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भोपाल गैंगवार: मुखबिरी के शक में बरसी गोलियां, घर से लेकर हमीदिया अस्पताल तक बदमाशों का तांडव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Ashutosh Pratap Singh
Updated Sun, 15 Mar 2026 09:58 PM IST
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सार
भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में हुए गैंगवार की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस के अनुसार कुख्यात बदमाश शादाब कुरैशी उर्फ गेट ने मुखबिरी के शक में लल्लू रईश और उसके बेटे इमरान पर हमला कराया। शादाब अपने भाई और साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और इमरान को देखते ही गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
गोलियों के निशान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में हुए गैंगवार की परतें अब धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि अशोका गार्डन से लेकर हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के गेट तक फायरिंग करने वाला कुख्यात बदमाश शादाब कुरैशी उर्फ गेट था। बताया जा रहा है कि उसने कुख्यात बदमाश लल्लू रईश और उसके बेटे पर मुखबिरी के शक में हमला किया था। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपियों पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है, लेकिन अभी तक मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
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मुखबिरी के शक में किया हमला
पुलिस के मुताबिक शादाब कुरैशी को शक था कि लल्लू रईश और उसका बेटा उसके गिरोह से जुड़े गुर्गों के जुए के अड्डों, शराब तस्करी और अन्य अवैध कामों की जानकारी पुलिस को दे रहे हैं। इसी शक के चलते उसने हमला किया। बताया जा रहा है कि शादाब का एक खास गुर्गा हबीबगंज थाना क्षेत्र में जुए का अड्डा चलाता है। वहीं ऐशबाग थाना क्षेत्र में कुछ महीने पहले आधा दर्जन गायों को काटने और गोमांस तस्करी का मामला भी सामने आया था, जिसमें जुए का अड्डा चलाने वाला यह व्यक्ति संदिग्ध था। हालांकि उस समय राजनीतिक दबाव और लेनदेन के चलते उसे छोड़ दिया गया था।
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दोनों पक्ष पुराने बदमाश, कई केस दर्ज
जानकारी के अनुसार शादाब कुरैशी और लल्लू रईश दोनों ही पुराने बदमाश हैं और दोनों हिस्ट्रीशीटर भी हैं। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने इस मामले में मुख्य आरोपियों पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी फरार है।
पुलिस आयुक्त ने जब इस गैंगवार की जांच के लिए विशेष टीम बनाई तो चौंकाने वाला खुलासा सामने आया। जांच में पता चला कि तीन थाना प्रभारी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर आरोपियों को संरक्षण दे रहे थे। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि थाना प्रभारियों ने राजनीतिक दबाव में संरक्षण दिया या इसके पीछे कोई और कारण था। इस जानकारी के सामने आने के बाद पुलिस आयुक्त संजय कुमार भी संबंधित अधिकारियों से नाराज बताए जा रहे हैं।
इन आरोपियों की तलाश में पुलिस
पुलिस के अनुसार अशोका गार्डन थाना पुलिस शादाब कुरैशी उर्फ गेट, उसके छोटे भाई अनस, शाबेज, शावर मौलाना, अल्लू परवेज, गुड्डू स्टेशन और साजिद समेत कई अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। बताया जाता है कि कुछ महीने पहले ही शादाब कुरैशी हत्या के एक मामले में जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आने पर उसके राइट हैंड आकाश राजपूत उर्फ दउआ ने फूल-मालाओं से उसका स्वागत किया था।
जुए का अड्डा और अवैध शराब का धंधा
आकाश राजपूत पर जुए का अड्डा चलाने का आरोप है। उसने 12 नंबर स्टॉप के पास रेलवे पटरी के किनारे एक ठिकाना भी बना रखा है, जहां लेन-देन के साथ यह काम चलता है। बताया जाता है कि इस पूरे नेटवर्क को संरक्षण देने की जिम्मेदारी शादाब कुरैशी के पास है। शादाब की छत्रछाया में आकाश राजपूत जुए के साथ-साथ अवैध शराब का कारोबार भी करने लगा था। फिलहाल आकाश राजपूत अपने भाइयों अंकित राजपूत और प्रिंस राजपूत के साथ फरार है। उसे पकड़ने के लिए शनिवार रात पुलिस ने दबिश भी दी थी।
गोमांस मामले में भी था संदिग्ध
जानकारी के मुताबिक शादाब कुरैशी पहले गोमांस तस्करी के एक मामले में भी संदिग्ध रहा है। उस समय ऐशबाग थाना पुलिस ने शादाब और आकाश राजपूत को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में दबाव के चलते उन्हें छोड़ दिया गया था। अशोका गार्डन थाना पुलिस के अनुसार इमरान पिता लल्लू रईस (19) एयर कंडीशनर सुधारने का काम करता है और वह शंकर गार्डन इलाके में रहता है। उसके पिता लल्लू रईस के खिलाफ थाने में करीब 30 मामले दर्ज हैं। बताया जाता है कि ऐशबाग थाना क्षेत्र का कुख्यात बदमाश शादाब कुरैशी उर्फ गेट अपने भाई अनस, शाबेज, शावर मौलाना, अल्लू परवेज, गुड्डू स्टेशन और साजिद समेत कई साथियों के साथ वहां पहुंचा और इमरान को देखते ही गोलियां चलाना शुरू कर दिया।
घर तक पीछा कर चलाई गोलियां
हमले के बाद इमरान अपनी जान बचाने के लिए घर की ओर भागा, लेकिन आरोपी उसके घर तक पहुंच गए और वहां भी गोलियां चलाते रहे। आरोपियों ने आधा दर्जन से ज्यादा गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली इमरान के पैर में जा लगी। गोलियों की आवाज से अशोका गार्डन इलाका दहल गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस शादाब कुरैशी और उसके साथियों की तलाश कर ही रही थी कि करीब सवा घंटे बाद आरोपी दोबारा हमला करने के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंच गए। जब इमरान को अस्पताल लाया गया, तो आरोपियों ने हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के गेट पर भी गोली चला दी।
पुलिस पर भी उठे सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि उस समय पुलिस अंदर बैठी रही और आरोपियों को पकड़ने के लिए बाहर नहीं निकली। हालांकि पुलिसकर्मियों का कहना है कि अस्पताल की सुरक्षा का जिम्मा सुरक्षा गार्डों का होता है। घटना की जानकारी मिलते ही हमीदिया अस्पताल प्रबंधन ने कोहेफिजा थाना पुलिस को सूचना दी। इसके बाद कोहेफिजा थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

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