सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore news PhD scholar Rohini Ghavri questions missing Indian flag at Davos WEF 2026

Indore News: दावोस में तिरंगा नहीं पर पाकिस्तान का झंडा, भड़की इंदौर की बेटी, PMO से पूछा कड़ा सवाल

अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Mon, 26 Jan 2026 01:03 PM IST
विज्ञापन
सार

Indore News: अंतरराष्ट्रीय स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी ने स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मुख्य हॉल में भारत का झंडा न होने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पाकिस्तान के झंडे की मौजूदगी पर नाराजगी जाहिर करते हुए पीएमओ को टैग किया।

Indore news PhD scholar Rohini Ghavri questions missing Indian flag at Davos WEF 2026
रोहिणी के पीछे दिख रहा पाकिस्तान का झंडा - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

संयुक्त राष्ट्र में जय श्री राम के उद्घोष और भारतीय दलितों की स्थिति को वैश्विक मंच पर बेहतर बताने वाली इंदौर की प्रख्यात पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान भारत के राष्ट्रीय ध्वज की अनुपस्थिति को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं। रोहिणी ने एक्स प्लेटफॉर्म पर अपनी पोस्ट के जरिए इस स्थिति पर हैरानी और निराशा व्यक्त की है।
Trending Videos


मुख्य कॉन्फ्रेंस हॉल से तिरंगा गायब होने पर जताई नाराजगी
डॉ. रोहिणी घावरी ने दावोस से एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत का प्रतिनिधित्व हमेशा की तरह इस बार भी बेहद प्रभावशाली रहा है। हालांकि उन्होंने इस बात पर आपत्ति जताई कि दावोस के उस मुख्य कॉन्फ्रेंस हॉल में भारत का झंडा मौजूद नहीं था जहां डोनाल्ड ट्रंप और अन्य वैश्विक नेताओं ने सभा को संबोधित किया। रोहिणी ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्या कारण रहा कि इस महत्वपूर्ण स्थान पर हमारे देश के गौरव तिरंगे को जगह नहीं मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन


पाकिस्तान के झंडे की मौजूदगी पर व्यक्त की निराशा
रोहिणी ने अपनी पोस्ट में इस बात पर विशेष जोर दिया कि जहां भारत का झंडा नदारद था, वहीं पाकिस्तान जैसे देश का ध्वज वहां तीसरे नंबर पर प्रदर्शित हो रहा था। उन्होंने कहा कि भारत का झंडा न होना जितनी निराशा की बात है, उससे कहीं अधिक दुख इस बात का है कि वहां पाकिस्तान का झंडा लगा हुआ था। उनके अनुसार दावोस और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच पर पाकिस्तान की स्थिति भारत की तुलना में कहीं भी नहीं ठहरती है, फिर भी वहां की व्यवस्था में यह अंतर स्पष्ट दिखाई दिया।

आर्थिक शक्ति के रूप में भारत का बढ़ता प्रभाव
रोहिणी ने अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में पूरी दुनिया भारत को एक नई उम्मीद के रूप में देख रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत जल्द ही यूरोपीय संघ के साथ एक बहुत बड़ा समझौता करने जा रहा है जिससे यूरोपीय देशों की चीन पर निर्भरता कम होगी। इस आयोजन में भारत के दस राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति को उन्होंने देश की बढ़ती ताकत का प्रमाण बताया, लेकिन कांग्रेस सेंटर पर झंडे की कमी को खटकने वाला बताया।

संघर्षों से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
इंदौर के एक साधारण वाल्मीकि परिवार से आने वाली डॉ. रोहिणी घावरी की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनके पिता इंदौर के बीमा अस्पताल में सफाई कर्मचारी हैं। रोहिणी ने अपनी मेहनत से स्विट्जरलैंड की यूनिवर्सिटी से पीएचडी के लिए एक करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप प्राप्त की और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की। वह पिछले पांच वर्षों से स्विट्जरलैंड में यूएन स्कॉलर के रूप में सक्रिय हैं और सामाजिक कार्यों के लिए अपना एनजीओ भी संचालित करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed