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मदरसे में अत्याचार: लोहे की रॉड से लटकाकर पीटते और घंटों तक मुर्गा बनाया जाता था, प्रताड़ित 26 बच्चों की आपबीती

Mon, 26 Oct 2026 07:17 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: ग्वालियर ब्यूरो Updated Mon, 26 Oct 2026 07:17 PM IST
सार

ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे से रेस्क्यू किए गए 26 बच्चों ने कथित मारपीट, भोजन की कमी और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। बच्चियों ने घरेलू काम कराने और हिजाब के लिए दबाव बनाने की शिकायत भी की। प्रशासन ने मदरसा सील कर दस्तावेजों और बच्चों के बयानों की जांच शुरू की है। 

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In madrasa, children hung from iron rods and forced to remain in 'squatting-like' stress position for hours
ग्वालियर के मदरसे में बच्चों के साथ हैवानियत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्वालियर में एजी ऑफिस के पास स्थित दारुल कुरआन मदरसे से रेस्क्यू किए गए 26 बच्चों ने कथित प्रताड़ना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें 18 बालक और आठ बालिकाएं शामिल हैं। बाल अधिकार संरक्षण आयोग और बाल कल्याण समिति की कार्रवाई के बाद बच्चों के बयान दर्ज किए गए। अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते समय कई बच्चे भावुक हो गए।

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बच्चों ने आरोप लगाया कि मदरसे में मामूली गलतियों पर उनके साथ मारपीट की जाती थी। बच्चों के मुताबिक, उन्हें लोहे की रॉड से लटकाकर पीटा जाता था और घंटों तक मुर्गा बनाकर रखा जाता था। उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि वे अब मदरसे में नहीं रहना चाहते और सुरक्षित माहौल में अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं।
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ये भी पढ़ें- मदरसे पर बाल आयोग का छापा, सात बच्चियों समेत 22 बच्चे रेस्क्यू; रहने की व्यवस्था में मिलीं कमियां
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खाने को लेकर भी लगाए आरोप
बच्चों ने बताया कि उन्हें सुबह और शाम दो-दो रोटियां दी जाती थीं। भूख लगने पर जब वे अतिरिक्त खाना मांगते थे तो कथित तौर पर उन्हें मना कर दिया जाता था। बच्चों के इन बयानों को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। मदरसे में रहने वाली बच्चियों ने भी कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि मदरसे में आने वाली एक महिला, जिसे वे ‘बाजी’ कहती थीं, उनसे अपने घर के काम करवाती थीं। बच्चियों के अनुसार उनसे झाड़ू-पोछा लगाने, बर्तन और कपड़े धोने तथा टॉयलेट साफ करने जैसे काम कराए जाते थे। छत से कपड़े उतारने में देर होने पर कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की जाती थी।


हिजाब के लिए दबाव का आरोप
बच्चियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर जबरन हिजाब पहनने का दबाव बनाया जाता था। विरोध करने पर उन्हें डराने के लिए कथित तौर पर कहा जाता था कि ‘शैतान आ जाएगा।’ बच्चियों का कहना है कि यह नियम संबंधित महिला की अपनी बेटी पर लागू नहीं किया जाता था। एक अन्य गंभीर आरोप में बच्चियों ने बताया कि ‘बाजी’ का बेटा रात में खिड़की से उनकी ओर ताक-झांक करता था। शिकायत किए जाने के बावजूद कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मदरसा सील, दस्तावेजों की जांच शुरू
बच्चों के रेस्क्यू के बाद प्रशासन ने मदरसे की इमारत को सील कर दिया है। संचालक से मदरसा संचालित करने की अनुमति समेत संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। झांसी रोड एसडीएम अतुल सिंह ने बताया कि मदरसे को सील कर नोटिस जारी किया गया है और CWC के सामने बच्चों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। कलेक्टर रुचिका चौहान और बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा के सामने भी बच्चों ने अपनी बात रखी। प्रशासन का कहना है कि दस्तावेजों और बच्चों के बयानों की जांच के बाद मामले में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ग्वालियर के मदरसे में बच्चों के साथ हैवानियत

मदरसे से मिली पुस्तकें

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