{"_id":"6972d68b05a1f9f99d0632fb","slug":"mp-weather-today-due-to-the-influence-of-a-western-disturbance-rain-is-expected-in-the-northern-regions-of-m-2026-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP Weather Today: वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर, MP के उत्तरी इलाकों में बारिश का अनुमान, बड़े शहरों में छाए बादल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP Weather Today: वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर, MP के उत्तरी इलाकों में बारिश का अनुमान, बड़े शहरों में छाए बादल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 23 Jan 2026 07:32 AM IST
विज्ञापन
सार
ध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्से में मौसम ने अचानक करवट ली है। ग्वालियर समेत 8 जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादल छाए रहेंगे। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से जनवरी में मावठा गिरने के आसार हैं।
मौसम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के उत्तरी हिस्से में अगले 24 घंटे के भीतर बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में आसमान पर बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे दिन के तापमान में नरमी बनी रहेगी। गुरुवार को राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहे। धूप कमजोर पड़ने से गर्मी का असर कम हुआ और ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी।
पहाड़ों की बर्फबारी का असर MP तक
देश के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के बाद अब बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। इसी के साथ सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर मध्यप्रदेश के मौसम पर भी साफ नजर आने लगा है। इसी वजह से जनवरी में मावठा गिरने की स्थिति बन रही है।
भोपाल में मावठे की आहट
हालांकि शुक्रवार को भोपाल में बारिश का सीधा अलर्ट नहीं है, लेकिन दिनभर बादल छाए रहेंगे। यदि बूंदाबांदी होती है तो यह इस सीजन का पहला मावठा होगा। गौरतलब है कि मानसून के बाद नवंबर-दिसंबर में प्रदेश के किसी हिस्से में बारिश नहीं हुई थी।
विज्ञापन
26 जनवरी से और बिगड़ सकता है मौसम
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, गुरुवार से मौसम में बदलाव स्पष्ट है। शुक्रवार को प्रदेश के उत्तरी इलाकों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। वहीं, 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्यप्रदेश में दोबारा बारिश के रूप में दिखेगा।
यह भी पढ़ें-PM मोदी को जीतू पटवारी ने लिखा पत्र,MP में संस्थागत भ्रष्टाचार का आरोप,CM से इस्तीफा लेने की मांग
अभी तेज ठंड से राहत
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक शीतलहर जैसी स्थिति से इनकार किया है। हालांकि सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरा परेशान कर सकता है। गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, खजुराहो, मंडला और नरसिंहपुर समेत कई जिलों में कोहरा दर्ज किया गया।
यह भी पढ़ें-वोटर लिस्ट पर सियासी घमासान, कांग्रेस का वोटर लिस्ट से नाम काटने की साजिश का आरोप,आयोग पहुंचे PCC चीफ
कटनी का करौंदी सबसे सर्द
प्रदेश में सबसे कम तापमान कटनी के करौंदी में दर्ज किया गया, जहां पारा 4.9 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। नौगांव (छतरपुर) में 6.5 डिग्री, उमरिया में 6.9, रीवा में 7, खजुराहो में 7.4 और दतिया में 7.6 डिग्री तापमान रहा। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज हुआ। जबलपुर में 10.9, भोपाल में 11.2, इंदौर में 13.6 और उज्जैन में 13.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
पहाड़ों की बर्फबारी का असर MP तक
देश के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के बाद अब बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। इसी के साथ सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर मध्यप्रदेश के मौसम पर भी साफ नजर आने लगा है। इसी वजह से जनवरी में मावठा गिरने की स्थिति बन रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भोपाल में मावठे की आहट
हालांकि शुक्रवार को भोपाल में बारिश का सीधा अलर्ट नहीं है, लेकिन दिनभर बादल छाए रहेंगे। यदि बूंदाबांदी होती है तो यह इस सीजन का पहला मावठा होगा। गौरतलब है कि मानसून के बाद नवंबर-दिसंबर में प्रदेश के किसी हिस्से में बारिश नहीं हुई थी।
26 जनवरी से और बिगड़ सकता है मौसम
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, गुरुवार से मौसम में बदलाव स्पष्ट है। शुक्रवार को प्रदेश के उत्तरी इलाकों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। वहीं, 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्यप्रदेश में दोबारा बारिश के रूप में दिखेगा।
यह भी पढ़ें-PM मोदी को जीतू पटवारी ने लिखा पत्र,MP में संस्थागत भ्रष्टाचार का आरोप,CM से इस्तीफा लेने की मांग
अभी तेज ठंड से राहत
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक शीतलहर जैसी स्थिति से इनकार किया है। हालांकि सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरा परेशान कर सकता है। गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, खजुराहो, मंडला और नरसिंहपुर समेत कई जिलों में कोहरा दर्ज किया गया।
यह भी पढ़ें-वोटर लिस्ट पर सियासी घमासान, कांग्रेस का वोटर लिस्ट से नाम काटने की साजिश का आरोप,आयोग पहुंचे PCC चीफ
कटनी का करौंदी सबसे सर्द
प्रदेश में सबसे कम तापमान कटनी के करौंदी में दर्ज किया गया, जहां पारा 4.9 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। नौगांव (छतरपुर) में 6.5 डिग्री, उमरिया में 6.9, रीवा में 7, खजुराहो में 7.4 और दतिया में 7.6 डिग्री तापमान रहा। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज हुआ। जबलपुर में 10.9, भोपाल में 11.2, इंदौर में 13.6 और उज्जैन में 13.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
