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Indore News: पत्नी के दहेज आरोप पर पहली बार बोले खजराना मंदिर के पुजारी, शादी से विवाद तक की हकीकत बताई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Wed, 25 Mar 2026 08:00 PM IST
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सार
Indore News: पत्नी ने दहेज प्रताड़ना और साजिश रचकर घर से निकालने के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुजारी ने इन आरोपों को उनकी छवि बिगाड़ने की कोशिश बताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इंदिरा भट्ट और पुनीत भट्ट
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर के पुजारी परिवार का आंतरिक कलह अब पूरी तरह सार्वजनिक हो गया है। मंदिर के पुजारी पुनीत भट्ट की दूसरी पत्नी इंदिरा भट्ट (शर्मा) ने अपने पति और ससुराल पक्ष के सदस्यों पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न सहित साजिश रचकर घर से बाहर निकालने के गंभीर आरोप जड़े हैं। इंदिरा का दावा है कि उन्हें वैवाहिक घर से बेदखल करने के लिए उनके पति ने बाकायदा एक योजनाबद्ध तरीके से काम किया। दूसरी ओर, पुजारी पुनीत भट्ट ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने की साजिश करार दिया है।
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विवाह में जल्दबाजी की गई
इंदिरा के अनुसार यह विवाह किसी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा नहीं था बल्कि इसे एक रणनीति के तहत बहुत कम समय में संपन्न कराया गया। उनका कहना है कि पुजारी पक्ष की ओर से विवाह के लिए इतना अधिक दबाव था कि पहली मुलाकात से लेकर विवाह होने तक का सफर मात्र 17 दिनों में तय हो गया। इंदिरा का आरोप है कि उन्हें करियर और भविष्य को लेकर बड़े-बड़े आश्वासन दिए गए थे और उस समय उन्हें लगा कि यह सब ईश्वरीय कृपा से हो रहा है। विवाह से पूर्व उज्जैन में हुई एक लंबी मुलाकात के बाद ही रिश्तों की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं।
संतान के लिए किया था विवाह
विवाद की जड़ में एक विशेष घटनाक्रम बताया जा रहा है। इंदिरा का आरोप है कि उनके पति ने संतान की इच्छा के चलते उनसे विवाह किया था, लेकिन जब पुनीत भट्ट के दत्तक पुत्र उदित की पत्नी के गर्भवती होने की पुष्टि जुलाई 2025 में हुई, तो परिवार में उनकी अहमियत कम कर दी गई। इंदिरा का दावा है कि यहीं से उन्हें घर से निकालने की पटकथा लिखी गई। उन्होंने बताया कि जिस बेटे ने उन्हें मां का दर्जा दिया था, उसी ने उन पर अपनी गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट का झूठा आरोप लगाकर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवा दी।
जेवरात हड़पने का दावा
पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि सितंबर 2025 में एक रात उनके पति ने उन्हें सब कुछ ठीक करने का भरोसा दिया था, जिसके साक्ष्य उनके पास मैसेज के रूप में सुरक्षित हैं। इंदिरा के अनुसार, इसके बाद ही उन्हें थाने से फोन आया। जब वे थाने से वापस लौटीं तो उन्होंने अपने ही घर पर ताला लटका पाया और पूरा ससुराल पक्ष बिना किसी सूचना के गायब हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी ननंद ने उनके लाखों रुपये के जेवरात और नकदी भी ले लिए। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पति के द्वारा बीच सड़क पर गाड़ी रोककर उन्हें आपसी सहमति से तलाक देने के लिए धमकाया गया।
पुनीत भट्ट ने कहा मैं सबकुछ कोर्ट में बताऊंगा
इन आरोपों के जवाब में पुजारी पुनीत भट्ट ने कहा कि यह सब निराधार है और मामला वर्तमान में न्यायालय के अधीन है। शादी के बाद मुझे बहुत सी बातें पता चली। मैं कोर्ट में सभी बातें बताऊंगा। पुनीत का तर्क है कि उनकी पहली पत्नी के निधन के बाद वह लंबे समय तक अकेले थे और पारिवारिक संतुलन बिगड़ने के डर से विवाह नहीं कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह इंदिरा का भी दूसरा विवाह है और विवाह के कुछ समय बाद ही वैचारिक मतभेद उत्पन्न होने लगे थे। पुनीत का आरोप है कि उनकी पत्नी स्वयं अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थीं और तलाक का प्रस्ताव भी उन्हीं की ओर से आया था।
पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान लिए
इस हाई प्रोफाइल मामले पर पुलिस प्रशासन का कहना है कि उन्हें जनसुनवाई के माध्यम से पीड़िता की शिकायत प्राप्त हुई है। एसीपी खजराना के अनुसार आवेदिका ने अपने पति पर एक महंगी कार और भारी नकदी की मांग करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने इस बात की भी पुष्टि की है कि पूर्व में उक्त महिला के विरुद्ध पुजारी के परिवार की ओर से मारपीट की एक प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। वर्तमान में पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की सूक्ष्मता से जांच कर रही है ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
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विवाह में जल्दबाजी की गई
इंदिरा के अनुसार यह विवाह किसी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा नहीं था बल्कि इसे एक रणनीति के तहत बहुत कम समय में संपन्न कराया गया। उनका कहना है कि पुजारी पक्ष की ओर से विवाह के लिए इतना अधिक दबाव था कि पहली मुलाकात से लेकर विवाह होने तक का सफर मात्र 17 दिनों में तय हो गया। इंदिरा का आरोप है कि उन्हें करियर और भविष्य को लेकर बड़े-बड़े आश्वासन दिए गए थे और उस समय उन्हें लगा कि यह सब ईश्वरीय कृपा से हो रहा है। विवाह से पूर्व उज्जैन में हुई एक लंबी मुलाकात के बाद ही रिश्तों की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं।
संतान के लिए किया था विवाह
विवाद की जड़ में एक विशेष घटनाक्रम बताया जा रहा है। इंदिरा का आरोप है कि उनके पति ने संतान की इच्छा के चलते उनसे विवाह किया था, लेकिन जब पुनीत भट्ट के दत्तक पुत्र उदित की पत्नी के गर्भवती होने की पुष्टि जुलाई 2025 में हुई, तो परिवार में उनकी अहमियत कम कर दी गई। इंदिरा का दावा है कि यहीं से उन्हें घर से निकालने की पटकथा लिखी गई। उन्होंने बताया कि जिस बेटे ने उन्हें मां का दर्जा दिया था, उसी ने उन पर अपनी गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट का झूठा आरोप लगाकर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवा दी।
जेवरात हड़पने का दावा
पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि सितंबर 2025 में एक रात उनके पति ने उन्हें सब कुछ ठीक करने का भरोसा दिया था, जिसके साक्ष्य उनके पास मैसेज के रूप में सुरक्षित हैं। इंदिरा के अनुसार, इसके बाद ही उन्हें थाने से फोन आया। जब वे थाने से वापस लौटीं तो उन्होंने अपने ही घर पर ताला लटका पाया और पूरा ससुराल पक्ष बिना किसी सूचना के गायब हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी ननंद ने उनके लाखों रुपये के जेवरात और नकदी भी ले लिए। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पति के द्वारा बीच सड़क पर गाड़ी रोककर उन्हें आपसी सहमति से तलाक देने के लिए धमकाया गया।
पुनीत भट्ट ने कहा मैं सबकुछ कोर्ट में बताऊंगा
इन आरोपों के जवाब में पुजारी पुनीत भट्ट ने कहा कि यह सब निराधार है और मामला वर्तमान में न्यायालय के अधीन है। शादी के बाद मुझे बहुत सी बातें पता चली। मैं कोर्ट में सभी बातें बताऊंगा। पुनीत का तर्क है कि उनकी पहली पत्नी के निधन के बाद वह लंबे समय तक अकेले थे और पारिवारिक संतुलन बिगड़ने के डर से विवाह नहीं कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह इंदिरा का भी दूसरा विवाह है और विवाह के कुछ समय बाद ही वैचारिक मतभेद उत्पन्न होने लगे थे। पुनीत का आरोप है कि उनकी पत्नी स्वयं अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थीं और तलाक का प्रस्ताव भी उन्हीं की ओर से आया था।
पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान लिए
इस हाई प्रोफाइल मामले पर पुलिस प्रशासन का कहना है कि उन्हें जनसुनवाई के माध्यम से पीड़िता की शिकायत प्राप्त हुई है। एसीपी खजराना के अनुसार आवेदिका ने अपने पति पर एक महंगी कार और भारी नकदी की मांग करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने इस बात की भी पुष्टि की है कि पूर्व में उक्त महिला के विरुद्ध पुजारी के परिवार की ओर से मारपीट की एक प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। वर्तमान में पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की सूक्ष्मता से जांच कर रही है ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
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