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Ujjain News: श्रावण में बाबा महाकाल के दर्शन करने आ रहे हैं तो जान लीजिए कैसी रहेंगी मंदिर की व्यवस्थाएं
Sun, 19 Jul 2026 09:34 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 09:34 PM IST
सार
उज्जैन में श्रावण-भादौ के दौरान भगवान महाकाल की छह सवारियां निकलेंगी। 30 जुलाई से 7 सितंबर तक भस्म आरती का समय बदला रहेगा। दर्शन, पार्किंग, सुरक्षा, मेडिकल, कावड़ यात्रियों और एलईडी रथ सहित व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन मिल सकें।
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बाबा महाकाल की सवारी का पूरा शेड्यूल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली भगवान श्री महाकाल की सवारियों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं को सुगम और सुव्यवस्थित दर्शन कराने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। महाकालेश्वर मंदिर में 30 जुलाई से 7 सितंबर तक भस्म आरती के पट सुबह तीन बजे खुलेंगे। आरती 3 से 5 बजे तक होगी। वहीं हर सोमवार पट 2:30 बजे खुलेंगे और आरती 2:30 से 4:30 बजे तक होगी। वही 8 सितंबर से समय पूर्ववत हो जाएगा।
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कब-कब निकलेगी सवारी
श्रावण मास में चार और भादौ मास में दो सवारियां निकाली जाएंगी।
• प्रथम सवारी: सोमवार 03 अगस्त 2026
• द्वितीय सवारी: सोमवार 10 अगस्त 2026
• तृतीय सवारी: सोमवार 17 अगस्त 2026
• चतुर्थ सवारी: सोमवार 24 अगस्त 2026
• पंचम सवारी: सोमवार 31 अगस्त 2026
• राजसी/शाही सवारी: सोमवार 07 सितम्बर 2026
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सवारी का मार्ग
सवारी महाकाल मंदिर के सभामंडप से पूजन के बाद महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। यहां पूजन के बाद रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार होते हुए मंदिर वापस आएगी। शाही सवारी 7 सितम्बर को अतिरिक्त मार्ग टंकी चौराहा - मिर्जा नईमबेग - तेलीवाड़ा - कंठाल - सतीगेट - सराफा - छत्री चौक होते हुए गुजरेगी।
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दर्शन और अन्य व्यवस्थाएं
• सामान्य दर्शन - त्रिवेणी संग्रहालय से नंदी द्वार, महालोक, मानसरोवर भवन, फेसिलिटी सेंटर-1, टनल, कार्तिक मंडपम, गणेश मंडपम होते हुए होंगे। नीलकंठ द्वार से आने वाले श्रद्धालु मानसरोवर भवन से प्रवेश करेंगे
• शीघ्र दर्शन - गेट नंबर 01 और 05 से दो अलग-अलग मार्ग निर्धारित
• जूता स्टैंड - त्रिवेणी, महालोक प्लाजा, विक्रम टीला, गेट-1, हरसिद्धि, मानसरोवर, नीलकंठ पर व्यवस्था
• पार्किंग - अन्नक्षेत्र, मेघदूत वन, नीलकंठ, चारधाम, कर्कराज, कार्तिक मेला ग्राउंड
कावड़ यात्रियों के लिए रहेंगे विशेष इंतजाम
मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार को कावड़ियों को गेट नंबर 1 और हरसिद्धि चौराहा से प्रवेश मिलेगा। शनिवार, रविवार और सोमवार को भीड़ अधिक होने से कावड़ दलों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
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निर्देशो पर एक नजर
1. LED रथ - हर सवारी के साथ 5 LED रथ चलेंगे ताकि पीछे खड़े श्रद्धालुओं को दर्शन हों।
2. थीम और झांकियां - हर सवारी की अलग थीम होगी। जनजातीय सांस्कृतिक दल प्रस्तुति देंगे।
3. मेडिकल टीम - 15 स्थानों पर मेडिकल टीमें + 24x7 एंबुलेंस सेवा।
4. सुरक्षा - पूरे मार्ग पर CCTV, PA सिस्टम, बैरिकेडिंग। कार्यपालिक दंडाधिकारी तैनात।
5. बिजली - निर्बाध विद्युत आपूर्ति और तारों के पास सुरक्षा इंतजाम।
6. सफाई - नगर निगम पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराएगा।
7. मार्गदर्शन - प्रमुख स्थानों पर दिशा सूचक और पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगेंगे।
8. चलित आरती दर्शन - सभी आरतियों में कार्तिक मंडप की पहली 3 पंक्तियों से श्रद्धालु चलित आरती देख सकेंगे।
9. जल व्यवस्था - सभामंडप और कार्तिकेय मंडपम में जलपात्र रखे जाएंगे।
10. श्रावण महोत्सव - सांस्कृतिक संध्या सहित अन्य भव्य आयोजन होंगे।
11. नागपंचमी प्लान - यदि तृतीय सवारी और नागचंद्रेश्वर दर्शन एक दिन पड़ते हैं तो अलग से बैठक कर व्यवस्था तय होगी।
12. समन्वय - पुलिस, निगम, विकास प्राधिकरण और मंदिर समिति के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
