Shani Nakshtra Parivartan 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है। शनि को सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाला और कर्मफलदाता माना गया है। शनि का शुभ-अशुभ प्रभाव काफी लंबे समय तक रहता है। शनि एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं फिर इसके बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं लेकिन इस दौरान शनि एक निश्चित अंतराल पर नक्षत्र परिवर्तन भी करते रहते हैं जिसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों के ऊपर किसी न किसी रूप में पड़ता है। 17 मई को शनि रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे जिनके स्वामी ग्रह बुध देव होते हैं। शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन शनि जयंती के ठीक एक दिन बाद ही है जिसके कारण इसका ज्योतिषीय महत्व काफी बढ़ गया है। शनि के नक्षत्र परिवर्तन से जहां कुछ राशियों को अच्छा लाभ मिल सकता है तो वहीं कुछ के लिए परेशानियों में इजाफा हो सकता है। आइए जानते हैं किन राशियों को सबसे ज्यादा लाभ होता हुआ मिलने की संभावना है।
शनि का रेवती नक्षत्र में परिवर्तन कल, इन चार राशियों को रहना होगा संभलकर और बढ़ सकती हैं दिक्कतें
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Vinod Shukla
Updated Sat, 16 May 2026 04:43 PM IST
सार
Shani Nakshtra Parivartan 2026: न्याय और कर्मफलदाता शनि 17 मई को बुध के स्वामित्व वाले नक्षत्र रेवती में प्रवेश करेंगे। इससे कुछ राशि वालों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
विज्ञापन