संतान का होना हमारे यहां सौभाग्यशाली होने का सूचक माना गया है। फिर चाहे पुत्र हो या पुत्री। भारतीय ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे ज्योतिषीय योगों की चर्चा की गई है, जो कि संतान उत्पत्ति की राह में कांटे बनते हैं। जिन्हें कुछ सरल सहज उपायों से दूर किया जा सकता है। यदि संतान प्राप्ति में विलंब के कारणों पर तमाम उपाय करने के बाद भी विलंब हो रहा हो तो एक बार इन सनातनी उपायों को जरूर करें ...
यदि अब तक न मिल पाया हो संतान सुख तो करें ये सात उपाय
1- जन्मकुंडली में बुध और शुक्र बाधक हो तो शिवजी का अभिषेक (रुद्राभिषेक) करना चाहिए। यदि चंद्रमा बाधक हो तो भी रुद्राभिषेक करना चाहिए। यदि देव गुरु (बृहस्पति) बाधक हो तो यंत्र, मंत्र और औषधियों का प्रयोग करना चाहिए। साथ ही बुध ग्रह, गुरु और नवमेश की भी अनुकूलता का प्रयत्न करें तो शीघ्र ही संतान सुख की प्राप्ति होती है।
2- भगवान शिव मनुष्यों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और पार्थिव लिंग का पूजन सदा ही फलदायी है। इनकी नियमित पूजा से योग्य संतान की प्राप्ति का सुख मिलता है। पूरे भक्ति भाव से भगवान शिव जी का रुद्राभिषेक करवाएं व प्रदोष का व्रत करें। इस उपाय से भी संतान सुख अवश्य प्राप्त होता है।
3- संतान प्राप्ति के लिए मंगल का व्रत व पूजन भी एक अचूक उपाय है। शास्त्रकारों ने 21 महीने या 21 मंगलवार के व्रत का विधान बताया है। जिसे श्रद्धाभाव से करने से निश्चित रूप से संतान सुख मिलता है।
4- संतान की कामना करते हुए यदि पति-पत्नी सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान राम व माता कौशल्या की षोडषोपचार पूजा करने के पश्चात् नियमित रूप से एक माला इस चौपाई का जाप करें तो निश्चित रूप से संतान सुख की प्राप्ति होती है -
प्रेम मगन कौशल्या,
निस दिन जात न जात।
सुत सनेह बस माता,
बाल चरित कर गाय।।