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वंदे मातरम विवाद: कांग्रेस बैकफुट पर, चुप्पी से अल्पसंख्यक नेता नाराज, भाजपा हुई आक्रामक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Fri, 10 Apr 2026 12:06 PM IST
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सार

इंदौर में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी तूफान में बदल चुका है। दो कांग्रेस पार्षदों द्वारा गीत नहीं गाने और दिए गए बयानों के बाद कांग्रेस घिरती नजर आ रही है, जबकि भाजपा इसे राष्ट्रवाद का मुद्दा बनाकर आक्रामक रुख अपना चुकी है।

Vande Mataram row: Congress on the back foot in the Vande Mataram controversy
इंदौर में कांग्रेस का पुतला जलाते भाजपा कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

इंदौर के नगर निगम सम्मेलन में ‘वंदे मातरम्’ विवाद से राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के दो पार्षदों द्वारा ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाए जाने और विवादित बयान देने पर कांग्रेस ने पल्ला झाड़ लिया है। कांग्रेस नेताओं ने दोनों महिला पार्षदों का बचाव नहीं किया। इससे कांग्रेस पार्टी के अन्य अल्पसंख्यक नेता नाराज़ हो गए हैं। इस पूरे मामले में कांग्रेस बैकफुट पर नज़र आ रही है, जबकि भाजपा अब इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। शुक्रवार को इंदौर के कई वार्डों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के पुतले जलाए और ‘वंदे मातरम्’ गीत गाया।

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विवाद सामने आने के बाद इंदौर शहर कांग्रेस ने सभी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ गीत अनिवार्य कर दिया है। पार्षद रुबीना इक़बाल के खिलाफ निष्कासन का प्रस्ताव भी भोपाल भेज दिया गया है। उधर, इस मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी चुप्पी साध रखी है। छतरपुर दौरे में मीडियाकर्मियों ने जब उनसे इस मामले में सवाल पूछा, तो पटवारी ने हाथ जोड़ लिए और बिना कुछ बोले आगे बढ़ गए।

 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ‘वंदे मातरम्’ जैसे मुद्दे पर चुप्पी साधना कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है, खासकर तब जब विपक्ष इसे राष्ट्रवाद से जोड़कर बड़ा मुद्दा बना रहा है। फिलहाल, जीतू पटवारी की इस चुप्पी को लेकर सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब देखना होगा कि कांग्रेस इस विवाद पर आधिकारिक रूप से क्या रुख अपनाती है।


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कांग्रेस नेता अमीनुल खान सूरी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ गाने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उनकी आपत्ति शहर कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा इसे कार्यक्रमों में अनिवार्य किए जाने पर है। उन्होंने कहा, “हम कांग्रेस में उसकी विचारधारा से जुड़े हैं। सबसे पहले ‘वंदे मातरम्’ कांग्रेस के अधिवेशन में गाया गया था। इसे इस तरह अनिवार्य करना अनुचित है। देशभक्ति कोई आदेश नहीं, बल्कि एक एहसास है।

देशभक्ति की भावना के विपरित

वंदे मातरम विवाद मामले में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं है, यह देशभक्ति का प्रतिक है लेकिन कांग्रेस इस भावना से खुद को नहीं जोड़ पाई है। राष्ट्र हर धर्म से ऊपर है, लेकिन इंदौर की महिला कांग्रेस पार्षदों का बर्ताव देशभक्ति की भावना के विपरित है।

 


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