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MP Weather Today: एमपी में फिर बदलेगा मानसून का मिजाज, 6 अगस्त से तेज बारिश की वापसी, 16% बारिश की कमी बरकरार

Tue, 04 Aug 2026 07:06 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Tue, 04 Aug 2026 07:06 AM IST
सार

मध्य प्रदेश में अगले दो दिन भारी बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार 6 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के असर से मानसून फिर सक्रिय होगा और कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। फिलहाल प्रदेश में सामान्य से 16% कम बारिश दर्ज हुई है। 

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MP Weather Today: Monsoon pattern to shift again in MP; heavy rainfall returns from August 6; 16% rainfall def
मौसम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों से भारी बारिश का दौर थमने से मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सोमवार को केवल बादल छाए रहे और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग का अनुमान है कि 5 अगस्त तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा, लेकिन 6 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मानसून फिर सक्रिय होगा और कई जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है।
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बारिश का ग्राफ फिर गिरा
लगातार कई दिनों तक भारी बारिश नहीं होने का असर अब प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़ों पर भी दिखने लगा है। अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 404.2 मिमी (15.9 इंच) बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस समय तक 482 मिमी (19 इंच) बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में सामान्य से करीब 16 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
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पूर्वी मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा पिछड़ा
बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में दिखाई दे रहा है। जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग के सभी जिले सामान्य से पीछे हैं। इन क्षेत्रों में औसतन 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है। अनूपपुर से लेकर उमरिया तक कई जिलों में वर्षा की कमी 1 से 42 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई है।
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पश्चिमी हिस्से में भी राहत नहीं
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में भी सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। भोपाल, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, धार, मंदसौर, उज्जैन, शिवपुरी, ग्वालियर समेत कई जिले अभी भी बारिश के कोटे से पीछे चल रहे हैं। हालांकि बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खंडवा और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। खरगोन जिले का देजला-देवाड़ा जलाशय पूरी तरह भर चुका है और वहां स्पिलवे से पानी का बहाव शुरू हो गया है।

तीन सिस्टम मौजूद, असर नहीं
प्रदेश के ऊपर दो चक्रवाती परिसंचरण और एक मानसूनी द्रोणिका सक्रिय हैं, लेकिन इनका प्रभाव फिलहाल मध्य प्रदेश पर नहीं पड़ रहा है। इसी वजह से कई इलाकों में धूप निकली, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज हुई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 6 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद बारिश की गतिविधियां तेज होंगी।


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जून-जुलाई की कमी अब अगस्त पर भारी
इस मानसून सीजन में जून में 14 प्रतिशत और जुलाई में 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई थी। जुलाई के अंतिम सप्ताह में अच्छी बारिश के बावजूद शुरुआती कमी पूरी नहीं हो सकी। अब 3 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का घाटा बढ़कर 16 प्रतिशत पहुंच गया है।


 
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