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एमपी: 25 सितंबर से मप्र में शुरू होगी मुख्यमंत्री बस सेवा, सीएम बोले- हम सुविधा के साथ सुरक्षा भी देंगे
Fri, 11 Sep 2026 03:56 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 11 Sep 2026 03:56 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा 25 सितंबर से शुरू होगी। यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सुविधा के साथ यात्रियों की सुरक्षा पर जोर दिया। सरकार आधुनिक, डिजिटल और नागरिक-केंद्रित परिवहन नेटवर्क विकसित करेगी। समिट में निजी क्षेत्र की भागीदारी, पीपीपी मॉडल और मोबिलिटी विजन 2030 पर भी चर्चा हुई।
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इंदौर में सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में यात्री सुविधाओं और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का आयोजन किया गया। इसमें यात्री परिवहन को आधुनिक बनाने और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। मध्यप्रदेश में बस सेवा 25 सितंबर से शुरू होगी।
कार्यक्रम में आए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बहुत कम राज्य हैं, जहां दो शहरों में मेट्रो चल रही है। मुख्यमंत्री बस सेवा ने परिवहन से जुड़े लोगों का भी ध्यान रखा गया है। उन्हें भी हमने जोड़ा है। प्रदेश में 74 हजार किलो मीटर सड़कें बनीं। लोक परिवहन की जरूरत प्रदेश को थी। पांच लाख किलोमीटर सड़क का नेटवर्क है। धार्मिक पर्यटन में भी परिवहन सेवा का महत्व है। हम सुविधा के साथ सुरक्षा भी यात्रियों को देंगे।
परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि भविष्य में यात्री परिवहन सेवा मील का पत्थर साबित होगी। सरकारी परिवहन सेवा की कमी प्रदेश में महसूस की जा रही थी, लेकिन अब प्रदेश के यात्रियों को सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि यात्री परिवहन की दृष्टि से जो सबसे बड़ी समस्या थी। उसे सरकार ने दूर करने की कोशिश की। नई परिवहन योजना से मध्य प्रदेश को और पूरे देश को जोड़ा जाएगा।
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ये भी पढ़ें - भोपाल मास्टर प्लान: जयवर्धन बोले- भाजपा चाहती है अवैध कॉलोनियां कटें, पीसी शर्मा 31 घंटे के उपवास पर बैठे
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कार्यक्रम में आए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बहुत कम राज्य हैं, जहां दो शहरों में मेट्रो चल रही है। मुख्यमंत्री बस सेवा ने परिवहन से जुड़े लोगों का भी ध्यान रखा गया है। उन्हें भी हमने जोड़ा है। प्रदेश में 74 हजार किलो मीटर सड़कें बनीं। लोक परिवहन की जरूरत प्रदेश को थी। पांच लाख किलोमीटर सड़क का नेटवर्क है। धार्मिक पर्यटन में भी परिवहन सेवा का महत्व है। हम सुविधा के साथ सुरक्षा भी यात्रियों को देंगे।
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परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि भविष्य में यात्री परिवहन सेवा मील का पत्थर साबित होगी। सरकारी परिवहन सेवा की कमी प्रदेश में महसूस की जा रही थी, लेकिन अब प्रदेश के यात्रियों को सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि यात्री परिवहन की दृष्टि से जो सबसे बड़ी समस्या थी। उसे सरकार ने दूर करने की कोशिश की। नई परिवहन योजना से मध्य प्रदेश को और पूरे देश को जोड़ा जाएगा।
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इंदौर में सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने कहा कि बीस साल तक शहर में निजी बसों का संचालन हो रहा था, लेकिन अब सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू की है। समिट में प्रदेश की भविष्य की मोबिलिटी व्यवस्था, आधुनिक यात्री परिवहन और निजी क्षेत्र की भागीदारी को लेकर सरकार, उद्योग जगत और परिवहन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने मंथन किया।
समिट का मुख्य फोकस मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना पर रहा। इसके माध्यम से प्रदेश में परिवहन नेटवर्क, डिजिटल तकनीक से जुड़ी और नागरिक-केंद्रित यात्री परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा हुई। आयोजन में निजी बस ऑपरेटर, नीति निर्माता, परिवहन प्राधिकरण, बस निर्माता, टेक्नोलॉजी कंपनियां, निवेशक और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हुए।
वर्ष 2030 मोबिलिटी विजन हुआ मंथन
समिट में सरकार और निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। संभावित पायलट प्रोजेक्ट और निवेश के अवसरों पर भी विचार-विमर्श हुआ। आयोजन के दौरान मोबिलिटी विजन 2030 रोडमैप तैयार करने, परिवहन क्षेत्र में पीपीपी मॉडल को गति देने, डिजिटल-फर्स्ट मोबिलिटी फ्रेमवर्क विकसित करने, स्वच्छ मोबिलिटी को बढ़ावा देने तथा सरकार और उद्योग के बीच सहयोग मजबूत करने की दिशा में काम करने पर जोर दिया गया।
समिट का मुख्य फोकस मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना पर रहा। इसके माध्यम से प्रदेश में परिवहन नेटवर्क, डिजिटल तकनीक से जुड़ी और नागरिक-केंद्रित यात्री परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा हुई। आयोजन में निजी बस ऑपरेटर, नीति निर्माता, परिवहन प्राधिकरण, बस निर्माता, टेक्नोलॉजी कंपनियां, निवेशक और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हुए।
वर्ष 2030 मोबिलिटी विजन हुआ मंथन
समिट में सरकार और निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। संभावित पायलट प्रोजेक्ट और निवेश के अवसरों पर भी विचार-विमर्श हुआ। आयोजन के दौरान मोबिलिटी विजन 2030 रोडमैप तैयार करने, परिवहन क्षेत्र में पीपीपी मॉडल को गति देने, डिजिटल-फर्स्ट मोबिलिटी फ्रेमवर्क विकसित करने, स्वच्छ मोबिलिटी को बढ़ावा देने तथा सरकार और उद्योग के बीच सहयोग मजबूत करने की दिशा में काम करने पर जोर दिया गया।
