13 नवंबर सन 2018 को देवताओं के गुरु और मार्गदर्शक एवं अंगिरस ऋषि के पौत्र बृहस्पति अस्त होंगे। जब बृहस्पति अस्त होते हैं तो कहते हैं कि मति पर पत्थर पड़ जाते हैं जो स्वयं कभी बृहस्पति देव की बुद्धि पर भी पड़ गए थे। और उन्होंने अपनी पत्नी जुहु का परित्याग किया और जब वो अपने अस्त होने से बाहर आये तो फिर अग्नि के समक्ष उन्हें पुन: स्वीकारा। पुष्य नक्षत्र बृहस्पति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। लेकिन बृहस्पति एक बार उसको छोड़ते हैं तो पुन: उस नक्षत्र पर पहुँचने में उन्हें एक वर्ष का समय लगता है। बुद्धि के अस्त होते ही व्यक्ति नाना प्रकार के व्यसन, झूठ और फरेब जो बुद्धिमता से परे होते हैं उसमें लिप्त हो सकता है। और यदि वह व्यक्ति लिप्त हुआ तो उससे उभरने में काफी समय जा सकता है हमे राशिवार यह समझना चाहिए कौन - कौन सी चीज़ हमारे लिए सर्वाधिक परेशान करने वाली है ताकि जब गुरु अस्त रहे तो हम इन परेशानियों से बचे रहें।
कल अस्त होंगे बृहस्पति, जानें कौन सी राशि रहेगी मस्त और कौन पड़ेगी पस्त
डॉ. विनय बजरंगी, ज्योतिषाचार्य व कर्म संशोधक
Updated Mon, 12 Nov 2018 10:20 AM IST
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