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Ethanol: इथेनॉल उत्पादन से जल संकट की चिंताओं के बीच ISMA ने गिनाए लाभ, बताया इसे 'पूरी तरह सकारात्मक' कदम

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Sat, 02 May 2026 04:51 PM IST
सार

इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने भारत के इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम का बचाव करते हुए कहा है कि इससे "पूरी तरह से पॉजिटिव" नतीजे मिले हैं।

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ISMA Defends India’s Ethanol Blending Programme: Calls Positive Impact on Farmers Amid Water Stress Concerns
E20 पेट्रोल डिस्पेंसर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : AI

इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने भारत के इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम (Ethanol Blending Programme) का मजबूती से बचाव किया है। हाल ही में इथेनॉल उत्पादन, विशेष रूप से चावल जैसी अधिक पानी की खपत वाली फसलों से जुड़े जल संकट पर जताई गई चिंताओं के बीच ISMA ने इस कार्यक्रम के परिणामों को "पूरी तरह से सकारात्मक" बताया है। 

इथेनॉल कार्यक्रम की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई थी?

ISMA ने हालिया चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए इस नीति के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया:

  • यह कार्यक्रम 2018 में उस समय शुरू किया गया था जब चीनी क्षेत्र भारी अतिरिक्त स्टॉक (ग्लट) की समस्या से जूझ रहा था।

  • उस दौरान चीनी की कीमतें एक दशक के निचले स्तर पर पहुंच गई थीं।

  • इथेनॉल नीति ने अतिरिक्त चीनी को इथेनॉल में बदलने का एक महत्वपूर्ण रास्ता खोला, जिससे बाजार में संतुलन बहाल हुआ।

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ISMA Defends India’s Ethanol Blending Programme: Calls Positive Impact on Farmers Amid Water Stress Concerns
E20 - फोटो : Amar Ujala

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका क्या प्रभाव पड़ा?

एसोसिएशन के अनुसार, इस कार्यक्रम के लाभ सीधे तौर पर किसानों और मिलों तक पहुंचे हैं:

  • भुगतान में सुधार: इसके माध्यम से किसानों को अब तक 1.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान संभव हो सका है।

  • बकाया राशि का निपटान: मिलों की तरलता (नगदी) में सुधार हुआ, जिससे गन्ने के बकाया का तेजी से निपटान हुआ।

  • FRP में वृद्धि: इसने उचित और पारिश्रमिक मूल्य (FRP) में निरंतर वृद्धि को सक्षम बनाया, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिला।

  • ग्रामीण विकास: ISMA के महानिदेशक दीपक बलानी के अनुसार, इस कार्यक्रम ने चीनी क्षेत्र के अतिरिक्त स्टॉक की चुनौती को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक स्थिर और मूल्य-वर्धक ईकोसिस्टम में बदल दिया है।

 

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ISMA Defends India’s Ethanol Blending Programme: Calls Positive Impact on Farmers Amid Water Stress Concerns
E20 - फोटो : Amar Ujala

पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से यह क्यों महत्वपूर्ण है?

ISMA ने कार्यक्रम के पर्यावरणीय लाभों के बारे में निम्नलिखित जानकारी साझा की:

  • इस पहल से कार्बन उत्सर्जन में लगभग 870 लाख टन (CO₂) की कमी लाने में योगदान मिला है।

  • यह कार्यक्रम देश की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाने का काम कर रहा है।

 

ISMA Defends India’s Ethanol Blending Programme: Calls Positive Impact on Farmers Amid Water Stress Concerns
E20 पेट्रोल से पुरानी गाड़ी पर हो रहा असर - फोटो : AI

जल संकट और संसाधनों के प्रबंधन पर उद्योग का क्या रुख है?

संसाधन प्रबंधन और स्थिरता को लेकर ISMA ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है:

  • चीनी उद्योग सरकार के स्थिरता लक्ष्यों के साथ पूरी तरह संरेखित है।

  • उद्योग का ध्यान अब फीडस्टॉक (कच्चे माल) के विविधीकरण पर है।

  • जल-उपयोग दक्षता में सुधार करना और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना उद्योग की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कुल मिलाकर, ISMA का मानना है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग ने चीनी क्षेत्र की संरचनात्मक चुनौती को एक मूल्यवान अवसर में बदल दिया है। 

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