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Jabalpur News: फर्जी ऑनलाइन धान खरीदी कर साढ़े तीन करोड़ का घोटाला, कलेक्टर के निर्देश पर एफआईआर दर्ज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Wed, 21 Jan 2026 09:25 AM IST
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सार

जबलपुर के मझौली स्थित धान खरीदी केंद्र में ई-उपार्जन पोर्टल पर 15 हजार क्विंटल धान की फर्जी ऑनलाइन खरीदी कर साढ़े तीन करोड़ का घोटाला सामने आया है। केंद्र प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर पर एफआईआर दर्ज हुई है।

Three and a half crore rupees scam by fake online purchase of paddy
अपराध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जबलपुर के मझौली तहसील स्थित धान खरीदी केंद्र में ई-उपार्जन पोर्टल के जरिए फर्जी ऑनलाइन धान खरीदी कर साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला सामने आया है। जांच में ऑनलाइन दर्ज खरीदी और भौतिक रूप से मौजूद धान में करीब 15 हजार क्विंटल का अंतर पाया गया है। प्रशासन ने मामले में केंद्र प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ मझौली थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है।

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जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को शिकायत मिलने के बाद मझौली तहसील अंतर्गत वृहताकार सहकारी संस्था द्वारा संचालित श्री वेयरहाउस धान उपार्जन केंद्र की जांच के लिए संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन के नेतृत्व में समिति गठित की गई थी।
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जांच समिति ने पाया कि खरीद विपणन वर्ष 2025-26 में ई-उपार्जन पोर्टल के अनुसार 65,235 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई है, जबकि भौतिक सत्यापन में 14,934 क्विंटल धान कम पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि ई-उपार्जन पोर्टल पर 174 किसानों के नाम से 14,505 क्विंटल धान की फर्जी ऑनलाइन खरीदी दर्ज की गई।

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रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि अवैध प्रविष्टियां कर अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से हेराफेरी की गई। इसके लिए धान खरीदी केंद्र के प्रभारी रत्नेश भट्ट और कंप्यूटर ऑपरेटर अमन सेन को संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है। जांच रिपोर्ट में दोनों दोषी कर्मचारियों के खिलाफ भू-राजस्व संहिता के तहत घोटाले की राशि की वसूली के लिए दंडात्मक कार्रवाई करने और आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की अनुशंसा की गई थी।

मझौली पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार जाटव की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 316, 318 एवं 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

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