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CAFE Norms: क्या दोपहिया वाहन उद्योग पर मंडराया नए ईंधन नियमों का खतरा? इस निर्माता ने जताई बड़ी चिंता

Mon, 13 Jul 2026 09:24 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Mon, 13 Jul 2026 09:24 PM IST
सार

भारत में दोपहिया वाहनों के लिए भविष्य में लागू होने वाले कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकॉनमी (Corporate Average Fuel Economy- CAFE) मानकों को लेकर हीरो मोटोकॉर्प ने संभावित कारोबारी चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया है।

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Hero MotoCorp Warns of CAFE Norm Risks for Two-Wheelers Ahead of New Rules
CAFE Norms - फोटो : Amar Ujala

भारत की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) ने अपनी नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा किया है। कंपनी ने भविष्य में दोपहिया वाहनों के लिए लागू होने वाले 'कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकॉनमी' (CAFE) मानकों को लेकर उभरते व्यावसायिक जोखिमों की तरफ इशारा किया है।

हीरो मोटोकॉर्प का कहना है कि हालांकि ईंधन की खपत को कम करने और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ईंधन दक्षता के कड़े नियम एक जरूरी कदम हैं। लेकिन इन्हें लागू करने के लिए वाहन निर्माताओं को भारी तकनीकी और वित्तीय निवेश करना पड़ेगा। 

Hero MotoCorp Warns of CAFE Norm Risks for Two-Wheelers Ahead of New Rules
Hero Xpulse 210 4V - फोटो : Hero MotoCorp

आखिर क्या हैं ये CAFE मानक और दोपहिया वाहनों के लिए इसके क्या मायने हैं?

वर्तमान में CAFE नियम सिर्फ चार पहिया पैसेंजर वाहनों (कारों) पर लागू होते हैं, लेकिन भविष्य में इन्हें दोपहिया उद्योग के लिए भी अनिवार्य करने की तैयारी है।

इस नियम के मुख्य पहलू ये हैं:

  • पोर्टफोलियो आधारित मूल्यांकन:
    इस नियम के लागू होने के बाद, कंपनियां किसी एक मॉडल की माइलेज पर ध्यान केंद्रित नहीं कर सकतीं। उन्हें अपने सभी मॉडलों को मिलाकर, उनके 'औसत ईंधन दक्षता' को सरकार द्वारा तय किए गए लक्ष्यों के दायरे में लाना होगा।

  • भारतीय बाजार के लिए महत्व:
    भारत जैसे बाजार में जहां दोपहिया वाहन व्यक्तिगत गतिशीलता का सबसे बड़ा जरिया हैं, वहां बेहतर ईंधन दक्षता से ग्राहकों की जेब पर बोझ कम होगा। साथ ही, इससे देश की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटेगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। 

Hero MotoCorp Warns of CAFE Norm Risks for Two-Wheelers Ahead of New Rules
Hero MotoCorp - फोटो : अमर उजाला

नए नियमों के लागू होने से कंपनियों के सामने क्या चुनौतियां आएंगी?

हीरो मोटोकॉर्प का मानना है कि यह बदलाव इतना आसान नहीं होने वाला है। कंपनी ने इसके पीछे इन प्रमुख चुनौतियों और जोखिमों की बात की है:

  • अचानक नियम लागू होने का खतरा:
    अगर बदलते भू-राजनीतिक हालातों या ऊर्जा सुरक्षा की चिंताओं के कारण इन नियमों को अचानक लागू कर दिया गया, तो निर्माताओं को तैयारी का पर्याप्त समय नहीं मिलेगा।

  • लागत में भारी बढ़ोतरी:
    कम समय मिलने पर कंपनियों को मौजूदा मॉडलों को बहुत तेजी से री-डिजाइन करना पड़ेगा। जिससे इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग की लागत काफी बढ़ जाएगी। साथ ही, समय सीमा चूकने का जोखिम भी रहेगा।

  • मुनाफे पर सीधा दबाव:
    भारत का दोपहिया बाजार कीमतों को लेकर बेहद संवेदनशील है। ऐसे में कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ सीधे ग्राहकों पर नहीं डाल सकतीं। इसका सीधा असर कंपनियों के मुनाफे और बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता पर पड़ेगा। खासकर उन ब्रांड्स पर जिनका इंटरनल कंबशन इंजन (ICE - पेट्रोल इंजन) पोर्टफोलियो बहुत बड़ा है।

  • जुर्माने और साख का नुकसान:
    अगर कंपनियां भविष्य के इन CAFE नियमों का पालन करने में नाकाम रहती हैं। तो उन्हें भारी वित्तीय दंड, गाड़ियों को वापस मंगाना और अपनी ब्रांड वैल्यू व साख के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

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Hero MotoCorp Warns of CAFE Norm Risks for Two-Wheelers Ahead of New Rules
Hero Glamour X - फोटो : Hero MotoCorp

इस बड़े बदलाव से निपटने के लिए हीरो मोटोकॉर्प की क्या है तैयारी?

चूंकि बाजार में अभी भी पारंपरिक पेट्रोल से चलने वाली मोटरसाइकिल और स्कूटरों की बिक्री सबसे ज्यादा होती है। इसलिए इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते चलन के बीच भी पेट्रोल इंजन की दक्षता में सुधार करना बेहद जरूरी है। इसके लिए हीरो मोटोकॉर्प ने ये कदम उठाए हैं:

  • ज्यादा माइलेज वाले इंजन और हल्के मटेरियल्स का उपयोग:
    कंपनी अधिक ईंधन-कुशल इंजनों को विकसित करने में निवेश कर रही है। और वाहनों की ओवरऑल एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए हल्के वजन वाले मटेरियल्स का उपयोग बढ़ा रही है।

  • इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो का विस्तार:
    कंपनी अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के दायरे को बढ़ा रही है, जिससे उनके पूरे फ्लीट का कुल उत्सर्जन कम होगा। और भविष्य के फ्यूल इकॉनमी लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

  • सप्लाई चेन का कायाकल्प:
    इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी ऑटोमोटिव सप्लाई चेन में बदलाव की जरूरत होगी। कंपोनेंट निर्माताओं और सप्लायर्स को नई जनरेशन के कुशल दोपहिया वाहनों के लिए उन्नत तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं विकसित करनी होंगी।

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Hero MotoCorp Warns of CAFE Norm Risks for Two-Wheelers Ahead of New Rules
Hero Xtreme 125R - फोटो : Hero MotoCorp

क्या सरकार से बातचीत कर रही है कंपनी?

हीरो मोटोकॉर्प ने पुष्टि की है कि वे सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के जरिए नीति निर्माताओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

कंपनी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि दोपहिया वाहनों के लिए आने वाले CAFE मानक तकनीकी रूप से व्यावहारिक और उद्योग के लिए प्रैक्टिकल हों। हीरो का मानना है कि अगर सरकार रियलिस्टिक समय सीमा और हासिल करने योग्य लक्ष्य तय करती है। तो निर्माता ग्राहकों के लिए बिना कीमतें बढ़ाए इन नियमों का पालन आसानी से कर सकेंगे।

कुल मिलाकर, सरकार के कड़े नियमों के बीच निर्माताओं को एक बड़ा संतुलन बनाना होगा। ग्राहकों के लिए गाड़ियों को किफायती बनाए रखते हुए क्लीनर और ज्यादा माइलेज वाले दोपहिया वाहन डिलीवर करना। 

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