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Delhi Pollution: केजरीवाल सरकार चाहती है आप अपने निजी वाहनों से न चलें, दिया यह सुझाव
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 03 Nov 2023 04:47 PM IST
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- फोटो : सोशल मीडिया
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) (एयर क्वालिटी इंडेक्स) (AQI) एक बार फिर चिंताजनक रूप से हाई लेवल पर पहुंच गया है। जिसके चलते प्रदेश की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने स्थानीय लोगों से अपने निजी वाहनों को खड़ा रखते हुए सार्वजनिक परिवहन विकल्पों का इस्तेमाल करने की अपील की है।
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दिल्ली के कई क्षेत्रों में AQI का स्तर 400 से ज्यादा हो गया है, जिसे विशेषज्ञों द्वारा 'गंभीर' माना गया है। और यहां तक कि स्वस्थ व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर भी इसका काफी हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है। मौसम का मिजाज और पराली जलाने से लेकर निर्माण कार्य जैसे कई अन्य कारक, जहरीली हवा की गुणवत्ता के स्तर में योगदान करते हैं। लेकिन माना जाता है कि वाहनों से होने वाला उत्सर्जन भी इसके लिए बड़ा जिम्मेदार है।
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शुक्रवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली के लोगों से अपने निजी वाहनों को छोड़कर सार्वजनिक परिवहन विकल्प चुनने की अपील की। उन्होंने कहा, "मैं दिल्ली के लोगों से वाहनों के कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मेट्रो और बसों सहित सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील करता हूं। दिल्ली में स्कूलों को आगे बंद करने का फैसला 6 नवंबर को वायु गुणवत्ता के आधार पर लिया जाएगा।'' दिल्ली सरकार ने गुरुवार को बच्चों के लिए प्राथमिक स्कूलों को दो दिनों के लिए बंद कर दिया।
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प्रदूषण-निगरानी एजेंसियों के अनुसार, दिल्ली की जहरीली हवा के अगले दो सप्ताह तक ऐसे ही स्थिति में रहने की संभावना है। इतना ही नहीं दिवाली के उत्सव के दौरान पटाखा फोड़ने से यह और भी खराब हो सकती है। हालांकि, अभी ध्यान वाहनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करने पर लगता है। दिल्ली सरकार ने पड़ोसी राज्यों से राजधानी शहर में प्रवेश करने वाले प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर दोष मढ़ने को कोशिश की है। लेकिन सरकार पर अपनी कोई ठोस कार्य योजना नहीं होने का आरोप लग रहा है।
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कई अध्ययनों से पता चलता है कि प्रदूषण के बढ़ते स्तर में वाहनों से होने वाला उत्सर्जन वास्तव में एक बड़ी भूमिका निभाता है। लेकिन उत्सर्जन शायद ही एकमात्र कारक है। एक बार फिर से आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। यह एक वार्षिक मामला है क्योंकि दिल्ली सरकार वायु विषाक्तता के मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्यों के साथ तीखी नोकझोंक करती है। इस बीच, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के शुक्रवार सुबह के आंकड़ों के साथ AQI लगातार खराब हो रहा है, जिसमें मुंडका (498) और जहांगीरपुरी (491) को दो सबसे प्रदूषित क्षेत्रों के रूप में उजागर किया गया है। इससे सटे नोएडा (उत्तर प्रदेश) और गुरुग्राम (हरियाणा) में शायद ही स्थिति बेहतर हो, जहां AQI का स्तर 400 से ऊपर है।