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Barwani News: पहली बारिश में ढही 25 लाख की पुलिया, फसलें और चारा बहा, भ्रष्टाचार का आरोप
Mon, 18 Aug 2025 09:09 AM IST
बड़वानी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानी
Published by: बड़वानी ब्यूरो
Updated Mon, 18 Aug 2025 09:09 AM IST
सार
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया की डिजाइन गलत थी और निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार हुआ है। इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सहायक सचिव ने कहा कि पुलिया का निर्माण मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत हो रहा था और जांच के बाद ही लापरवाही व नुकसान का आकलन होगा।
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पुलिया बहने से खेतों में घुसा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में जहां एक ओर बीते तीन दिनों से रुक रुक कर भारी बारिश का दौर रहा। इससे जनजीवन अस्त व्यस्त नजर आया। जिले के पानसेमल ब्लॉक के ग्रामीण अंचल में एक निर्माणाधीन पुलिया पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई और उसका आधा हिस्सा पानी के बहाव में बह गया। जिसके बाद आस पास के किसानों के खेतों में पानी भर गया। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ और उनकी फसल और चारा इस पानी के साथ बह गया। इस घटना के बाद एक ओर उनके मुआवजे की मांग की जा रही है, तो वहीं ग्रामीणों के अनुसार इससे पुलिया निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की भी पोल खुल गई है। जिसकी उन्होंने पहले ही आशंका जताई थी।
बड़वानी जिले के पानसेमल जनपद के अंतर्गत आने वाले ग्राम जलगोन में करीब 25 लाख रुपये की लागत से एक पुलिया का निर्माण कार्य किया जा रहा है, लेकिन यह पुलिया पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। इसको लेकर ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया की डिजाइन ही गलत थी, जिसकी शिकायत उनके द्वारा पहले ही पंचायत को की जा चुकी थी, लेकिन पंचायत ने फिर भी वहां निर्माण कार्य जारी रखा था। वहीं, घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीण कपलेश्वर पाटिल, सुरेश पाटिल, रविन्द्र माली और अन्य किसानों ने बताया कि तेज बारिश के चलते उनके खेतों में पानी भर गया, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, किसान रमेश भीमराव पाटिल ने बताया कि उनके पशुचारे और खाद तक बह गए, इसके साथ ही खेतों में भी कटाव हो गया है। हालांकि इस घटना ने सरकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल जरूर उठा दिए हैं कि जहां निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ था और उससे पहले ही वह ढह गया। जिसके चलते इसमें कहीं न कहीं भ्रष्टाचार या लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।
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यही नहीं ग्राम की महिलाओं ने भी पंचायत पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि खोल गली में गंदगी फैली हुई है और नालियों की सफाई नहीं होने से पानी ग्राम के रास्तों में भर गया है। इधर इसको लेकर जहां सहायक सचिव रतिलाल बर्डे का कहना है कि पुलिया का निर्माण मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत हो रहा था। इसकी 60 प्रतिशत राशि जारी हो चुकी थी। वहीं उनके अनुसार पुलिया का निर्माण अभी प्रगतिरत ही था। ऐसे में अब जांच के बाद ही पता चलेगा कि किसकी लापरवाही से यह हादसा हुआ और किसानों को कितना नुकसान हुआ है।
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बड़वानी जिले के पानसेमल जनपद के अंतर्गत आने वाले ग्राम जलगोन में करीब 25 लाख रुपये की लागत से एक पुलिया का निर्माण कार्य किया जा रहा है, लेकिन यह पुलिया पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। इसको लेकर ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया की डिजाइन ही गलत थी, जिसकी शिकायत उनके द्वारा पहले ही पंचायत को की जा चुकी थी, लेकिन पंचायत ने फिर भी वहां निर्माण कार्य जारी रखा था। वहीं, घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीण कपलेश्वर पाटिल, सुरेश पाटिल, रविन्द्र माली और अन्य किसानों ने बताया कि तेज बारिश के चलते उनके खेतों में पानी भर गया, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, किसान रमेश भीमराव पाटिल ने बताया कि उनके पशुचारे और खाद तक बह गए, इसके साथ ही खेतों में भी कटाव हो गया है। हालांकि इस घटना ने सरकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल जरूर उठा दिए हैं कि जहां निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ था और उससे पहले ही वह ढह गया। जिसके चलते इसमें कहीं न कहीं भ्रष्टाचार या लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।
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यही नहीं ग्राम की महिलाओं ने भी पंचायत पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि खोल गली में गंदगी फैली हुई है और नालियों की सफाई नहीं होने से पानी ग्राम के रास्तों में भर गया है। इधर इसको लेकर जहां सहायक सचिव रतिलाल बर्डे का कहना है कि पुलिया का निर्माण मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत हो रहा था। इसकी 60 प्रतिशत राशि जारी हो चुकी थी। वहीं उनके अनुसार पुलिया का निर्माण अभी प्रगतिरत ही था। ऐसे में अब जांच के बाद ही पता चलेगा कि किसकी लापरवाही से यह हादसा हुआ और किसानों को कितना नुकसान हुआ है।
