जब अभिषेक बच्चन बोले- चश्मा उतारूंगा तो झेल नहीं पाओगे...
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सफेद कुर्ता पायजामा और काली जैकेट, आंखों पर काला चश्मा। जैसे ही अभिषेक बच्चन एंफीथिएटर ग्राउंड के मंच पर आए, सबकी निगाहें बस उन पर ही टिक गईं। अभिवादन, उनके नमस्कार का अंदाज सभी के दिल को छू गया।
बतौर मुख्य अतिथि मंच पर बैठने से लेकर छात्र-छात्राओं के संबोधन तक, उनके आकर्षण में न सिर्फ युवा बल्कि अभिभावक और अध्यापक भी बंध से गए। बीच-बीच में छात्र-छात्राओं का उत्साह और जोश भरा अभिवादन, अभिषेक बच्चन को खुश कर गया। जूनियर बच्चन के हर अंदाज पर युवा मन झूमता-थिरकता नजर आया।
अपने संबोधन में कई बार अभिषेक ने युवाओं से कहा कि आपसे मिला प्यार, शायद ही कभी भूल पाऊं। आपसे आज जो प्यार मिला उसका जवाब कैसे दूं, समझ नहीं आ रहा। युवाओं के उत्साह के आगे उन्हें कई बार चुप भी होना पड़ा। मंच के सामने खड़े युवाओं के हुजूम से कभी गाना गाने की डिमांड तो कभी किसी फिल्म का डायलॉग बोलने की।
लड़कियों की गुजारिश के बाद आखिर में उन्हें अपना चश्मा भी उतारना पड़ा। युवाओं के आग्रह पर अभिषेक ने फिल्म धूम का डायलॉग बोला ‘चश्मा उतारूंगा तो झेल नहीं पाओगे’। फिर कहा, तो अगर मैं यहां चश्मा निकालूंगा तो आप कैसे झेल पाओगे।
इसके बाद दर्शक दीर्घा से डायलॉग की डिमांड पर अभिषेक ने फिल्म ‘गुरु’ का डायलॉग बोलकर सभी को कायल कर दिया। कहा, ‘बीएचयू परिवार को गुरुकांत देसाई का नमस्कार...। कैसे हो? सपने मत देखो। सपने कभी सच नहीं होते, लेकिन मैंने सपना देखा। क्या देखा? यही कि एक दिन मैं भी बीएचयू में आऊंगा और आज आ गया’।
आज के लिए सबको ‘ए प्लस’ ग्रेड
अभिषेक बच्चन ने अपने हरेक शब्द से लोगों को बांधने की कोशिश की। मनोरंजन भी खूब हुआ। उनका वो अंदाज भी युवाओं को पसंद आया जब उन्होंने कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी से विद्यार्थियों के लिए ए प्लस ग्रेड की गुजारिश की। अभिषेक ने कहा कि मुझे बताया गया है कि आज भी आपकी क्लासेज है। इसका मतलब है कि आप क्लास बंक करके यहां आए हैं।
मुझे देखने आए हैं इसलिए क्लासेज माफ है। यहां आकर आपने जो मुझे प्यार दिया। इसके लिए आपको ए ग्रेड। कहा कि आप मुझसे इतना ही प्यार दिखाते रहे तो मैं सर (कुलपति) से बात करूंगा कि सबको ‘ए प्लस’ ग्रेड दे दें। फिर वो कुलपति से मुखातिब हुए, कहा ‘सर, आज के लिए सबको ए प्लस दे दीजिए’।
अभिषेक पर भी सेल्फी का क्रेज
स्पंदन के उद्घाटन के दौरान सेल्फी का क्रेज जबरदस्त छाया रहा। इतना कि सेल्फी लेने से अभिषेक बच्चन भी खुद को रोक नहीं पाए। घंटे भर तक जहां छात्र-छात्राएं अभिषेक को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करते रहे। वहीं जाते जाते आखिर में मंच से ही अभिषेक ने पीछे भीड़ के साथ सेल्फी ली।
'ऐश्वर्या को बताऊंगा, प्यारे हैं यहां के लोग'
अभिषेक ने कहा कि जब मैं मंच पर बैठा था, तभी ऐश्वर्या का फोन आया। उसने पूछा- कहां हो, मैंने बताया कि मैं बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में हूं। फोन रखते हुए ऐश्वर्या ने मुझसे कहा कि बताना कि वहां के स्टूडेंट्स कैसे हैं।
अब मैं ऐश्वर्या को बताऊंगा कि यहां के लोग बहुत प्यारे हैं। इसके पहले उन्होंने मजाकिया अंदाज में ये भी कहा कि, यहां पर ज्यादा लोगों की शादी तो नहीं हुई होगी, लेकिन अगर एक बार हो जाए तो उन्हें अंदाजा हो जाएगा कि ‘बीवी का फोन जब भी आए उठाना चाहिए’।
आई लव ब्वायज ओनली इन ‘दोस्ताना’
अभिषेक बच्चन पर जब माइक पर थे तो दर्शक दीर्घा से कई लड़कियां आई लव यू, आई लव यू भी चिल्ला रही थीं। इस पर अभिषेक ने उनके जवाब में कहा, आई लव यू टू। फिर कहा, आई लव द गर्ल्स। आई लव ब्वॉयज ओनली इन ‘दोस्ताना’।
विश्वनाथ दरबार में मत्था टेका
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अभिषेक बच्चन ने बुधवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में मत्था टेका। अभिषेक के पहुंचने से पहले ही उनके सैकड़ों प्रशंसक मंदिर के पास जमा हो गए थे। मंदिर पहुंचकर जूनियर बच्चन ने विधि विधान के साथ बाबा विश्वनाथ की पूजा की।
वे यहां कुछ देर रुकने के बाद बीएचयू के लिए रवाना हो गए। अभिषेक सुबह ही काशी में आए और एक होटल में कुछ देर विश्राम किया। बंटी और बबली सहित अन्य फिल्मों की शूटिंग के सिलसिले में पहले भी काशी आ चुके अभिषेक बच्चन पूर्वाह्न 11:30 बजे मंदिर पहुंचे और उन्होंने लगभग 15 मिनट तक यहां पर दर्शन-पूजन किया।
आचार्य चंद्रमौली उपाध्याय के आचार्यत्व में पंडित श्रीकांत मिश्र एवं पंडित चेतनारायण के साथ 11 पंडितों ने पूरे विधि विधान से पूजन और रुद्राभिषेक कराया। यहां मीडियाकर्मियों से पुलिसकर्मियों की नोकझोंक भी हुई। फोटो खींचने को लेकर ज्ञानवापी, छत्ताद्वार के पास हंगामे की स्थिति बनी रही।
स्पंदित कर गए अभिषेक बच्चन
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अंतर संकाय युवा महोत्सव ‘स्पंदन 2016’ का उद्घाटन समारोह...। मंच पर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के बेटे अभिषेक बच्चन और उनके सामने हजारों स्पंदित युवा मन। जोश, उत्साह और उमंग से लबरेज। जूनियर बच्चन को अपने बीच पाकर युवाओं के उत्साह और उमंग की बेड़ियां टूट गईं।
अभिषेक बच्चन ने भी एक ओर जहां युवाओं के जोशीले अभिवादन को पूरी गर्मजोशी से स्वीकार किया, वहीं देश प्रेम का जज्बा भी जगाया। उन्हें मेहनत से पढ़ाई करने, संस्कार के साथ जीवन जीने और देश की जिम्मेदारी उठाने की सीख दी।
मुख्यअतिथि अभिषेक ने कहा कि आप स्टूडेंट्स हैं आज। कल आप देश चलाएंगे और यह आपकी जिम्मेदारी भी है। कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की बात मुझे बेहद पसंद है। उन्होंने एक बात कही थी, आप ये सवाल मत पूछो कि देश आपके लिए क्या कर सकता है, ये सवाल पूछो कि आप देश के लिए क्या कर सकते हो।
आप खूब मेहनत करिए। पढ़ाई ठीक से करिए। जीवन में जो कुछ करना है दिल लगाकर करिए। संस्कारों को नजरअंदाज मत करिए। हमेशा ये याद रखिए जो कुछ बचपन में सिखाया गया, उसे हमेशा अपने साथ रखना चाहिए।
कहा कि हमेशा खुश रहिए
उन्होंने युवाओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि हमेशा खुश रहिए। हालांकि इस पर उन्होंने चुटकी भी ली। कहा कि मैं आपको आशीर्वाद दे रहा हूं क्योंकि मैं आपसे बड़ा हूं लेकिन सिर्फ एक दो ही साल। कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की।
इससे पहले जूनियर बच्चन ने महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर स्पंदन का उद्घाटन किया। स्वागत संयोजक प्रो. वशिष्ठ नारायण त्रिपाठी ने और धन्यवाद ज्ञापन छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह ने किया।
अभिषेक बच्चन का परिचय डॉ. आरती निर्मल ने कराया। संचालन लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता, दीपिका सिंह और कृति त्रिपाठी ने किया। संगीत एवं मंच कला संकाय की छात्राओं ने कुलगीत प्रस्तुत किया।
अभिषेक दोपहर दो बजे एंफीथिएटर मैदान पर बने स्पंदन पंडाल में पहुंचे। यहां पहुंचने पर हजारों विद्यार्थियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वे यहां लगभग एक घंटे रहे।