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MP News : भाजपा विधायक संजय पाठक की माइनिंग कंपनी से होगी 443 करोड़ की वसूली, शिकंजा कसते ही दी सफाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: कटनी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Aug 2025 11:10 PM IST
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सार
प्रदेश सरकार ने भाजपा विधायक संजय पाठक की खदानों पर अवैध उत्खनन के आरोप में 443 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। जांच में अनियमितताएं प्रमाणित हुईं। सरकार की सख्ती से खनन माफिया में हड़कंप मच गया है। संजय पाठक ने खुद को दो वर्षों से परेशान बताया है।
पूर्वमंत्री और विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक
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विस्तार
प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपने ही पार्टी के विधायक पर अवैध उत्खनन के मामले में 443 करोड़ रुपये का भारी भरकम जुर्माना लगाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेसी विधायकों के सवालों का जवाब देते हुए ये जानकारी लिखित में दी। मामला कटनी के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी खदानों का है। आरोप है कि विधायक संजय पाठक की जबलपुर के सिहोरा में निर्मला मिनरल्स, आनंद माइनिंग और पेसिफिक एक्सपोर्ट के नाम से तीन खदानें है। इन सभी खदानों में जमकर अवैध उत्खनन हुआ है।
दरअसल, शिकायतकर्ता आशुतोष मनु दीक्षित ने मार्च 2025 में ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि संजय पाठक से जुड़ी तीनों कंपनियों द्वारा स्वीकृति से अधिक मात्रा में उत्खनन किया गया है। इस शिकायत के बाद 23 अप्रैल को एक जांच टीम बनाई गई। जांच टीम ने 6 जून को रिपोर्ट शासन को सौंपी। इसमें तीनों कंपनियों पर 443 करोड़ की वसूली निकाली गई।
ये भी पढ़ें- सर्वे में सिहोरा में मिले आयरन ओर के साथ सोने के अयस्क, माइनिंग कॉरपोरेशन को भेजी गई रिपोर्ट
जांच दल पर गलत रिपोर्ट तैयार करने का आरोप
इस कार्रवाई के बाद विधायक संजय पाठक और उनकी कंपनियों से जुड़े अधिकारियों से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन कोई भी कुछ भी बोलने तैयार नहीं है। हालांकि, कंपनी के अधिकारियों की तरफ से एक पत्र जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि उनकी कंपनी 70 वर्षों से खनन कारोबार में है। कंपनियों द्वारा कोई अवैध उत्खनन नहीं किया गया। जांच दल के अधिकारियों ने बिना मौके पर जाए गलत रिपोर्ट तैयार की है।
खनन माफिया में हड़कंप मचा
बहरहाल, सरकार के इस सख्त रवैए से न सिर्फ संजय पाठक बल्कि दूसरे खनन माफियाओं में भी हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल, विधानसभा में कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह और हेमंत कटारे की ओर से सवाल पूछा गया था कि शिकायतकर्ता आशुतोष मनु दीक्षित की शिकायत पर गठित जांच दल की रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई हुई? इसके जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिखित जानकारी देकर 443 करोड़ के जुर्माने की पुष्टि की। बता दें, भारतीय खनन ब्यूरो के अधिकारियों ने सैटेलाइट डेटा और अन्य साक्ष्यों के आधार पर शिकायत की जांच की और अवैध उत्खनन की जांच को सही पाया है।
ये भी पढ़ें- दलित से सामूहिक दुष्कर्म: प्रेमी को मारकर छीन ले गए प्रेमिका, जंगल में युवती चीखती रही; दरिंदे लूटते रहे अस्मत
वर्ष 2013 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए
कटनी के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक एक बड़े माइनिंग कारोबारी हैं। वे 2013 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे। इनके पिता स्वर्गीय सत्येंद्र पाठक बड़े कांग्रेसी नेता थे और दिग्विजय सरकार में खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री भी थे। 2013 के पहले संजय पाठक भी कांग्रेस के विधायक थे, लेकिन कांग्रेस की हार के बाद उन्होंने कांग्रेस विधायक रहते हुए पार्टी से इस्तीफा दिया और भाजपा का दामन थाम लिया। इसके बाद संजय पाठक ने दोबारा चुनाव लड़ा और भाजपा से विधायक बने। इस दौरान ये भी चर्चा थी कि अपने माइनिंग कारोबार को बचाने संजय पाठक ने भाजपा का दामन थामा है।
दो साल से परेशान चल रहा हूं...
भाजपा विधायक संजय पाठक की एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें वो ये कहते हुए साफ तौर पर नजर आ रहे हैं कि पिछले दो साल से वो परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इसके पहले पंद्रह महीने की कांग्रेस सरकार में भी उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। विधायक के इस बयान के भी कई मायने निकालें जा रहे हैं।
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दरअसल, शिकायतकर्ता आशुतोष मनु दीक्षित ने मार्च 2025 में ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि संजय पाठक से जुड़ी तीनों कंपनियों द्वारा स्वीकृति से अधिक मात्रा में उत्खनन किया गया है। इस शिकायत के बाद 23 अप्रैल को एक जांच टीम बनाई गई। जांच टीम ने 6 जून को रिपोर्ट शासन को सौंपी। इसमें तीनों कंपनियों पर 443 करोड़ की वसूली निकाली गई।
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जांच दल पर गलत रिपोर्ट तैयार करने का आरोप
इस कार्रवाई के बाद विधायक संजय पाठक और उनकी कंपनियों से जुड़े अधिकारियों से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन कोई भी कुछ भी बोलने तैयार नहीं है। हालांकि, कंपनी के अधिकारियों की तरफ से एक पत्र जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि उनकी कंपनी 70 वर्षों से खनन कारोबार में है। कंपनियों द्वारा कोई अवैध उत्खनन नहीं किया गया। जांच दल के अधिकारियों ने बिना मौके पर जाए गलत रिपोर्ट तैयार की है।
खनन माफिया में हड़कंप मचा
बहरहाल, सरकार के इस सख्त रवैए से न सिर्फ संजय पाठक बल्कि दूसरे खनन माफियाओं में भी हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल, विधानसभा में कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह और हेमंत कटारे की ओर से सवाल पूछा गया था कि शिकायतकर्ता आशुतोष मनु दीक्षित की शिकायत पर गठित जांच दल की रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई हुई? इसके जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिखित जानकारी देकर 443 करोड़ के जुर्माने की पुष्टि की। बता दें, भारतीय खनन ब्यूरो के अधिकारियों ने सैटेलाइट डेटा और अन्य साक्ष्यों के आधार पर शिकायत की जांच की और अवैध उत्खनन की जांच को सही पाया है।
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वर्ष 2013 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए
कटनी के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक एक बड़े माइनिंग कारोबारी हैं। वे 2013 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे। इनके पिता स्वर्गीय सत्येंद्र पाठक बड़े कांग्रेसी नेता थे और दिग्विजय सरकार में खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री भी थे। 2013 के पहले संजय पाठक भी कांग्रेस के विधायक थे, लेकिन कांग्रेस की हार के बाद उन्होंने कांग्रेस विधायक रहते हुए पार्टी से इस्तीफा दिया और भाजपा का दामन थाम लिया। इसके बाद संजय पाठक ने दोबारा चुनाव लड़ा और भाजपा से विधायक बने। इस दौरान ये भी चर्चा थी कि अपने माइनिंग कारोबार को बचाने संजय पाठक ने भाजपा का दामन थामा है।
दो साल से परेशान चल रहा हूं...
भाजपा विधायक संजय पाठक की एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें वो ये कहते हुए साफ तौर पर नजर आ रहे हैं कि पिछले दो साल से वो परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इसके पहले पंद्रह महीने की कांग्रेस सरकार में भी उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। विधायक के इस बयान के भी कई मायने निकालें जा रहे हैं।


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