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शराब कांड: जल्दी अमीर बनने के चक्कर में एआई की मदद से बनाई नकली शराब, बिक्री के लिए ठेकों के कर्मचारी जोड़े

Wed, 28 Oct 2026 01:46 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर/मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर/मुंबई Published by: Abhishek Chendke Updated Wed, 28 Oct 2026 01:46 PM IST
सार

देवास में जहरीली शराब पीने से दस से ज्यादा लोगों की मौत के मामले में मुख्य आरोपी अजय राठौर (27) ने अमीर बनने के लालच में नकली शराब बनाने की साजिश रची थी। उसने शराब तैयार करने से पहले ही उसे खपाने के लिए नेटवर्क तैयार कर लिया था। 

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Liquor scandal: In a bid to get rich quick, Ajay manufactured spurious liquor and roped in liquor shop employe
शराब कांड का मुख्य आरोपी अजय राठौर - फोटो : amar ujala

विस्तार

मुख्य आरोपी अजय राठौर इंदौर जिले के पूर्वाडादाई गांव का रहने वाला है। उसने अमीर बनने के लालच में नकली शराब बनाने की योजना बनाई थी। शराब तैयार करने से पहले ही उसने उसे बेचने का नेटवर्क खड़ा कर लिया था। इसके लिए सरकारी शराब दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों को अपने साथ जोड़ा। देवास जिले की दो दुकानों के अलावा इंदौर की एक शराब दुकान के कर्मचारियों को भी नकली शराब बेचने के लिए तैयार किया। पहली बार बनाई गई नकली शराब देवास की दुकानों तक पहुंचाई गई। इसे पीने से दस से ज्यादा लोगों की जान चली गई।

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मौतों की जानकारी मिलते ही हुआ फरार
अजय ने अपने गांव स्थित घर में नकली शराब तैयार की थी। इसके बाद चंदाना और बिंजाना क्षेत्र की शराब दुकानों पर लाइसेंसी शराब की पेटियों में नकली बोतलें मिला दीं, ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, लोगों के बीमार पड़ने और मौतों की जानकारी सामने आने के बाद उसने दूसरी दुकानों पर नकली शराब भेजना बंद कर दिया। इसके बाद वह घर से गायब हो गया। मौतों का आंकड़ा बढ़ने पर प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की और नकली शराब के नेटवर्क का पता लगाया।

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इंदौर से मंगवाया था केमिकल 
आरोपी अजय ने शराब बनाने की प्रक्रिया जानने के लिए 27-28 सितंबर से AI की मदद से इंटरनेट पर जानकारी तलाशना शुरू किया था। इसके बाद इंदौर के महावीर मार्केट, लोहामंडी स्थित गोदाम से केमिकल मंगवाया था। इसे दवा बाजार के गोदाम से बुक कराया गया था। पुलिस के अनुसार पूर्वाडादाई गांव में अजय राठौर के मकान और उसके साथी गोविंद के लौहार पिपल्या स्थित मकान में केमिकल में पानी मिलाकर नकली शराब तैयार की गई थी।

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नकली शराब को असली जैसा दिखाने के लिए आरोपियों ने कबाड़ की दुकानों से शराब की खाली बोतलें खरीदीं। इनमें नकली शराब भरकर ढक्कन से पैक किया गया। इसके बाद क्षिप्रा और भाड़ा पिपल्या की वाइन शॉप पर लाइसेंसी शराब की पेटियों में नकली बोतलें रख दी गईं।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने 2 से 5 अक्टूबर के बीच नकली शराब तैयार की और 6 से 11 अक्टूबर के बीच उसकी बिक्री शुरू की। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के दोनों मकानों की तलाशी ली। इसके अलावा इंदौर स्थित दोनों गोदामों को भी सील कर दिया।

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