वास्तु में जीवन को सुखी व समृद्ध बनाने के लिए दिशा, स्थान और निर्माण आदि को लेकर महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं। इसी के साथ घर में कई ऐसी चीजें भी होती हैं, जिन पर यदि ध्यान न दिया जाए तो घर में तरक्की और धन आगमन में बाधाएं आने लगती हैं। कई बार हमारे घर में अचानक से फालतू खर्च बढ़ जाते हैं और धन हानि होने लगती है। बहुत प्रयास करने पर भी आर्थिक स्थिति कमजोर होती चली जाती है। जिससे घर में कई तरह की परेशानियां बढ़ने लगती हैं। क्या आपको पता है कि इन समस्याओं के पीछे हमारे ही द्वारा की गई कुछ गलतियां होती हैं। वास्तु में हर एक चीज के रख-रखाव के लिए भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। जिसके अनुसार, कुछ ऐसे कार्य या गलत आदतें बताई गई हैं, जिनकी वजह से धन हानि होती है। वास्तु में बताई गई इन चीजों का ध्यान रखा जाए तो धन हानि से बचा जा सकता है। इसके साथ ही घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता बनी रहती है।
Vastu tips: आपके घर में भी होते हैं ये काम तो हो जाएं सावधान, होने लगती है रुपये-पैसों की हानि
टपकता हुआ नल-
यदि आपके घर में कोई नल ऐसा है, जिससे हर समय पानी गिरता रहता है तो यह गलती आपके जीवन में आर्थिक संकट खड़ा कर सकती है। टूटे हुए नल के कारण पानी की बर्बादी तो होती ही है साथ ही माना जाता है कि जिस प्रकार फालतू पानी बहता है, उसी प्रकार से आपके घर का धन भी बर्बाद होने लगता है। घर में फालतू खर्च बढ़ने लगते हैं। इसलिए कभी भी आवश्यकता से अधिक पानी खर्च नहीं करना चाहिए और यदि आपके घर में कहीं भी ऐसा नल है, जहां से पानी टपकता हो तो उसे तुरंत ठीक करवाना चाहिए। इसी के साथ घर में पानी की निकासी की व्यवस्था को लेकर भी ध्यान रखना चाहिए। घर में जल की निकासी यदि दक्षिण या पश्चिम दिशा में हो तो आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
रसोई में जूठे बर्तन-
अक्सर देखने में आता है कि रात के समय खाना खाने के बाद बर्तनों को ऐसे ही जूठा छोड़ दिया जाता है। आपकी ये आदत आपके जीवन में रुपये-पैसों की हानि का कारण बन सकती है। रात को जूठे बर्तन छोड़ने से रोग पनपने की आशंका तो बढ़ ही जाती है, साथ ही घर में नकारात्मकता भी बढ़ने लगती है, जिसके कारण आपकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है। इसलिए रात में बर्तनों और रसोई के साफ करके ही सोना चाहिए।
यदि तिजोरी या फिर धन रखने की अलमारी का मुंह दक्षिण दिशा की ओर हो तो धन हानि होने लगती है। आपके घर में बिना वजह के खर्च बने रहते हैं और धन संचय नहीं हो पाता है। वास्तु के अनुसार, धन रखने की अलमारी को दक्षिण दिशा की दीवार से इस तरह सटाकर रखना चाहिए कि उसका दरवाजा उत्तर दिशा की ओर खुले। उत्तर दिशा को धन कोषाध्यक्ष कुबेर की दिशा माना गया है। मान्यता है कि इस दिशा की ओर धन स्थान का मुख होने से धन-समृद्धि बनी रहती है।
घर का मुख्य द्वार बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान होता है। लोगों के आने-जाने से लेकर ऊर्जा के प्रवाह का प्रमुख स्थान भी मुख्य द्वार ही होता है। मुख्य द्वार पर किसी भी प्रकार से गंदगी नहीं रखनी चाहिए। इस बात का भी खास ध्यान रखना चाहिए कि मुख्य द्वार पर किसी तरह की दरारें आदि नहीं होनी चाहिए। मुख्य द्वार में किसी भी प्रकार का दोष आपके जीवन में धन हानि के साथ ही अन्य कई समस्याओं का कारण बन सकता है।