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दशहरे पर बारिश का साया: भोपाल में रावण के पुतलों को ढका, 25 जिलों में अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चलेगी हवा
Tue, 20 Oct 2026 07:10 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Tue, 20 Oct 2026 07:10 AM IST
सार
मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला थम नहीं रहा है। दशहरे पर भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत 25 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। मौसम बिगड़ने की आशंका से भोपाल में रावण के पुतलों को बरसाती से ढकना पड़ा है। अगले चार दिन तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज ऐसा ही रह सकता है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश में दशहरे के उल्लास पर इस बार मौसम खलल डाल सकता है। मंगलवार को रावण दहन की तैयारियों के बीच बारिश की आशंका ने आयोजकों और कलाकारों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी भोपाल में रावण के पुतलों को बारिश से बचाने के लिए बरसाती से ढक दिया गया है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के 25 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना जताई है। हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा या इससे अधिक रह सकती है। सोमवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में मौसम ने करवट ली। सीहोर, टीकमगढ़ और पीथमपुर में तेज बारिश हुई, जबकि इंदौर सहित कई जिलों में रुक-रुककर पानी गिरता रहा। गुना में एक ही दिन में साढ़े चार इंच बारिश दर्ज की गई। ऐसे में दशहरे के आयोजनों पर मौसम का असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
2022 जैसी स्थिति का डर, पुतलों को बचाने की तैयारी
भोपाल में रावण के पुतलों को बरसाती से ढकने के पीछे पुराना अनुभव भी है। वर्ष 2022 में दशहरे के दिन तेज बारिश से पुतले भीग गए थे। इसके कारण रावण दहन में परेशानी आई थी और पुतलों को जलाने के लिए केरोसिन-पेट्रोल तक डालना पड़ा था। प्रदेश के दूसरे शहरों में भी बारिश ने रावण दहन के आयोजनों को प्रभावित किया था। इस बार भी दशहरे पर बारिश की संभावना को देखते हुए पुतलों को सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है। अब मौसम साफ रहने और बारिश से राहत मिलने पर ही आयोजन बिना बाधा के हो सकेंगे।
इन 25 जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, रायसेन, सागर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश हो सकती है। मौसम में बदलाव की वजह चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ को माना जा रहा है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से अगले चार दिन, यानी 23 अक्टूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इस दौरान तेज हवा के साथ आंधी चलने की भी आशंका है। दूसरी ओर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के कई इलाकों में धूप निकलने की संभावना है। यानी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज एक जैसा नहीं रहेगा।
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अक्टूबर में तीन रंग दिखा रहा मौसम
अक्टूबर में प्रदेश में मौसम के तीन अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। दिन में कई शहरों में तापमान 35 डिग्री से ऊपर पहुंच रहा है, जबकि रात में ठंडक बढ़ने लगी है। इसके साथ ही कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर भी जारी है। बीती रात छिंदवाड़ा में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री, कटनी के करौंदी में 17.8 डिग्री, आलीराजपुर और गुना में 18 डिग्री, अमरकंटक में 18.4 डिग्री और नीमच के मरुखेड़ा में 18.7 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं खंडवा, उज्जैन, खरगोन, रतलाम, राजगढ़ और रायसेन में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से ज्यादा रहा। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंडक का मिला-जुला असर देखने को मिलता है। इस बार भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है।
यह भी पढ़ें-कौन हैं आईएएस संस्कृति जैन?: सिवनी में पालकी से हुई विदाई, भोपाल से तबादले पर गरमा गया माहौल; क्या हुआ जानिए?
मानसून लौट चुका, फिर भी क्यों हो रही बारिश?
मध्यप्रदेश से तीन अक्टूबर को मानसून की विदाई हो गई थी। इसके बावजूद बारिश जारी है। इसकी वजह मानसून की सक्रियता नहीं, बल्कि उसके बाद सक्रिय हुई मौसमी प्रणालियां हैं। पिछले एक सप्ताह से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में इनका असर दिखाई दे रहा है। बीते चार दिनों में कई जिलों में तेज बारिश भी दर्ज की गई है। सोमवार को गुना के अलावा इंदौर, शाजापुर, सीहोर, मंदसौर, उज्जैन, आगर-मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल और छिंदवाड़ा में बारिश हुई। महू में तेज आंधी के कारण दुर्गा पंडालों के टेंट उड़ने की भी जानकारी सामने आई।
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2022 जैसी स्थिति का डर, पुतलों को बचाने की तैयारी
भोपाल में रावण के पुतलों को बरसाती से ढकने के पीछे पुराना अनुभव भी है। वर्ष 2022 में दशहरे के दिन तेज बारिश से पुतले भीग गए थे। इसके कारण रावण दहन में परेशानी आई थी और पुतलों को जलाने के लिए केरोसिन-पेट्रोल तक डालना पड़ा था। प्रदेश के दूसरे शहरों में भी बारिश ने रावण दहन के आयोजनों को प्रभावित किया था। इस बार भी दशहरे पर बारिश की संभावना को देखते हुए पुतलों को सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है। अब मौसम साफ रहने और बारिश से राहत मिलने पर ही आयोजन बिना बाधा के हो सकेंगे।
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इन 25 जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, रायसेन, सागर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश हो सकती है। मौसम में बदलाव की वजह चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ को माना जा रहा है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से अगले चार दिन, यानी 23 अक्टूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इस दौरान तेज हवा के साथ आंधी चलने की भी आशंका है। दूसरी ओर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के कई इलाकों में धूप निकलने की संभावना है। यानी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज एक जैसा नहीं रहेगा।
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अक्टूबर में तीन रंग दिखा रहा मौसम
अक्टूबर में प्रदेश में मौसम के तीन अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। दिन में कई शहरों में तापमान 35 डिग्री से ऊपर पहुंच रहा है, जबकि रात में ठंडक बढ़ने लगी है। इसके साथ ही कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर भी जारी है। बीती रात छिंदवाड़ा में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री, कटनी के करौंदी में 17.8 डिग्री, आलीराजपुर और गुना में 18 डिग्री, अमरकंटक में 18.4 डिग्री और नीमच के मरुखेड़ा में 18.7 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं खंडवा, उज्जैन, खरगोन, रतलाम, राजगढ़ और रायसेन में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से ज्यादा रहा। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंडक का मिला-जुला असर देखने को मिलता है। इस बार भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है।
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मानसून लौट चुका, फिर भी क्यों हो रही बारिश?
मध्यप्रदेश से तीन अक्टूबर को मानसून की विदाई हो गई थी। इसके बावजूद बारिश जारी है। इसकी वजह मानसून की सक्रियता नहीं, बल्कि उसके बाद सक्रिय हुई मौसमी प्रणालियां हैं। पिछले एक सप्ताह से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में इनका असर दिखाई दे रहा है। बीते चार दिनों में कई जिलों में तेज बारिश भी दर्ज की गई है। सोमवार को गुना के अलावा इंदौर, शाजापुर, सीहोर, मंदसौर, उज्जैन, आगर-मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल और छिंदवाड़ा में बारिश हुई। महू में तेज आंधी के कारण दुर्गा पंडालों के टेंट उड़ने की भी जानकारी सामने आई।
