सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   MPPSC 2025: High Court Refuses Approval for Main Exam Schedule, Next Hearing on October 9

MPPSC 2025: हाईकोर्ट ने मुख्य परीक्षा शेड्यूल की अनुमति देने से किया इंकार, 9 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Wed, 24 Sep 2025 10:00 AM IST
विज्ञापन
सार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने MPPSC 2025 मुख्य परीक्षा के शेड्यूल को मंजूरी देने से इंकार कर दिया है। याचिका पर अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।

MPPSC 2025: High Court Refuses Approval for Main Exam Schedule, Next Hearing on October 9
जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा 2025 के पेश किए गए शेड्यूल को फिलहाल मंजूरी देने से इंकार कर दिया है। मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगल पीठ ने कहा कि दूसरे पक्ष को सुने बिना शेड्यूल को मंजूरी नहीं दी जा सकती। याचिका पर अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

Trending Videos


आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों भोपाल निवासी सुनीत यादव, नरसिंहपुर निवासी पंकज जाटव और बैतूल निवासी रोहित कावड़े की ओर से याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि एमपीपीएससी द्वारा कुल 158 पदों की भर्ती के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 5 मार्च को घोषित किया गया था, लेकिन परिणाम घोषित करते समय वर्गवार कट-ऑफ अंक जारी नहीं किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Damoh News: पत्नी की दूसरी शादी नहीं हुई बर्दाश्त, दिनदहाड़े चाकू मारकर की हत्या, अब आजीवन कारावास

याचिकाकर्ताओं ने बताया कि पूर्व की सभी परीक्षाओं में वर्गवार कट-ऑफ अंक जारी किए जाते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के विभिन्न आदेशों के बावजूद आयोग ने अनारक्षित पदों पर आरक्षित वर्ग के योग्य अभ्यर्थियों का चयन मुख्य परीक्षा में नहीं किया। आयोग ने सभी अनारक्षित पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित कर प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया। याचिकाकर्ताओं के अनुसार आयोग ने इस असंवैधानिक त्रुटि को छुपाने के उद्देश्य से वर्गवार कट-ऑफ अंक जारी नहीं किए।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि आयोग की गलती के कारण उनका चयन मुख्य परीक्षा में नहीं हो पाया। याचिकाकर्ताओं ने शासन और आयोग से मुख्य परीक्षा का शेड्यूल पेश करने और उसके क्रियान्वयन की अनुमति देने का अनुरोध किया। युगल पीठ ने फिलहाल अनुमति देने से इंकार कर दिया और आवश्यक आदेश जारी किए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed