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शहडोल में दो चर्चित हत्याकांडों का फैसला: सात दोषियों को उम्रकैद, तलवार-लाठी से हमले में गई थी जान
Tue, 01 Sep 2026 12:26 PM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 12:26 PM IST
सार
Madhya Pradesh: शहडोल जिले के बुढ़ार और शहडोल में हुए दो चर्चित हत्याकांडों में अदालत ने कुल सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बुढ़ार के मामले में पांच और शहडोल के दोहरे हत्याकांड में दो आरोपियों को उम्रकैद मिली है।
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शहडोल न्यायालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के बुढ़ार एवं शहडोल में हुए दो अलग-अलग चर्चित हत्याकांडों के कुल सात आरोपियों को आज न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायालय बुढ़ार से सजा पाने वाले आरोपियों में लाला बैगा उर्फ मड़दा, पिता रमेश कुमार, आयु 21 वर्ष, अंजू उर्फ अंजली द्विवेदी, पति दीपक सिंह, आयु 42 वर्ष, प्रियंका मिश्रा, पिता दयानारायण मिश्रा, आयु 33 वर्ष, अलका उर्फ शैलजा द्विवेदी, पति अरविंद शर्मा, आयु 24 वर्ष तथा आभा द्विवेदी, पिता स्व. अमर द्विवेदी, आयु 21 वर्ष, सभी निवासी वार्ड नंबर-15, टिकुरीटोला बुढ़ार, थाना बुढ़ार शामिल हैं।
लाठी-डंडे और हॉकी से किया था जानलेवा हमला
आरोपियों ने 27 मई 2024 की रात करीब 9 बजे आरक्षी केंद्र बुढ़ार क्षेत्रांतर्गत वार्ड नंबर-15, टिकुरीटोला बुढ़ार में कुशमी कोल के घर के सामने घातक हथियारों, लाठी, डंडे और हॉकी से लैस होकर पड़ोस में रहने वाले जोगेंद्र सिंह एवं उसके अन्य साथियों पर प्राणघातक हमला किया था। इलाज के दौरान दो दिन बाद जोगेंद्र सिंह बघेल की जबलपुर अस्पताल में मौत हो गई थी। इस प्रकरण में बीते 25 अगस्त को न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज फैसला सुनाया गया। प्रकरण में अभियुक्त लाला बैगा की ओर से एडवोकेट वीरेंद्र सिंह एवं शेष चार अन्य अभियुक्तों की पैरवी प्रदीप सिंह एडवोकेट ने की।
दीपावली के बाद दो युवकों की हत्या से दहल उठा था शहर
इसी प्रकार कोतवाली शहडोल अंतर्गत रेलवे कॉलोनी में दीपावली के दूसरे दिन 13 नवंबर 2023 की रात हुए दोहरे हत्याकांड में रिजवान कुरैशी, पिता अब्दुल वदूद कुरैशी, उम्र 24 वर्ष, निवासी दरभंगा चौक शहडोल एवं शीनू लक्ष्मणन हत्याकांड के आरोपी सचिन मोजरकार और उसके भाई चंद्रशेखर मोजरकर को भी न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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यह भी पढ़ें: एमपी: 'शाह' की बलि लेकर कांग्रेस की 'विजय' नहीं होगी देगी BJP, केस न चलाने की आखिर सरकार की क्या है मजबूरी?
मामूली कहासुनी के बाद तलवार से किया था हमला
उक्त प्रकरण में आरोपियों ने दीपावली के दूसरे दिन मामूली कहासुनी के बाद तलवार एवं अन्य घातक हथियारों से हमला कर रिजवान और शीनू को मौत के घाट उतार दिया था। इस सनसनीखेज वारदात से पूरा शहडोल दहल उठा था। वारदात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें आरोपी दोनों युवकों पर धारदार हथियार से हमला करते दिखाई दे रहे थे। बहरहाल, दोनों मामलों में लंबी सुनवाई के बाद आज बुढ़ार एवं शहडोल न्यायालय ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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लाठी-डंडे और हॉकी से किया था जानलेवा हमला
आरोपियों ने 27 मई 2024 की रात करीब 9 बजे आरक्षी केंद्र बुढ़ार क्षेत्रांतर्गत वार्ड नंबर-15, टिकुरीटोला बुढ़ार में कुशमी कोल के घर के सामने घातक हथियारों, लाठी, डंडे और हॉकी से लैस होकर पड़ोस में रहने वाले जोगेंद्र सिंह एवं उसके अन्य साथियों पर प्राणघातक हमला किया था। इलाज के दौरान दो दिन बाद जोगेंद्र सिंह बघेल की जबलपुर अस्पताल में मौत हो गई थी। इस प्रकरण में बीते 25 अगस्त को न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज फैसला सुनाया गया। प्रकरण में अभियुक्त लाला बैगा की ओर से एडवोकेट वीरेंद्र सिंह एवं शेष चार अन्य अभियुक्तों की पैरवी प्रदीप सिंह एडवोकेट ने की।
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दीपावली के बाद दो युवकों की हत्या से दहल उठा था शहर
इसी प्रकार कोतवाली शहडोल अंतर्गत रेलवे कॉलोनी में दीपावली के दूसरे दिन 13 नवंबर 2023 की रात हुए दोहरे हत्याकांड में रिजवान कुरैशी, पिता अब्दुल वदूद कुरैशी, उम्र 24 वर्ष, निवासी दरभंगा चौक शहडोल एवं शीनू लक्ष्मणन हत्याकांड के आरोपी सचिन मोजरकार और उसके भाई चंद्रशेखर मोजरकर को भी न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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मामूली कहासुनी के बाद तलवार से किया था हमला
उक्त प्रकरण में आरोपियों ने दीपावली के दूसरे दिन मामूली कहासुनी के बाद तलवार एवं अन्य घातक हथियारों से हमला कर रिजवान और शीनू को मौत के घाट उतार दिया था। इस सनसनीखेज वारदात से पूरा शहडोल दहल उठा था। वारदात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें आरोपी दोनों युवकों पर धारदार हथियार से हमला करते दिखाई दे रहे थे। बहरहाल, दोनों मामलों में लंबी सुनवाई के बाद आज बुढ़ार एवं शहडोल न्यायालय ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
