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मध्य प्रदेश का मौसम: क्या तीन दिन ब्रेक के बाद फिर लौट आया मानसून? आज 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
Fri, 11 Sep 2026 07:13 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 11 Sep 2026 07:13 AM IST
सार
तीन दिन के ब्रेक के बाद मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। आज पूर्वी एमपी के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। 12 सितंबर से इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी बारिश बढ़ने की संभावना है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 8 प्रतिशत कम बारिश हुई है
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में तीन दिन की राहत के बाद मानसून ने फिर करवट ली है। शुक्रवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में बारिश का जोर रहने की संभावना है। 12 सितंबर से इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।
फिर सक्रिय हुआ मानसून, अब पश्चिमी एमपी की बारी
प्रदेश में पिछले तीन दिनों से बारिश का जोर थमा हुआ था। ज्यादातर इलाकों में धूप निकलने से गर्मी और उमस बढ़ गई थी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी गुरुवार को धूप का असर रहा। अब बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब क्षेत्र, सक्रिय मानसून ट्रफ और पश्चिमी हिस्से में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। शुक्रवार को इसका ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश में रहेगा, जबकि शनिवार से पश्चिमी हिस्से में भी बारिश बढ़ सकती है।
इंदौर समेत इन इलाकों में कल से बढ़ेगी बारिश
12 सितंबर से बारिश का दायरा पूर्वी मध्य प्रदेश से आगे बढ़ेगा। इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिले अभी सामान्य बारिश से पीछे चल रहे हैं, इसलिए नया सिस्टम यहां बारिश के आंकड़े को सुधार सकता है।
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8% कम बारिश, 32 जिले अब भी पीछे
मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में 795.3 मिमी यानी 31.3 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य बारिश 862.5 मिमी यानी 33.9 इंच है। इस हिसाब से प्रदेश में अब भी 8 प्रतिशत बारिश की कमी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में कमी घटकर करीब 2 प्रतिशत रह गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।
पिछले एक सप्ताह में सुधरा पूर्वी एमपी का आंकड़ा
जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग समेत पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में पिछले सप्ताह हुई अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार हुआ है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी समेत कई जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश है, लेकिन अंतर पहले की तुलना में घटा है। वहीं पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में बारिश की कमी बनी हुई है।
22 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के 22 जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
यह भी पढ़ें-एक अंगदाता से 4 मरीजों को नई जिंदगी: भोपाल से चेन्नई तक ग्रीन कॉरिडोर, हृदय-लीवर समेत चार अंगों का प्रत्यारोपण
जून की कमी अब भी बरकरार
इस मानसून में सबसे बड़ी कमी जून में रही। उस महीने प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई और अगस्त में कई मजबूत सिस्टम सक्रिय हुए और दोनों महीनों का कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी तरह नहीं भर सकी। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है।
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फिर सक्रिय हुआ मानसून, अब पश्चिमी एमपी की बारी
प्रदेश में पिछले तीन दिनों से बारिश का जोर थमा हुआ था। ज्यादातर इलाकों में धूप निकलने से गर्मी और उमस बढ़ गई थी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी गुरुवार को धूप का असर रहा। अब बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब क्षेत्र, सक्रिय मानसून ट्रफ और पश्चिमी हिस्से में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। शुक्रवार को इसका ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश में रहेगा, जबकि शनिवार से पश्चिमी हिस्से में भी बारिश बढ़ सकती है।
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इंदौर समेत इन इलाकों में कल से बढ़ेगी बारिश
12 सितंबर से बारिश का दायरा पूर्वी मध्य प्रदेश से आगे बढ़ेगा। इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिले अभी सामान्य बारिश से पीछे चल रहे हैं, इसलिए नया सिस्टम यहां बारिश के आंकड़े को सुधार सकता है।
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8% कम बारिश, 32 जिले अब भी पीछे
मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में 795.3 मिमी यानी 31.3 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य बारिश 862.5 मिमी यानी 33.9 इंच है। इस हिसाब से प्रदेश में अब भी 8 प्रतिशत बारिश की कमी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में कमी घटकर करीब 2 प्रतिशत रह गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।
पिछले एक सप्ताह में सुधरा पूर्वी एमपी का आंकड़ा
जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग समेत पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में पिछले सप्ताह हुई अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार हुआ है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी समेत कई जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश है, लेकिन अंतर पहले की तुलना में घटा है। वहीं पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में बारिश की कमी बनी हुई है।
22 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के 22 जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
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जून की कमी अब भी बरकरार
इस मानसून में सबसे बड़ी कमी जून में रही। उस महीने प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई और अगस्त में कई मजबूत सिस्टम सक्रिय हुए और दोनों महीनों का कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी तरह नहीं भर सकी। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है।
