फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Narmadapuram News ›   Cook dishes in the scorching heat of the sun, make a basket made stove, show cooked Maggi

आपदा में अवसर: सूरज की तीखी धूप से पकाएं व्यंजन, टोकरी बनी चूल्हा, मैगी पकाकर दिखाई

Thu, 30 May 2024 09:33 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नर्मदापुरम
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नर्मदापुरम Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 30 May 2024 09:33 PM IST
सार

तपती धूप के बीच बांस की टोकरियों में अंदर की ओर एल्यूमिनियम फॉईल लगाई, जिससे यह डिश की तरह सूरज की किरणों को समेटने लगी। टोकरी के  केंद्र में बाहर से काले पुते बर्तन में पानी में मैगी रखकर धूप में रखा गया। 

विज्ञापन
Cook dishes in the scorching heat of the sun, make a basket made stove, show cooked Maggi
तीखी धूप में मैगी पकाई गई - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बांस की टोकरियों में अनाज अथवा किसी समारोह में बने व्यंजनों को रखा जाता है, लेकिन अगर वही टोकरी स्वयं व्यंजन बनाने का साधन बन जाए वो भी बिना गैस, बिजली या केरोसिन के तो यह आम लोगों के लिए आश्चर्य का विषय हो सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने। दोपहर में प्रचंड गर्मी में परेशान लोगों को उन्होंने धूप के भी फायदे दिखाए। उन्होंने बांस की टोकरी को चूल्हा बनाकर उसमें मैगी पकाकर दिखाई।
विज्ञापन


ऐसे बनाया चूल्हा
सारिका घारू ने तपती धूप के बीच बांस की टोकरियों में अंदर की ओर एल्यूमिनियम फॉईल लगाई, जिससे यह डिश की तरह सूरज की किरणों को समेटने लगी। टोकरी के  केंद्र में बाहर से काले पुते बर्तन में पानी में मैगी रखकर धूप में रखा गया। कुछ मिनट बाद जब बर्तन को खोलकर देखा गया तो मैगी बनकर खाने के लिए तैयार थी। इसमें मसाले मिलाकर इसका स्वाद दर्शकों ने लिया।
विज्ञापन


ऐसे तैयार करें कूकर
अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सारिका घारू ने इस प्रयोग को घरेलू सामग्री से कर दिखाया। सारिका ने बताया कि सूर्य का प्रकाश अपने उच्च विकिरण के साथ साल में लगभग 7 माह तक उपलब्ध रहता है। बांस की टोकरी या अन्य घरेलू सामग्री से कुकर तैयार करके प्रात: 8 बजे से सायं 4 बजे के बीच 150 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान प्राप्त किया जा सकता है। इससे घरेलू भोजन का कुछ भाग बनाकर एलपीजी की बचत की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेंक सकते हैं मूंगफली
सारिका ने बताया कि इस प्रयोग से मूंगफली को सेंकना, खिचड़ी बनाने जैसे कार्य आसानी से किए जा सकते हैं। इस कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य सूर्य की असीमित ऊर्जा के उपयोग के बारे में आमलोगों को जागरूक करना था।


कैसे काम करता है चूल्हा
बांस की टोकरी में लगी एल्यूमिनियम फॉईल एक रिफ्लेक्टर का कार्य करती है। यह टोकरी में आने वाले सूर्य के प्रकाश को बीच में रखे बर्तन पर केंद्रित करके गर्म करती है। इसमें रखा जाने वाला बर्तन बाहर से काले रंग से रंगा जाता है, जो कि उष्मा का सबसे अच्छा अवशोषक होता है। इसकी मदद से काफी उच्च तापमान प्राप्त हो जाता है और कई व्यंजन तीखी धूप में तपाकर बनाए जा सकते हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed