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देश- विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है श्राइन
jhansi
Updated Fri, 14 Dec 2018 01:41 AM IST
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st judes church
- फोटो : demo
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प्रभु यीशु के बारह शिष्यों में एक संत ज्यूड को समर्पित है इलाहाबाद बैंक चौराहा स्थित सेंट ज्यूड श्राइन, जो एशिया में संत ज्यूड का सबसे बड़ा तीर्थ माना जाता है। यहां प्रार्थना करने व स्वास्थ्य लाभ के लिए देश - विदेश से हजारों श्रद्धालु वर्ष आते हैं। श्राइन में क्रिसमस की मुख्य प्रार्थनाओं और प्रभु यीशु के जन्म से जुड़ी झांकियों को सजाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।
प्रभु यीशु के बारह शिष्यों में से एक और उनके सगे संबंधी संत ज्यूड की अस्थियां (रैलिक) भी श्राइन में रखी हुई हैं। इनके समक्ष लोग स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना करने आते हैं। जो नहीं आ पाते हैं, वह चिट्ठी भेजकर अपनी समस्या बताते हैं। श्राइन के वरिष्ठ पादरी डेनिस डिसोजा के मुताबिक 1935 में बिशप फ्रांसिस जेवियर फेनिक रोम के वेटिकन शहर से सेंट ज्यूड की रैलिक लेकर आये थे। 1940 के दौर में 64 कैंट संत ज्यूड चर्च बना। यहां रैलिक के समक्ष भक्ति हुई। लोगों की परेशानियां दूर हुईं। देश भर से श्रद्धालु जुटने लगे।
चर्च के सामने भूमि पर चर्च 1956 में बनना शुरू हुआ, जो 1966 में पूर्ण हुआ था। उनके मुताबिक श्राइन में महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित कई प्रदेशों से हजारों श्रद्धालु श्राइन में आते हैं, जो परिवार सहित क्रिसमस, ईस्टर तथा नौरोजी प्रार्थनाओं में शामिल होते हैं।
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प्रभु यीशु के बारह शिष्यों में से एक और उनके सगे संबंधी संत ज्यूड की अस्थियां (रैलिक) भी श्राइन में रखी हुई हैं। इनके समक्ष लोग स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना करने आते हैं। जो नहीं आ पाते हैं, वह चिट्ठी भेजकर अपनी समस्या बताते हैं। श्राइन के वरिष्ठ पादरी डेनिस डिसोजा के मुताबिक 1935 में बिशप फ्रांसिस जेवियर फेनिक रोम के वेटिकन शहर से सेंट ज्यूड की रैलिक लेकर आये थे। 1940 के दौर में 64 कैंट संत ज्यूड चर्च बना। यहां रैलिक के समक्ष भक्ति हुई। लोगों की परेशानियां दूर हुईं। देश भर से श्रद्धालु जुटने लगे।
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चर्च के सामने भूमि पर चर्च 1956 में बनना शुरू हुआ, जो 1966 में पूर्ण हुआ था। उनके मुताबिक श्राइन में महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित कई प्रदेशों से हजारों श्रद्धालु श्राइन में आते हैं, जो परिवार सहित क्रिसमस, ईस्टर तथा नौरोजी प्रार्थनाओं में शामिल होते हैं।