इंदौर में 29 मार्च को अमृत 2.0 की सौगात: सीएम मोहन यादव करेंगे 1356 करोड़ की जल परियोजनाओं का भूमिपूजन, जानें
इंदौर में नर्मदा चतुर्थ चरण व अमृत 2.0 के तहत 1356 करोड़ की जल परियोजनाओं का भूमिपूजन होगा। 24x7 जलापूर्ति, 400 एमएलडी अतिरिक्त पानी, पाइपलाइन, टैंक निर्माण, स्मार्ट मॉनिटरिंग और ग्रामीण क्षेत्रों तक जल सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।
विस्तार
इंदौर की जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, स्मार्ट और दीर्घकालिक बनाने के लिए नर्मदा चतुर्थ चरण के अंतर्गत अमृत 2.0 में 1356 करोड़ रुपए की तीन प्रमुख परियोजनाओं का भूमिपूजन 29 मार्च को दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे। इसी अवसर पर सिरपुर में 20 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी प्लांट का लोकार्पण भी किया जाएगा। नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने बताया कि यह परियोजना केवल आधारभूत संरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य, सुविधा और बेहतर जीवन स्तर से जुड़े व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। इस परियोजना के जरिए इंदौर में 24x7 जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 400 एमएलडी जल आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी।
39 किमी पाइपलाइन बिछाई जाएगी
पैकेज-2 में वांचू पॉइंट से राऊ सर्कल तक 2235 मिमी व्यास की लगभग 39 किलोमीटर लंबी ग्रेविटी मेन पाइपलाइन बिछाई जाएगी। शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी की सुचारू आपूर्ति के लिए तीन प्रमुख स्थानों पर लगभग 2870 मीटर लंबी आधुनिक टनल का निर्माण। राऊ सर्कल पर क्लोरीनेशन सिस्टम स्थापित कर जल की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। यह काम 30 माह में 448.23 करोड़ रुपए में पूरा होगा।
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40 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे
पैकेज-3 और 4: में शहर की जल वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। इसमें कुल 40 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे। यह टैंक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बनाए जाएंगे, जिनमें रेवती, खालसा चौक, लवकुश विहार, निरंजनपुर मंडी, कावेरी परिसर, महल कचहरी, शिवाजी नगर, गांधी नगर, छोटे-बड़े बांगड़दा और अन्य शामिल हैं। साथ ही 76 पुराने टैंकों का उन्नयन होगा। पैकेज-3 में 1.26 लाख नए घरेलू कनेक्शन और 1.08 लाख वाटर मीटर और पैकेज-4 में 1.21 लाख घरेलू कनेक्शन और 1.62 लाख वाटर मीटर लगाए जाएंगै। इस काम पर 907.73 करोड़ रुपए खर्च होंगे और 36 माह में काम पूरा होगा।
स्मार्ट मॉनिटरिंग की व्यवस्था
अब पूरी वॉटर सप्लाई की स्मार्ट मॉनिटरिंग की जाएगी। इसमें SCADA आधारित स्मार्ट मॉनिटरिंग, NRW नियंत्रण और DMA तकनीक लागू की जाएगी। रियल टाइम निगरानी से लीकेज और पानी की बर्बादी पर नियंत्रण संभव होगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद इंदौर की जल वितरण प्रणाली स्मार्ट, प्रभावी और पारदर्शी बन जाएगी और नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित और लगातार जलापूर्ति सुनिश्चित होगी।
ग्रामीण इलाकों में भी जलापूर्ति
परियोजना के तहत 29 गांवों जैसे रेवती, बरदरी, भौरांसला, कुमेड़ी, शक्करखेड़ी, अरंडिया, मायाखेड़ी, बिचौली हप्सी, पत्थर मुंडला, पालदा, केलोद करताल आदि में भी पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

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