ग्रहों में वैभव और सुखद जीवन का प्रतिनिधित्व करने वाले महान ग्रह शुक्र 2 अक्टूबर की सुबह 9 बजकर 44 मिनट पर तुला राशि की यात्रा समाप्त करके वृश्चिक राशि में प्रवेश कर गए हैं। इस राशि पर ये 30 अक्टूबर की सायं 4 बजकर 8 मिनट तक गोचर करेंगे उसके बाद धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे। वृषभ और तुला राशि के स्वामी शुक्र कन्या राशि में नीच राशि तथा मीन राशि में उच्चराशि गत संज्ञक माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन का अन्य सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
राशि परिवर्तन 2021: शुक्र का वृश्चिक राशि में प्रवेश, जानिए किन राशियों के चमकेंगे भाग्य
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मेष राशि-
राशि से अष्टम भाव में गोचर करते हुए शुक्र का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता किंतु आपके लिए किसी मान सम्मान की घोषणा हो सकती है। प्रेम संबंधी मामलों में उदासीनता रहेगी। इस अवधि के मध्य आर्थिक हानि से बचें। किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें। स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। दांपत्य जीवन में कड़वाहट न आने दें झगड़े विवाद तथा कोर्ट कचहरी से संबंधित मामले बाहर ही सुलझाएं। कार्य क्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बचें।
राशि स्वामी शुक्र का सप्तम भाव में गोचर करना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित कार्यो का निपटारा होगा। शादी विवाह से संबंधित वार्ता भी सफल रहेगी। दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। ससुराल पक्ष से सहयोग मिलेगा। काफी दिनोंका रुका हुआ कार्य संपन्न होगा। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए समय वरदान की तरह है इसलिए अपनी ऊर्जाशक्ति का पूर्ण उपयोग करेंगे तो सफल रहेंगे।
मिथुन राशि
राशि से छठे शत्रु भाव में गोचर करते हुए शुक्र का प्रभाव काफी मिलाजुला रहेगा। मित्रों तथा संबंधियों से अप्रिय समाचार प्राप्ति के योग। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा वीजा आदि के लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो अच्छा है।विलासिता पूर्ण वस्तुओं पर अधिक खर्च होगा। आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ सकता है। विवाद तथा कोर्ट कचहरी के मामले आपस में सुलझाएं। किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा आर्थिक हानि का सामना करना पड़ेगा।
कर्क राशि
राशि से पंचम विद्या भाव में गोचर करते हुए शुक्र का प्रभाव आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। संतान संबंधी चिंता में कमी आएगी। संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग बनेंगे। विद्यार्थियों को शिक्षा-प्रतियोगिता में अच्छी सफलता मिलेगी। प्रेम संबंधी मामलों में प्रगाढ़ता आएगी। प्रेम विवाह भी करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा। आय के साधन बनेंगे। उच्चाधिकारियों से संबंध मजबूत होगा। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा भाइयों से भी सहयोग प्राप्त होगा।

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