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Bhind News: कार की किश्त से बचने के लिए दामाद और भाई ने की ससुर की हत्या, शव कार की डिग्गी में रखकर फेंका
Thu, 06 Aug 2026 10:16 PM IST
भिन्ड ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
Published by: भिन्ड ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2026 10:16 PM IST
सार
भिंड के मौ थाना क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल का पुलिस ने खुलासा करते हुए मृतक के सगे भाई और दामाद को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने कार की मासिक किश्त चुकाने से बचने के लिए पहले जहरीली दवा पिलाई, फिर गला घोंटकर हत्या कर दी। शव कार में घुमाकर सुनसान इलाके में फेंक दिया गया।
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भिंड पुलिस ने अंधे कत्ल का किया खुलासा
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विस्तार
भिंड जिले की मौ थाना पुलिस ने सनसनीखेज अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए मृतक के सगे भाई और दामाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पुरानी कार की मासिक किश्त चुकाने से बचने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद शव को कार की डिग्गी में रखकर पूरी रात घुमाया गया और अगले दिन सुनसान इलाके में फेंक दिया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कार, जहरीली दवा की शीशी, गला घोंटने में इस्तेमाल साफी और मृतक का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है।
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पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को ग्राम घमुरी की पुलिया के पास एक खेत में अतर सिंह जाटव का शव मिला था। सूचना मिलते ही मौ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मर्ग कायम कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन में विशेष जांच टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल, एसडीओपी गोहद महेंद्र सिंह गौतम और थाना प्रभारी रघुवीर मीणा के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई।
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पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अतर सिंह के नाम पर एक पुरानी कार खरीदी गई थी, जिसकी मासिक किश्त चुकाने की जिम्मेदारी थी। इसी जिम्मेदारी से बचने के लिए दामाद और मृतक के भाई ने मिलकर हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने 20 जुलाई की रात करीब 9:30 बजे अतर सिंह को पहले जबरन जहरीली दवा पिलाई। इसके बाद साफी से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। शव को कार की डिग्गी में रखकर दामाद अपने घर ले गया, जहां पूरी रात शव वाहन में ही पड़ा रहा।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अगले दिन आरोपी उसी कार से दंदरौआ मंदिर दर्शन करने गए। रात होने पर उन्होंने शव को घमुरी पुलिया के नीचे फेंक दिया और पहचान छिपाने के लिए मृतक का मोबाइल फोन रुपावई नदी में फेंक दिया। एसडीओपी रविंद्र वास्कले ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या में इस्तेमाल सामान भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और आरोपियों से अन्य पहलुओं पर भी पूछताछ जारी है।
