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Farmers Protest: मांगों को लेकर सड़क पर डटे किसान तो उनकी बाट जोह रहा परिवार, जानिए अन्नदाताओं के घर के हाल

Wed, 29 Jul 2026 10:24 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 29 Jul 2026 10:24 PM IST
सार

नर्मदापुरम के हजारों किसान 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर तीन दिन से भोपाल में आंदोलनरत हैं। इधर गांवों में सन्नाटा है, परिवार उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं। घरों में रखी मूंग बारिश से खराब हो रही है, खेती प्रभावित है और परिजन सरकार से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।

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Bhopal Farmers Protest: Families of farmers who went on strike await
किसान आंदोलन के बाद किसानों के घरवाले चिंता में हैं। - फोटो : अमर उजाला
नर्मदापुरम से भोपाल पहुंचे हजारों किसान अपनी 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर तीन दिन से सड़कों पर डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती, तब तक वे आंदोलन खत्म कर वापस घर नहीं लौटेंगे। लेकिन किसानों के इस आंदोलन का असर अब सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी तस्वीर नर्मदापुरम के गांवों में भी दिखाई देने लगी है।




गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है, गलियां सूनी पड़ी हैं और जिन रास्तों पर कभी खेती-किसानी की हलचल नजर आती थी, वहां अब परिवारों को अपने अपनों की वापसी का इंतजार है। किसान आंदोलन में गए हैं, लेकिन पीछे घरों में उनकी जिम्मेदारियां और परेशानियां रह गई हैं। कहीं बच्चे अपने पिता के लौटने की राह देख रहे हैं तो कहीं महिलाएं अकेले खेत, घर और पशुओं की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। कहीं तो घरवालों के गले से निवाला नहीं निगला जा रहा तो कहीं खाना ही नहीं बन रहा।

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Bhopal Farmers Protest: Families of farmers who went on strike await
अपनी मांगों को लेकर किसान भोपाल की सड़कों पर बैठे हैं - फोटो : अमर उजाला
इंतजार में कट रहे दिन
परिजनों का कहना है कि तीन दिन से उनके पति, पिता, भाई और बेटे भोपाल में आंदोलन कर रहे हैं। फोन पर बात होती है तो किसान यही कहते हैं कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, वे वापस नहीं आएंगे। परिवार इंतजार में दिन काट रहे हैं, लेकिन आंदोलन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा।

खराब हो रही मूंग
सबसे बड़ी चिंता किसानों की उस मेहनत की फसल को लेकर है, जिसे बेचने के लिए वे संघर्ष कर रहे हैं। मूंग की कटाई के बाद बड़ी मात्रा में उपज घरों में रखी हुई है। बारिश और नमी के कारण मूंग खराब होने लगी है। कई जगह फफूंद लगने की समस्या सामने आ रही है। परिवारों का कहना है कि यही फसल उनके घर का सहारा है, अगर समय पर खरीदी नहीं हुई तो महीनों की मेहनत और खर्च दोनों बर्बाद हो सकते हैं।

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Bhopal Farmers Protest: Families of farmers who went on strike await
सीएम आवास घेरने किसान भोपाल की तरफ बढ़े - फोटो : अमर उजाला
हमारा ख्याल रखे सरकार
किसानों के परिजनों का कहना है कि वे पहले ही कर्ज लेकर अगली फसल की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में मूंग का उचित मूल्य नहीं मिलने से आर्थिक संकट और गहरा सकता है। किसानों की मांग है कि सरकार खरीदी की सीमा बढ़ाकर उनकी पूरी उपज खरीदे, ताकि उन्हें नुकसान न उठाना पड़े।

खेती का काम पड़ा ठप
इधर किसानों के आंदोलन में जाने के बाद गांवों में खेती के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। खेतों में लगी धान की फसल को पानी की जरूरत है, लेकिन कई जगह सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है। पशुओं की देखभाल से लेकर खेतों तक की जिम्मेदारी अब परिवार के दूसरे सदस्यों को उठानी पड़ रही है।

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Bhopal Farmers Protest: Families of farmers who went on strike await
किसान पुलिस अफसरों के पैरों तक में गिर गए। - फोटो : अमर उजाला
बच्चे पूछ रहे- कब आएंगे पापा
घर की महिलाओं का कहना है कि वे चाहती हैं कि सरकार जल्द फैसला ले, ताकि किसान अपने घर वापस लौट सकें और खेती का काम फिर से सामान्य हो सके। वहीं आंदोलन में गए किसानों के बच्चे रोज अपने पिता से एक ही सवाल पूछ रहे हैं पापा कब आएंगे?

बढ़ रही बेचैनी
परिवारों का कहना है कि यह सिर्फ मूंग खरीदी का मुद्दा नहीं है, बल्कि किसानों की मेहनत, कर्ज और उनके परिवार के भविष्य से जुड़ा सवाल है। एक तरफ भोपाल की सड़कों पर किसान अपनी मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ गांवों में उनके परिवार उनकी वापसी की राह देख रहे हैं। अब सभी की नजर सरकार के फैसले पर टिकी है। किसानों की आवाज भोपाल तक पहुंच चुकी है, लेकिन गांवों में बैठे परिवारों की बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है। 


 
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