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एमपी: सतना में साइबर ठगी के लिए सिम सप्लाई करने वाला नेटवर्क पकड़ा, पीओएस एजेंट समेत दो गिरफ्तार

Wed, 09 Sep 2026 06:42 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 09 Sep 2026 06:42 PM IST
सार

सतना में ग्राहकों के दस्तावेजों से अतिरिक्त सिम निकालकर साइबर ठगों को सप्लाई करने वाले पीओएस एजेंट समेत दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने 20 से ज्यादा सिम बेचे, जिनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट में हुआ।

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Network supplying SIM cards for cyber fraud busted in Satna two arrested, including a POS agent
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्राहकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर साइबर अपराधियों तक सिम कार्ड पहुंचाने वाले नेटवर्क का कोलगवां पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में मोबाइल शॉप के पीओएस एजेंट समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 20 से ज्यादा सिम कार्ड साइबर ठगों को बेचे थे। इन सिम कार्डों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं में होने की बात सामने आई है।

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बेंगलुरु से साइबर फ्रॉड के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस के मुताबिक, कुछ समय पहले जानकारी मिली थी कि सतना निवासी एक युवक के नाम से जारी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर्नाटक के बेंगलुरु से लाखों रुपये के साइबर फ्रॉड में किया गया है। इसके बाद स्टेट साइबर सेल ने सतना पुलिस को मामले की जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने टीम गठित कर सिम कार्ड जारी होने और उनके इस्तेमाल से जुड़े मामलों की पड़ताल शुरू की।

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असल ग्राहकों से पूछताछ में खुला मामला
जांच के दौरान पिछले कुछ महीनों में जारी किए गए 38 से ज्यादा सिम कार्डों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने सनत कुमार सिंह, महेन्द्र साकेत और नीलू मिश्रा को पूछताछ के लिए बुलाया। तीनों ने बताया कि करीब चार-पांच महीने पहले उन्होंने अपनी मोबाइल कंपनी बदलने के लिए आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज माधवगढ़ की मोबाइल शॉप के पीओएस एजेंट रजनीकांत साकेत पुत्र सुरेश प्रसाद, उम्र 29 वर्ष, निवासी इटौरा, थाना रामपुर बाघेलान को दिए थे। आरोप है कि रजनीकांत ने सिम पोर्ट कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं की और उनके दस्तावेज अपने पास रख लिए।

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कमीशन के लालच में साइबर ठगों तक पहुंचाते थे सिम
पुलिस ने रजनीकांत को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि वह ग्राहकों के दस्तावेजों के आधार पर अतिरिक्त सिम कार्ड निकलवाकर उन्हें 200-200 रुपये में अखिलेश पुत्र उमेश सतनामी, उम्र 21 वर्ष, निवासी सकरिया, थाना कोलगवां को बेच देता था।


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इसके बाद पुलिस टीम ने अखिलेश को भी गिरफ्तार कर पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि वह टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए दूसरे राज्यों के लोगों के संपर्क में था। इन्हीं लोगों से मोटे कमीशन का लालच मिलने पर वह रजनीकांत से सिम कार्ड लेकर आगे सप्लाई करता था।

पुलिस की अब तक की जांच में दोनों आरोपियों ने 20 से ज्यादा सिम कार्ड बेचने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, इन सिम कार्डों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं में किया गया।

दोनों आरोपियों को जेल भेजा
पुलिस और साइबर टीम अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर बीएनएस की धारा 318(4), 3(5), आईटी एक्ट की धारा 66(सी) और दूरसंचार अधिनियम की धारा 42(3)(ई) एवं 42(6) के तहत मामला दर्ज किया गया। मंगलवार दोपहर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

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