देवगुरु बृहस्पति कुंभ राशि पर वक्री अवस्था में गोचर करते हुए 14 सितंबर को दोपहर 2 बजकर 28 मिनट पर धनिष्ठा नक्षत्र के द्वितीय चरण और मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि का भोग करते हुए ये 18 अक्टूबर की सुबह 10 बजकर 53 मिनट पर मार्गी होंगे। ये 20 नवंबर को रात्रि 11 बजकर 17 मिनट पर धनिष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण में गोचर करते हुए कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। मकर इनकी नीच राशि है किंतु इस राशि के स्वामी शनिदेव के भी साथ ही गोचर करने के फलस्वरूप इनका नीच भंग योग बनेगा, जिसके परिणाम स्वरूप गुरु के अति अशुभ प्रभाव में कमी आएगी। मकर राशि पर इनके गोचर का अन्य राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
Guru Gochar 2021: 14 सितंबर को होगा मकर राशि में गुरु का राशि परिवर्तन, जानें 12 राशियों पर प्रभाव
मेष राशि-
राशि से दशम कर्म भाव में गोचर करते हुए बृहस्पति उत्तम पद, मान-प्रतिष्ठा तथा लौकिक सुखों की वृद्धि करेंगे। नौकरी में भी स्थान परिवर्तन करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा। उच्चाधिकारियों से संबंध बिगड़ने न दें। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित कार्यो का निपटारा होगा। कोई भी बड़े से बड़ा व्यापार आरंभ करना हो अथवा किसी नये अनुबंध पर हस्ताक्षर करना हो तो उस दृष्टि से भी ग्रह-गोचर अनुकूल रहेगा। योजनाएं गोपनीय रखें और आगे बढ़े।
वृषभ राशि-
राशि से नवम भाग्य भाव में गोचर करते हुए बृहस्पति अति शुभ फल प्रदान करेंगे। धर्म एवं आध्यात्म के कार्यों में रुचि बढ़ेगी। संतान संबंधी चिंता में कमी आएगी। नवदंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति अथवा प्रादुर्भाव के भी योग। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास सफल रहेगा। शैक्षणिक कार्यों में नौकरी हेतु प्रयास करना चाह रहे हों तो ग्रह अनुकूल रहेंगे। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए समय और अनुकूल रहेगा।
मिथुन राशि-
राशि से अष्टम आयु भाव में गोचर करते हुए बृहस्पति का प्रभाव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल रहेगा किसी लंबी बीमारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सावधान रहें। दांपत्य जीवन के प्रति अधिक संवेदनशीलता रखनी होगी। विवाह संबंधित वार्ता में थोड़ा विलंब होगा। ससुराल पक्ष से रिश्ते बिगड़ने न दें। कार्य क्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। कोर्ट कचहरी से संबंधित मामले भी बाहर ही सुलझा लेना समझदारी होगी। सम्मान अथवा पुरस्कार प्राप्ति के योग हैं।
कर्क राशि-
राशि से सप्तम दाम्पत्य भाव में गोचर करते हुए गुरु का प्रभाव बेहतरीन सफलता दिलाएगा। काफी दिनों से चली आ रही कार्य बाधा दूर होगी। शक्ति-सामर्थ्य का पूर्ण उपयोग करते हुए कार्य करेंगे तो अधिक सफल रहेंगे। विवाह से संबंधित वार्ता में भी सफलता मिलेगी। साझा व्यापार करने से परहेज करें। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों से संबंधित किसी भी तरह के टेंडर आदि का आवेदन करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा। शासन सत्ता का भी पूर्ण सहयोग मिलेगा।