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खंडवा उपचुनाव: 41 साल बाद इस सीट पर उपचुनाव, भाजपा-कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर, गांव-गांव घूमकर इंदिरा गांधी ने मांगा था समर्थन

खंडवा लोकसभा सीट पर छह बार से सांसद रहे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह के निधन के बाद उपचुनाव हो रहा है। इस सीट पर 41 साल बाद हो रहे उपचुनाव के लिए 30 अक्तूबर को वोट डाले जाएंगे। कांग्रेस ने पूर्व विधायक राजनारायण सिंह पुरनी को मैदान में उतारा है, वहीं, भाजपा ने ज्ञानेश्वर पाटिल को उम्मीदवार बनाकर ओबीसी कार्ड खेला है।   इस चुनाव में दोनों ही दलों के राष्ट्रीय नेता चुनाव प्रचार में शामिल नहीं हो रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इस सीट पर प्रदेश के सबसे बड़े स्टार प्रचारक हैं।

इससे पहले इस सीट पर 1979 में तत्कालीन सांसद परमानंद गोविंदवाला के निधन के बाद उपचुनाव हुए थे। तब जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे ने कांग्रेस के ठाकुर शिवकुमार सिंह को हराया था। उस उपचुनाव में इंदिरा गांधी गांव-गांव घूमी थीं, लेकिन वे शिवकुमार को नहीं जितवा सकीं, लेकिन ठीक एक साल बाद 1980 में हुए आम चुनाव में ठाकरे को हार का सामना करना पड़ा था।

नंदकुमार सिंह ने बनाया ज्यादा अंतरों से चुनाव जीतने का रिकॉर्ड
खंडवा लोकसभा सीट से सबसे ज्यादा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड नंदकुमार सिंह के नाम पर है। 2019 में इस लोकसभा सीट पर 79 फीसदी वोटिंग हुई थी। नंदकुमार चौहान ने कांग्रेस उम्मीदवार अरुण यादव को तीन लाख से ज्यादा मतों के अंतर से हराकर चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया था। भाजपा अब इस सीट को अपने हाथ से फिसलने नहीं देना चाहती है। भाजपा ने संसदीय क्षेत्र में जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए करीब ढाई दशक बाद ओबीसी चेहरा पर भरोसा जताया है। भाजपा-कांग्रेस के लिए यह उपचुनाव नाक की लड़ाई बन गई है। खंडवा लोकसभा क्षेत्र में आठ विधानसभा सीटें आती हैं। इसमें खंडवा, बुरहानपुर, नेपानगर, पंधाना, मांधाता, बड़वाह, भीकनगांव और बागली शामिल हैं।

भाजपा ने  25 साल बाद ओबीसी पर लगाया दांव
मध्यप्रदेश भाजपा ने खंडवा लोकसभा सीट पर 25 साल बाद ओबीसी चेहरा को मैदान में उतारा है। इस संसदीय क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 19.68 लाख है। इसमें से पिछड़ा वर्ग 5 लाख 16 हजार हैं, जबकि समान्य वर्ग के मतदाता 4 लाख से कम हैं। जातीय समीकरण के गणित पर गैर करे तो एससी-एसटी वर्ग के वोटर सबसे ज्यादा 7 लाख 68 हजार हैं। इस क्षेत्र में आठ में से सिर्फ 3 विधानसभा क्षेत्रों में आदिवासी वोटर निर्णायक भूमिका में हैं।
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मध्यप्रदेश: शिवराज बोले- राज्य में अब नहीं होगी ऑक्सीजन की किल्लत, 163 संयंत्र स्थापित

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 182 मीट्रिक टन की सामूहिक उत्पादन क्षमता वाले 163 ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किए गए हैं। कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान प्रदेश में ऑक्सीजन की बेहद कमी हो गई थी और दूसरे प्रदेशों से इसे लेना पड़ा था।

मुख्यमंत्री चौहान ने कि मार्च 2020 में (कोविड-19 महामारी फैलने से पहले) प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र उपलब्ध नहीं थे। उन्होंने कहा कि अब 182 मीट्रिक टन प्रतिदिन की उत्पादन क्षमता वाले 163 ऑक्सीजन संयंत्र राज्य के विभिन्न जिलों में शुरु किए गए हैं। 

मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा, ‘कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान जीवन रक्षक गैस की कमी का सामना करने के बाद इन संयंत्रों पर काम शुरू किया गया था। शेष 39 संयंत्र को भी इस माह के अंत तक शुरू किया जाएगा।’
वर्तमान में प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 360 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन की सामूहिक भंडारण सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा प्रदेश के 34 जिला चिकित्सालयों में छह किलोलीटर क्षमता के तरल ऑक्सीजन टैंक (कुल 248 मीट्रिक टन) की स्थापना की जा रही है।
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इंदौर: फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी करने वाला आरोपी करता था सीएम हेल्प लाइन का इस्तेमाल, नोटों की बारिश के लिए तांत्रिक के पास जमा करवाता था धन

इंदौर में फर्जी पुलिस अधिकारी पकड़े जाने के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है। एसपी आशुतोष बागरी ने बताया है कि रवि सोलंकी उर्फ राजवीर ने खुलासा किया है कि वह जितने भी रुपये महिलाओं से लेता था। उन रुपयों को छोटू महाराज नामक महिला तांत्रिक को देता था। महिला तांत्रिक द्वारा उसे नोट की बारिश का लालच दिया गया था। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस अधिकारियों से  बताया कि मुझे पुलिस में भर्ती कर लीजिए जिससे मैं आपको हर सूचना प्रदान करता रहूंगा। 

एसपी आशुतोष बागरी ने कई घंटे तक पूछताछ की जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। आरोपी शहर के विजय नगर लसूडिया हीरा नगर खजराना थाना क्षेत्र में है लोगों को ठगी का शिकार बनाता था कई बार आरोपी जब उन्हें बताता था कि वह एक अंडरकवर एजेंट है। तो कई लोग उसे फोन पर शिकायत भी लिखवाते थे। जहां रवि उन शिकायतों को सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कर देता था और पीड़ित व्यक्ति की शिकायत का हल होने पर बताता था कि उसने समस्या का समाधान करवा दिया।

तांत्रिक को देता था रुपया
थाना प्रभारी तहजीब काजी ने आरोपी से रुपये ठगने के बारे में पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि इन रुपयों को वह तांत्रिक छोटू महाराज के पास लेकर जाता था। उससे वह नोटों की बारिश करने के लिए कई तंत्र क्रियाओं का सामान भी मंगाया था कुछ समय पहले वह इंदौर के समीप माचल स्थित श्मशान घाट गए थे। जहां पर छोटू बाबा के साथ अन्य दो व्यक्ति भी थे जहां पर नोटों की बारिश की बात हुई थी, लेकिन बाबा द्वारा किसी आत्मा को दिखा कर वहां से उसे वापस ले आए लेकिन नोटों की बारिश नहीं हुई।

कई थाना क्षेत्रों में रवि का था रसूख
पुलिस पूछताछ में आरोपी रवि ने बताया कि कैसे वह अपना जाल जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में फैला रखा था। रवि का रसूख इतना बढ़ा हुआ था कि क्षेत्रों के लोग इसे फोन कर सूचना देते थे।  गांजा बेचने वाले जुआ सट्टा खेलने वालों के नाम पते देते थे। वहीं कई लोग उसे रेड डालने की जब बात करते थे तो रवि वहां नहीं जाता था। और कहां देता था कि मैं अभी दूसरे थाने पर हूं तुम तुरंत 100 नंबर पर डायल कर अपनी शिकायत दर्ज करा दो।  मैं  वरिष्ट अधिकारी को कह देता हूं।
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मध्यप्रदेश: दुष्कर्म मामले में कांग्रेस विधायक का बेटा गिरफ्तार, छह महीने से फरार चल रहा था इनामी आरोपी

मध्यप्रदेश में एक महिला नेता से कथित दुष्कर्म के मामले में उज्जैन जिले के कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल के फरार बेटे करण मोरवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, शादी का झांसा देकर महिला नेता से दुष्कर्म करने का आरोपी पिछले साढ़े छह महीने से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था।

महिला पुलिस थाने की प्रभारी ज्योति शर्मा ने पीटीआई को बताया कि करण मोरवाल (30) को इंदौर से करीब 80 किलोमीटर दूर मक्सी के पास से पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि करण की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि करण के खिलाफ इंदौर के महिला थाने में दो अप्रैल को दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक मामला दर्ज कराने वाली महिला नेता का आरोप है कि विधायक के 30 वर्षीय बेटे ने शादी का झांसा देकर उससे दुष्कर्म किया।


पिछले दिनों विधायक थाना पहुंचकर अधिकारियों से की थी बात
अधिकारियों ने बताया कि करण की तलाश कर रही पुलिस ने 19 अक्तूबर को उसके छोटे भाई शिवम को इंदौर के महिला पुलिस थाने लाकर पूछताछ की थी क्योंकि जांचकर्ताओं को लगा था कि उसे पता है कि बलात्कार का आरोपी कहां छिपा है। चश्मदीदों के मुताबिक अपने छोटे बेटे शिवम से पुलिस की पूछताछ के बीच नाटकीय घटनाक्रम के तहत उज्जैन के बड़नगर क्षेत्र के कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल 19 अक्तूबर को इंदौर के महिला थाने से सटे पलासिया थाने पहुंच गए थे और उन्होंने बंद कमरे में पुलिस अधिकारियों से गुप्त चर्चा की थी।

चर्चा के बाद विधायक जैसे ही पलासिया पुलिस थाने से बाहर निकले, मीडिया ने उनसे उनके बड़े बेटे करण के साढ़े छह महीने से फरार चलने के बारे में सवाल किए थे। हालांकि, वह सिर्फ इतना कहकर थाने से तुरंत रवाना हो गए थे कि उन्हें मीडिया के सामने अपना पक्ष नहीं रखना है।
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उज्जैन पुलिस उज्जैन पुलिस

'आश्रम' पर बवाल: फिल्मों की पटकथा देखने-पढ़ने के लिए अपने अखाड़े का एक अलग विभाग बनाएंगी सांसद प्रज्ञा ठाकुर, निर्माताओं को दी चेतावनी

भोपाल में वेब सीरीज आश्रम-3 की शूटिंग के दौरान हुए हमले को लेकर अब राजनीति होने लगी है। इसी बीच भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने सोमवार को फिल्म निर्माताओं को कड़ी चेतावनी दी और मनोरंजन के नाम पर सनातन धर्म की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया।

भारत भक्ति अखाड़ा बनाएगी अलग विभाग
फिल्म निर्माताओं पर मनोरंजन के नाम पर सनातन धर्म की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए, भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने सोमवार को कहा कि उनके नेतृत्व वाला भारत भक्ति अखाड़ा स्क्रिप्ट, फिल्मों की सामग्री और वेब श्रृंखला की जांच के लिए एक अलग विभाग बनाएगा और यदि आवश्यक हुआ तो विवादित फिल्में नहीं बनने देंगे। उन्होंने वेब सीरीज 'आश्रम' के तीसरे सीजन की शूटिंग रोकने की धमकी भी दी। ठाकुर ने कहा कि मनोरंजन के विभिन्न रूपों को समाज को सही दिशा देनी चाहिए न कि भावनाओं को ठेस पहुंचाना चाहिए।

भोपाल में रविवार शाम को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा वेब सीरीज आश्रम-3 के सेट पर तोड़फोड़ और निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा पर स्याही फेंकने की घटना पर प्रज्ञा ठाकुर मीडिया को अपनी प्रतिक्रिया दे रही थीं। पुलिस ने हंगामे को लेकर रविवार देर रात चार लोगों को गिरफ्तार किया था।

ठाकुर ने रविवार की घटना को आगामी उपचुनावों से जोड़ने के बारे में एक सवाल के जवाब में एक समाचार चैनल से कहा, ‘सच तो यह है कि ये लोग हमें मजबूर कर रहे हैं कि हम वह फिल्म (सीरीज) देंखें और इन पर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि 'सनातन धर्म के विरुद्ध अगर किसी ने खिलवाड़ किया तो वह स्वीकार नहीं है।’

सीएम से कानूनी कार्रवाई का किया आग्रह
उन्होंने आगे कहा, ‘हम साधु संत पिक्चर नहीं देखते, लेकिन अब हमें एक विभाग बनाना पड़ेगा। भारत भक्ति अखाड़ा एक विभाग बनाएगा, कोई पिक्चर रिलीज होने से पहले वहां देखी जाएगी। विभाग सिनेमा बनने से पहले ही उसकी पटकथा पढ़ेगा और हम इस तरह के फिल्मों के निर्माण की अनुमति नहीं देंगे।' उन्होंने कहा, "मैं सेंसर बोर्ड में ऐसे लोगों (इन विषयों पर फिल्में बनाने वालों) के खिलाफ कार्रवाई करूंगी।" भाजपा नेता ने आगे कहा कि वह इस संबंध में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिख कर कानूनी कार्रवाई का आग्रह करेंगी।

संतों ने प्रज्ञा ठाकुर को सौंपा ज्ञापन
इससे पहले संतों के एक समूह ने भोपाल में वेब सीरीज आश्रम के सेट पर तोड़फोड़ के आरोप में गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा करने की मांग करते हुए भाजपा सांसद ठाकुर को एक ज्ञापन सौंपा।

'आश्रम कोई ऐसा विषय नहीं है जिस पर कोई उंगली उठा सके'
प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि आश्रम सनातन धर्म के तहत साधुओं और संतों के रहने की व्यवस्था है और यह ऐसा विषय नहीं है जिसे किसी के द्वारा गलत तरीके से पेश किया जाए।उन्होंने कहा, ‘‘आश्रम कोई ऐसा विषय नहीं है जिस पर कोई उंगली उठा सके। एक व्यक्ति गलत हो सकता है और मौजूदा व्यवस्था के तहत ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है लेकिन अगर कोई सनातन या हिंदू धर्म तथा उसके धार्मिक नेताओं की (आश्रम) इस व्यवस्था को बदनाम करता है तो यह सहन नहीं किया जाएगा।’’

संन्यासी होने के नाते मैं साधुओं का दर्द महसूस कर सकती हूं: प्रज्ञा
उन्होंने कहा, ‘‘संन्यासी होने के नाते मैं साधुओं का दर्द महसूस कर सकती हूं। आश्रम शब्द सुनते ही हमारा मन प्रसन्न हो जाता है और अच्छी भावनाएं उत्पन्न होती हैं, लेकिन इसे विकृत रुप में प्रस्तुत किया जा रहा है।’’ ठाकुर ने कहा कि देश में नेतृत्व के अभाव में आजादी के बाद से ही हिंदुओं की भावनाओं को मनोरंजन के माध्यम से ठेस पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘फिल्में हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का माध्यम बन गई हैं और उन्हें अब न केवल मध्यप्रदेश में बल्कि पूरे देश में बंद कर देना चाहिए।’’

अन्य धर्मों पर फिल्म बनाने की दी चुनौती
सांसद ने फिल्म निर्माताओं को चर्च, मदरसा, बाइबिल और कुरान जैसे विषयों पर फिल्म बनाने की चुनौती दी। ठाकुर ने कहा कि वामपंथी विचारधारा के निर्देशक और निर्माता आजादी के बाद से ही लगातार हिंदुओं, उनके इतिहास और मूर्तियों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि, 'लव जिहाद' जैसे विषय पर कोई फिल्म नहीं बनाता और जमीन जिहाद भी चल रहा है, जिसके तहत न सिर्फ भोपाल में बल्कि अन्य जगहों पर भी बड़े पैमाने पर जमीन पर कब्जा किया जा रहा है।

क्या है मामला?
रविवार शाम बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने फिल्म निर्माता प्रकाश झा के साथ धक्कामुक्की की थी और उन पर स्याही फेंकी थी। बजरंग दल वालों ने आश्रम-3 वेब सीरीज के अन्य कर्मचारियों से भी मारपीट की और गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इससे शूटिंग दल की दो बसों के शीशे टूट गए और एक व्यक्ति घायल हो गया। इस घटना के बाद सोमवार को मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में शूटिंग की अनुमति लेने से पहले निर्माताओं व निर्देशकों को अपनी कहानियों की आपत्तिजनक सामग्री या दृश्यों के बारे में अधिकारियों को सूचित करना होगा।
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मध्यप्रदेश उपचुनावः जब कोरोना से लड़ने के लिए उपाय करने थे, तब सलमान और जैकलीन के साथ फोटो खिंचवाने में व्यस्त थे कमलनाथ- सिंधिया

भाजपा ने उपचुनावों के लिए अपने प्रचार अभियान को तेजी दे दी है। खंडवा लोकसभा सीट के उपचुनाव में प्रचार के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस पर निशाना साधा। कहा कि जब प्रदेश में कोरोना वायरस की दस्तक हो रही थी, उस समय भी कमलनाथ को आईफा अवार्ड नजर आया। उन्होंने कोरोना की रोकथाम को लेकर एक बैठक नहीं ली। वे तो आईफा अवार्ड के लिए बैठकें लेने में लगे थे। इनके पास सलमान खान और जैकलीन फर्नांडीस के साथ फोटो खिंचाने का समय था, लेकिन कोरोना की रोकथाम पर मीटिंग करने का नहीं।

सब कांग्रेस छोड़ रहे
केंद्रीय मंत्री ने खंडवा में भाजपा प्रत्याशी ज्ञानेश्वर पाटिल के समर्थन में सभा ली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के हाल सबको पता है, इसलिए उसे छोड़कर सब बाहर हो रहे हैं और देशहित की बात करने वाली पार्टी भाजपा से जुड़ रहे हैं। जब कमलनाथ मुख्यमंत्री के तौर पर जनता के हितों के लिए कुछ नहीं कर रहे थे तो मैंने कहा था कि मुझे सड़क पर उतरना पड़ेगा। इस पर उन्होंने कहा कि उतर जाओ सड़क पर और जब मैं सड़क पर उतरा तो कमलनाथ को भी सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया।  

जनता के साथ वादाखिलाफी होगी, तो सिंधिया परिवार सड़क पर होगा
सिंधिया ने कहा कि जब-जब प्रदेश की जनता के साथ वादाखिलाफी हुई, तब-तब सिंधिया परिवार सड़क पर उतरा। 1968 में जब मध्यप्रदेश में डीपी मिश्रा के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी थी, उस समय वादाखिलाफी के खिलाफ मेरी दादी ने बीड़ा उठाया था। उस वक्त मध्यप्रदेश में डीपी मिश्रा सरकार को धूल चटाने का काम मेरी दादी ने किया था। जो भी प्रदेश और प्रदेश की जनता के साथ वादाखिलाफी करेगा उसके लिए सिंधिया परिवार झंडा और डंडा लेकर जमीन पर उतरकर लड़ाई करेगा, संघर्ष करेगा।

वल्लभ भवन को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाया
सिंधिया ने आरोप लगाया कि कमलनाथ ने मुख्यमंत्री रहते हुए वल्लभ भवन को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था। वहां तो ‘ला और ऑर्डर ले जा’ का काम चल रहा था। इनके 15 माह के कार्यकाल में विकास बेहाल, युवा कंगाल और मूल सुविधाओं का अकाल हो चुका था। यही 15 माह भाजपा सरकार में व्यवसायी, किसान खुशहाल और मूलभूत सुविधाएं बेशुमार हो गई हैं।  

नंदू भैया के साथ हमारी तीन पीढ़ी ने काम किया
सिंधिया ने कहा कि आज हमारे बीच में नंदू भैया (नंदकुमार सिंह चौहान) नहीं हैं। उनका हाथ सिर्फ हर्षवर्धन के सिर से नहीं उठा, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के सिर से उठ गया है। नंदू भैया के साथ हमारी तीन पीढ़ियों ने काम किया। मेरी दादी और मेरे पिताजी के साथ नंदू भैया ने काम किया और आज मुझे भी उनके साथ काम करने का सौभाग्य मिला है। नंदू भैया निमाड़ की नैया थे।

 
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आश्रम पर सियासी बवाल: गृहमंत्री ने मिलाए बजरंग दल के सुर में सुर, कहा- धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली फिल्में मप्र में नहीं बनने देंगे

भोपाल में वेब सीरीज आश्रम-3 की शूटिंग के दौरान हुए हमले का विवाद अब सियासी रंग ले रहा है। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राज्य में शूटिंग के लिए नई गाइडलाइन बनाई जाएगी। आपत्तिजनक या धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले सीन होंगे तो शूटिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। अब ऐसे किसी भी सीन की शूटिंग से पहले स्क्रिप्ट प्रशासन को देनी होगी। रविवार को भोपाल में वेब सीरीज की शूटिंग के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की थी। फिल्म निर्माता प्रकाश झा पर स्याही फेंकी थी। साथ ही शूटिंग में शामिल कार्यकर्ताओं के साथ भी झूमाझटकी की थी। 

मिश्रा ने कहा कि आश्रम नाम पर हमें भी आपत्ति है। हमेशा हमारी भावनाओं को आहत करने वाले दृश्य ही क्यों फिल्माते हो। अगर हिम्मत है तो दूसरे धर्म की भावनाओं को आहत करने वाले दृश्य फिल्माओ। गृहमंत्री ने उग्र विरोध प्रदर्शन करने की निंदा करते हुए कहा कि प्रकाश झा को भी विचार करना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ।

इससे पहले भाजपा के ही विधायक रामेश्वर शर्मा और प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने भी आश्रम की शूटिंग पर सवाल उठाए थे। रामेश्वर शर्मा ने कहा था कि 'आश्रम' पर वेब सीरीज बनाने वाले क्या कभी 'मदरसों' पर वेब सीरीज बनाने की औकात रखते हैं?  ईद पर जबलपुर में पुलिस पर हमला करने वाले कठमुल्ले क्या थे, राजा साहब? शांति दूत? उस दिन आपकी ट्विटर की चिड़िया क्यों नहीं चहकी? इसी तरह पाराशर ने कहा था कि महिला उत्पीड़न के स्थान का नाम 'आश्रम' ही क्यों?? 'अफगानिस्तान' क्यों नहीं ?? 



दिग्विजय ने सीएम पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बताए कि उनके पाले हुए गुंडों को जनता कब तक बर्दाश्त करेगी? इस पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। इस विवाद से जुड़ा वीडियो शेयर करते हुए दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया कि भोपाल फिल्मों की शूटिंग के लिए काफी लोकप्रिय हो गया है। प्रकाश झा देश के ख्याति प्राप्त फिल्म निर्माता हैं। क्या प्रकाश झा की यूनिट को भोपाल पुलिस द्वारा संरक्षण नहीं देना चाहिए था? मुख्यमंत्री जी, गृहमंत्री जी, मध्यप्रदेश की जनता आपके पाले हुए गुंडों को कब तक बर्दाश्त करेगी? पूर्व मुख्यमंत्री ने इस घटना को मंडला में एनएसयूआई नेता सोनू परोचिया और अभिषेक ज्योतिषी पर हुए हमले से जोड़ा और आरोप लगाया कि संघ का बजरंग दल अपराधिक प्रवृत्ति लोगों का दल बन चुका है। 

क्या है मामला
रविवार रात बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने फिल्म निर्माता प्रकाश झा के साथ धक्कामुक्की कर दी। उन पर स्याही फेंकी। बजरंग दल वालों ने आश्रम-3 वेब सीरीज के अन्य कर्मचारियों से भी मारपीट की और गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इस विवाद में मीडियाकर्मियों के घायल होने की भी खबर आई है। हंगामे के दौरान बॉबी देओल अपनी वैनिटी वैन में बैठे रहे। बजरंग दल कार्यकर्ता उन्हें तलाशते दिखे थे।
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भिंड में हादसा : बैलगाड़ी के बिजली के तारों की चपेट में आने से मां-बाप और बेटी की मौत, दो लोग झुलसे

आश्रम वेब सीरीज (फाइल फोटो)
मध्यप्रदेश के भिंड में रविवार रात हुए हादसे में एक बैलगाड़ी बिजली के तारों की चपेट में आ गई। इससे बैलगाड़ी में सवार एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य झुलस गए। घटना में दोनों बैलों की भी मौत हो गई। हादसे में बैलगाड़ी चला रहे श्याम सिंह, उसकी पत्नी चिरैया और छह साल की बेटी की मौके पर मौत हो गई और श्याम सिंह की मां केताबाई (85) और एक अन्य रिश्तेदार कप्तान सिंह गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह दुखद हादसा भिंड जिले के ऊमरी इलाके में हुआ।  पुलिस के मुताबिक,

रेडक्रास ने मृतकों के परिवार को अंत्येष्टि के लिए 10-10 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता दी है। जानकारी के मुताबिक, श्याम सिंह का परिवार लोहपीटा (खानाबदोश) परिवार भिंड के अमरसिंह का पुरा जा रहा था। बैलगाड़ी पर घर का राशन पानी भी रखा था।

जमीन से चार-पांच फीट ऊपर थे बिजले के तार
इस दौरान जमीन से चार-पांच फीट ऊंचाई पर झूल रहे बिजली के 11 केवी के तार की चपेट में बैलगाड़ी के आने से यह हादसा हुआ। राहत की बात यह है कि श्याम सिंह के दो अन्य बच्चे चौपक (9) और करिश्मा (5) उस समय उनके साथ नहीं थे। ऊमरी पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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दुखद: संतान की चाह में दो नरबलि से हिल उठा ग्वालियर, मुख्य आरोपी ने दोनों कॉल गर्ल से बनाया था संबंध

बच्चे की चाह कभी-कभी इंसान को सीरियल किलर भी बना देता है। उसे पता नहीं चलता कि कब वह हत्यारा बन गया। ग्वालियर में बच्चे के लिए एक सप्ताह में दो कॉल गर्ल को नरबलि देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इतना ही नहीं दोनों कॉल गर्ल की नरबलि देने से पहले इस वारदात का मास्टरमाइंड नीरज परमार ने शारीरिक संबंध बनाया था। इसके बाद उनकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। यही नहीं, तांत्रिक भी शातिर और हाईटेक है। दोनों बलि के समय वह वीडियो कॉल पर मौजूद था। वह वहीं से तंत्र मंत्र पढ़ रहा था। नेटवर्क समस्या होने से वीडियो कॉल कट गया, जिसके बाद सामान्य कॉल कर तांत्रिक मंत्र पढ़ने लगा।

घटना के बाद नीरज परमार शव को ठिकाना लगाने के लिए ने बाइक पर लाश को लादकर गांव से बाहर की ओर से ले जा रहा, इसी दौरान शव फिसलकर नीचे गिर गया जिसके बाद मामला उजागर हुआ।  

संतान नहीं होने पर तांत्रिक ने बलि देने की सलाह दी थी
21 अक्तूबर की सुबह एक लड़की की पहचान एक कॉलेज के पास मुरैना रोड पर महिला का शव सड़क किनारे पड़ा मिला था। गर्दन पर गला दबाने और कसने के निशान थे। पहचान हजीरा की रहने वाली आरती उर्फ लक्ष्मी मिश्रा (40 साल) के रूप में हुई थी। पुलिस ने इस मामले में  मोतीझील की ममता, उसके पति बेटू भदौरिया, बेटू की बहन मीरा राजावत, मीरा का पुरुष दोस्त नीरज परमार और तांत्रिक गिरवर यादव को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि ममता और बेटू को शादी के 18 साल बाद भी बच्चे नहीं हो रहे थे। तांत्रिक ने उन्हें मानव बलि देने को कहा था।

दो लड़कियों से मास्टरमाइंड ने बनाया संबंध
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि पहली बलि 13 अक्तूबर को दुर्गाष्टमी के दिन नीरू की दी थी। मास्टरमाइंड नीरज परमार ने नीरू के साथ पहले संबंध बनाया फिर उसकी हत्या की। हत्या से पहले नीरू ने शराब पी ली थी। जिस पर तांत्रिक इस बलि को खंडित बताकर दूसरी बलि का इंतजाम करने के लिए कहा था। इसके बाद उन्होंने आरती उर्फ लक्ष्मी मिश्र नाम की कॉल गर्ल को पकड़ा गया, जिसके 10 हजार रुपये देकर शरद पूर्णिमा के दिन बलि दी गई। मोतीझील में बेटू भदौरिया की छत पर उसके साथ संबंध बनाए फिर गला घोंट दिया। जिस समय वह उसकी हत्या कर सिंदूर लगा रहा था, तो उस समय तांत्रिक अपने घर से मोबाइल के जरिए मंत्रों का उच्चारण कर रहा था।
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आर्यन को दिग्गी सपोर्ट: शाहरुख का बेटा होने की वजह से आर्यन को निशाना बनाया जा रहा हैः दिग्विजय

मध्यप्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को आरोप लगाया कि आर्यन खान को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान का बेटा है। आर्यन को नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने मुंबई में ड्रग्स केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। इस पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि दिग्गी राजा तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं।
एनसीबी ने 3 अक्टूबर को मुंबई के तट पर एक क्रूज पर छापा मारा था। इसी दौरान 23 वर्षीय आर्यन को गिरफ्तार किया था। आर्यन इस समय न्यायिक हिरासत में जेल में है। आर्यन की जमानत याचिका बुधवार को स्पेशल कोर्ट ने खारिज कर दी थी। इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है, जिस पर 26 अक्टूबर को सुनवाई होगी।

पूछा- उसका अपराध क्या है? 
दिग्विजय सिंह ने इस मसले पर शनिवार सुबह ट्वीट किया- 'यह दुखद है कि शाहरुख का बेटा होने की वजह से आर्यन को निशाना बनाया जा रहा है। उसका अपराध क्या है? उसके साथ मौजूद किसी व्यक्ति के पास 5 ग्राम ड्रग्स मिली है! मुंद्रा पोर्ट पर बरामद हुई कई टन हेरोइन का क्या हुआ? कुलदीप सिंह कौन है? एनसीबी और एनआईए इस केस की जांच कर रही है, कृपया वह हमें बताएगी कि क्या हो रहा है?'
दिग्विजय सिंह का इशारा 3 हजार किलो हेरोइन की ओर है, जिसे गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से डीआरआई ने पिछले महीने दो कंटेनर्स से बरामद किया गया था। इस कंसाइनमेंट को दुनिया में सबसे बड़ा बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त की गई हेरोइन की कीमत 21 हजार करोड़ रुपए है।



 
भाजपा ने किया पलटवार
दिग्विजय के इस बयान पर भाजपा के विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि आखिर, दिग्विजय सिंह आर्यन खान का बचाव करने आ ही गए। यह मामला अदालतों में है। जांच एजेंसी अपना काम कर रही है और सिंह ने इस मामले में फैसला ही सुना दिया! आप कब तक तुष्टिकरण की राजनीति कर लोगों को गुमराह करते रहेंगे? कांग्रेस और दिग्विजय सिंह ने हमेशा कानून का दुरुपयोग किया है और इसी तरह के हथकंडों को आजमाया है।
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मध्यप्रदेश: उपुचनाव से पहले किसान कल्याण को लेकर कांग्रेस व भाजपा में वाकयुद्ध

मध्यप्रदेश में अगले सप्ताह होने वाले उपचुनावों से पहले सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस के बीच शनिवार को किसान कल्याण के मुद्दे को लेकर वाकयुद्ध शुरू हो गया। यह वाकयुद्ध उस समय शुरू हुआ जब प्रदेश सरकार ने घोषणा की कि उसने किसानों के खातों में 1,540 करोड़ रुपये जमा कराए हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने अपने रैलियों के दौरान दावा किया कि ‘इससे पहले, लाखों किसानों को अपात्र घोषित कर वसूली के नोटिस दिए गए थे। अधिकारी प्रतिदिन ऐसे किसानों को वसूली के लिए धमका रहे हैं, गरीब किसान कर्ज लेकर, गहने गिरवी रखकर राशि वापस कर रहे हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल उपचुनावों के कारण किसानों के खाते में पैसे डाल रही है।
 
उन्होंने कहा, ‘जैसे ही चुनाव खत्म होगें किसानों को पैसे की वसूली के लिए नोटिस भेजा जाएगा... यह किसान की सम्मान निधि किसान अपमान निधि बन गई है।’ कमलनाथ ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने स्वीकार किया था कि मुख्यमंत्री के रुप में उनके (कमलनाथ) 15 महीने के कार्यकाल के दौरान 27 लाख किसानों के फसल ऋण माफ किए गए थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खंडवा लोकसभा क्षेत्र में जनसभाओं में घोषणा की कि उन्होंने 77 लाख किसाना परिवारों के खातों में 1,540 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए हैं। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को दर्द होता है क्योंकि हमने किसानों के खातों में पैसा जमा कराया है।’ उन्होंने कांग्रेस पर पूर्व में कृषि ऋण माफी के वादे पर किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘केंद्र जहां किसानों को तीन किश्तों में सालाना छह हजार रुपये प्रदान करता है वहीं राज्य सरकार उन्हें दो किश्तों में चार हजार रुपए प्रदान करती है।’ मध्य प्रदेश में उपचुनाव के लिए शनिवार को प्रचार तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती के अलावा भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी जनसभाओं को संबोधित किया।

मध्यप्रदेश में उपचुनाव के तहत खंडवा लोकसभा और तीन विधानसभा सीटों पृथ्वीपुर, रैगांव और जोबट में 30 अक्तूबर को मतदान होगा।
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कृषि मंत्री तोमर ने कांग्रेस पर कसा तंज, कहा- मध्यप्रदेश के किसानों को प्रमाण पत्र तो बांटे, लेकिन कर्ज माफ नहीं किया

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को कहा कि कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की पिछली कांग्रेस सरकार ने किसानों को कर्जमाफी के प्रमाण पत्र बांटे लेकिन अब तक उनका पैसा माफ नहीं किया।

सतना के रायगांव में एक उपचुनाव रैली को संबोधित करते हुए तोमर ने कहा, यह भगवान के लिए अस्वीकार्य पाप था और इसीलिए 2018 के अंत में सत्ता में आई कमलनाथ सरकार मार्च, 2020 में सिर्फ 15 महीनों में गिर गई। 2018 में भाजपा को चार से पांच सीटें कम मिलीं और कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में सरकार बनाई।

मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद, कमलनाथ ने कृषि ऋण माफी की फाइल पर हस्ताक्षर किए और किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरित किए, लेकिन आज तक इन ऋणों को माफ नहीं किया गया है। 

उन्होंने कहा, कांग्रेस का यह पाप भगवान को मंजूर नहीं था, इसलिए कमलनाथ सरकार नहीं चल पाई। रायगांव (एससी) उपचुनाव 30 अक्तूबर को होना है और परिणाम 2 नवंबर को घोषित किए जाने हैं, जिसमें मुख्य मुकाबला भाजपा की प्रतिमा बागरी और कांग्रेस की कल्पना वर्मा के बीच है। भाजपा के मौजूदा विधायक जुगल किशोर बागरी के निधन के कारण यह जरूरी हो गया है।

तोमर ने कहा कि 2003 तक कांग्रेस के शासन के दौरान एमपी पूरी तरह से अंधेरे में था, जिसमें कोई सड़क या पानी की आपूर्ति आदि नहीं थी, जबकि 2003 और 2018 के बीच भाजपा के तहत तेजी से प्रगति हुई, जिसके अन्तर्गत लाडली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और संबल योजना जैसी कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गईं।
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कांग्रेस के तहत सिंचाई की सुविधा सिर्फ सात लाख हेक्टेयर थी, जिसे भाजपा ने अब बढ़ाकर 47 लाख हेक्टेयर कर दिया है। हालांकि कोविड-19 महामारी ने केंद्र और राज्यों के राजस्व को प्रभावित किया, प्रधानमंत्री मोदी या सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कभी नहीं किया। उन्होंने कहा कि गरीबों और किसानों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के लिए कोई फंड नहीं है।

तोमर ने कहा कि मोदी सरकार किसानों को सालाना 6,000 रुपये की किसान सम्मान निधि वितरित करती है, और मध्यप्रदेश में चौहान सरकार ने इस राशि में 4,000 रुपये जोड़े हैं, जिससे यह कुल मिलाकर 10,000 रुपये हो गया है। इसके अलावा, रायगांव, पृथ्वीपुर और जोबट विधानसभा सीटों और खंडवा लोकसभा क्षेत्र में भी उपचुनाव होने हैं।
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मध्यप्रदेश : कोरोना संक्रमण के आठ नए मामले सामने आए, सक्रिय मरीजों की संख्या अस्सी 

मध्यप्रदेश में कोरोना के नए मामले सामने आने का सिलसिला अब थमता दिख रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को दी गई जानकारी से इसके संकेत मिलते हैं। विभाग ने बताया कि प्रदेश में अब तक सामने आए कुल मामलों की संख्या 7,92,729 हो गई है।

विभाग ने कहा कि शुक्रवार को राज्य में कोरोना संक्रमण के आठ नए मामले सामने आए हैं, हालांकि अच्छी बात यह है कि इस दौरान किसी मरीज की मौत का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। विभाग के अधिकारी ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की वजह से मरने वालों की कुल संख्या 10,523 ही है। राज्य में अभी कोरोना संक्रमण के करीब 80 सक्रिय मामले हैं, जबकि ठीक हो चुके लोगों की संख्या 7,82,126 है।

अधिकारी ने कहा कि शुक्रवार को 53,517 स्वाब के नमूनों की जांच की गई। मध्य प्रदेश में महामारी आने के बाद से अब तक हुए कुल परीक्षणों की संख्या 1,97,82,872 हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य में अब तक 6,80,81,265 कोविड-19 वैक्सीन की खुराक लोगों को दी जा चुकी है, जिसमें शुक्रवार को दी गई 2,36,763 खुराक शामिल हैं।

मप्र में कोरोनावायरस के आंकड़े इस प्रकार हैं
  • कुल मामले : 7,92,729
  • नए मामले : 08
  • मरने वालों की संख्या : 10,523 (कोई बदलाव नहीं)
  • ठीक हुए मरीजों की संख्या : 7,82,126 
  • सक्रिय मामले : 80
  • अब तक परीक्षणों की संख्या : 1,97,82,872
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