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Road Accidents: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर घटे हादसे, जानें स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम ने कैसे निभाई अहम भूमिका
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 26 May 2025 02:36 PM IST
सार
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर अब पहले के मुकाबले सड़क हादसों में कमी देखी जा रही है। इसका मुख्य कारण है इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) (आईटीएमएस), जिसे जुलाई 2024 से इस एक्सप्रेसवे पर लागू किया गया है।
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Highway surveillance camera overlooking traffic flow
- फोटो : Adobe Stock
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर अब पहले के मुकाबले सड़क हादसों में कमी देखी जा रही है। इसका मुख्य कारण है इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) (आईटीएमएस), जिसे जुलाई 2024 से इस एक्सप्रेसवे पर लागू किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस सिस्टम की वजह से न सिर्फ दुर्घटनाएं कम हुई हैं, बल्कि लोगों की जानें भी बची हैं। इसके उलट, समृद्धि महामार्ग (मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे) पर पिछले चार महीनों में 55 लोगों की मौत हुई है।
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Expressway
- फोटो : X/@nitin_gadkari
आंकड़ों से समझें फर्क
महाराष्ट्र हाईवे पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अप्रैल 2025 के बीच मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 10 गंभीर दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 11 लोगों की जान गई। वहीं, इसी दौरान समृद्धि एक्सप्रेसवे पर 47 हादसे हुए और 55 लोगों की मौत हुई। ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि ट्रैफिक सिस्टम ने मुंबई-पुणे रूट पर बड़ा असर डाला है।
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महाराष्ट्र हाईवे पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अप्रैल 2025 के बीच मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 10 गंभीर दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 11 लोगों की जान गई। वहीं, इसी दौरान समृद्धि एक्सप्रेसवे पर 47 हादसे हुए और 55 लोगों की मौत हुई। ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि ट्रैफिक सिस्टम ने मुंबई-पुणे रूट पर बड़ा असर डाला है।
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Car Driving
- फोटो : Adobe Stock
कैसे काम करता है ITMS सिस्टम?
आईटीएमएस एक तरह का हाई-टेक ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम है, जिसमें कैमरों और ऑटोमैटिक सॉफ्टवेयर की मदद से 17 तरह की ट्रैफिक उल्लंघनों पर नजर रखी जाती है। इसमें ओवरस्पीडिंग, गलत लेन में चलना, अवैध पार्किंग, सीट बेल्ट न पहनना, मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाना, और उल्टी दिशा में गाड़ी चलाना जैसी बातें शामिल हैं। जैसे ही कोई नियम तोड़ता है, तुरंत उस पर ई-चालान जारी किया जाता है।
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आईटीएमएस एक तरह का हाई-टेक ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम है, जिसमें कैमरों और ऑटोमैटिक सॉफ्टवेयर की मदद से 17 तरह की ट्रैफिक उल्लंघनों पर नजर रखी जाती है। इसमें ओवरस्पीडिंग, गलत लेन में चलना, अवैध पार्किंग, सीट बेल्ट न पहनना, मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाना, और उल्टी दिशा में गाड़ी चलाना जैसी बातें शामिल हैं। जैसे ही कोई नियम तोड़ता है, तुरंत उस पर ई-चालान जारी किया जाता है।
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Samruddhi Expressway
- फोटो : Instagram/samruddhimahamarg/@drone_constructions
लोगों की आदतों में आया बदलाव
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त भरत कालसकर ने पीटीआई से बातचीत के दौरान बताया कि बार-बार ई-चालान मिलने से ड्राइवरों में डर बैठ गया है। अब वे ओवरस्पीडिंग और लेन-कटिंग से बचने लगे हैं। उनका कहना है कि रफ्तार जितनी ज्यादा होती है, हादसे उतने ही गंभीर होते हैं। ऐसे में स्पीड पर कंट्रोल होने से दुर्घटना में भारी कमी आई है।
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अब समृद्धि एक्सप्रेसवे पर भी लगेगा सिस्टम
सरकारी अधिकारियों की मानें तो अब यही सिस्टम समृद्धि महामार्ग पर भी लागू किया जाएगा। अभी वहां पर हादसों की संख्या काफी ज्यादा है और लोगों की जानें जा रही हैं। उम्मीद है कि आईटीएमएस के आने के बाद वहां भी ट्रैफिक नियमों की सख्ती से पालन होगा और हादसे कम होंगे।
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अतिरिक्त परिवहन आयुक्त भरत कालसकर ने पीटीआई से बातचीत के दौरान बताया कि बार-बार ई-चालान मिलने से ड्राइवरों में डर बैठ गया है। अब वे ओवरस्पीडिंग और लेन-कटिंग से बचने लगे हैं। उनका कहना है कि रफ्तार जितनी ज्यादा होती है, हादसे उतने ही गंभीर होते हैं। ऐसे में स्पीड पर कंट्रोल होने से दुर्घटना में भारी कमी आई है।
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अब समृद्धि एक्सप्रेसवे पर भी लगेगा सिस्टम
सरकारी अधिकारियों की मानें तो अब यही सिस्टम समृद्धि महामार्ग पर भी लागू किया जाएगा। अभी वहां पर हादसों की संख्या काफी ज्यादा है और लोगों की जानें जा रही हैं। उम्मीद है कि आईटीएमएस के आने के बाद वहां भी ट्रैफिक नियमों की सख्ती से पालन होगा और हादसे कम होंगे।
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Road accident
- फोटो : Amar Ujala
हादसों के पिछले आंकड़े क्या कहते हैं?
2024 में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर कुल 191 हादसे दर्ज हुए, जिनमें 74 गंभीर हादसे रहे और 90 लोगों की जान चली गई। वहीं समृद्धि महामार्ग पर 137 एक्सीडेंट हुए, जिनमें 96 जानलेवा थे और इनमें 126 लोगों की मौत हुई। यह फर्क दिखाता है कि ट्रैफिक मैनेजमेंट कितना जरूरी है।
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2024 में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर कुल 191 हादसे दर्ज हुए, जिनमें 74 गंभीर हादसे रहे और 90 लोगों की जान चली गई। वहीं समृद्धि महामार्ग पर 137 एक्सीडेंट हुए, जिनमें 96 जानलेवा थे और इनमें 126 लोगों की मौत हुई। यह फर्क दिखाता है कि ट्रैफिक मैनेजमेंट कितना जरूरी है।
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