रहा हो। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


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