पृथ्वीलोक पर सभी जीवों के कर्मसाक्षी एवं फलित ज्योतिष में आत्मा के कारक भगवान सूर्य आज दोपहर 1 बजकर 2 मिनट पर बुध की राशि कन्या में प्रवेश कर रहे हैं। कन्या राशि में सूर्य 17 अक्टूबर की मध्य रात्रि 1 बजकर 2 मिनट तक विराजमान रहेंगे, उसके बाद अपनी नीच संज्ञक राशि तुला में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्यदेव आदिकाल में सभी 12 राशियों के स्वामी थे कालान्तर में इन्होंने राशियों का बंटवारा करके अपने लिए सिंह और चंद्रमा के लिए कर्क रखी बाकी ग्रहों को दो-दो राशियां प्रदान की। फलित ज्योतिष में इन्हें क्रूर ग्रह माना जाता है किंतु आधुनिक ज्योतिष में इस पर कुछ मतभेद है कि जो ग्रह आत्मा का कारक है, पिता का कारक है, यश का कारक है, वह क्रूर कैसे हो सकता है आदि आदि। ये सिंह राशि के स्वामी हैं और तुला राशि इनकी नीच राशि मानी गई है। जन्मकुंडली में सूर्य का बलवान होना जीवन में अनंत ऊंचाइयों तक ले जाता है इसलिए इनका कन्या राशि में प्रवेश का प्रभाव सभी 12 राशियों पर कैसा रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश, जानें राशियों पर शुभ-अशुभ प्रभाव
मेष राशि- राशि से के छठें भाव में सूर्य का जाना शत्रु संबंधी चिंता से मुक्ति देगा किन्तु ननिहाल पक्ष से कुछ अशुभ समाचार मिल सकता है। माता पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें, कोर्ट कचहरी के फैसले आपके पक्ष में आने के योग है।
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