टोल प्लाजा पर खुले पैसे (चेंज) ढूंढने के दिन अब आधिकारिक तौर पर खत्म हो गए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने यह सूचना जारी की है कि 10 अप्रैल 2026 से किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग टोल बूथ पर नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। और केवल डिजिटल माध्यम ही मान्य होंगे। इसके बाद टोल चुकाने के लिए FASTag (फास्टैग) या UPI (यूपीआई) ही एकमात्र माध्यम होंगे।
Toll Tax: अब आईडी कार्ड दिखाकर नहीं बच सकेंगे टोल से, 10 अप्रैल से नए टोल नियम, नकद भुगतान पूरी तरह बंद
10 अप्रैल 2026 से देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान के नियम पूरी तरह बदलने जा रहे हैं। अब किसी भी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा और केवल डिजिटल माध्यम ही मान्य होंगे।
अगर आपके पास FASTag नहीं है तो क्या होगा?
जिन वाहनों में वैध फास्टैग नहीं होगा, उन्हें रोका तो नहीं जाएगा, लेकिन अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा।
ऐसे मामलों में UPI के जरिए भुगतान किया जा सकता है, लेकिन यह सामान्य टोल से 1.25 गुना अधिक होगा।
अगर कोई डिजिटल भुगतान करने से इनकार करता है, तो राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 के तहत उस वाहन को प्रवेश से रोका जा सकता है।
साथ ही ई-नोटिस जारी होगा और तीन दिन में भुगतान न करने पर जुर्माना दोगुना हो जाएगा।
क्या ID कार्ड दिखाकर टोल फ्री जाने का तरीका खत्म हो गया?
- हां, अब सरकारी पहचान पत्र दिखाकर टोल से बचने की प्रथा खत्म कर दी गई है।
- सरकार ने साफ किया है कि छूट केवल उन्हीं वाहनों को मिलेगी, जिनके पास वैध “छूट प्राप्त फास्टैग” होगा या जिन्होंने वार्षिर पास लिया है।
- व्यक्तिगत यात्रा के दौरान आईडी कार्ड दिखाकर टोल से बचना अब मान्य नहीं होगा।
शायद सबसे अहम कार्रवाई एक ऐसी प्रथा पर हुई है, जिससे आम यात्री लंबे समय से परेशान थे। सरकारी अधिकारी, रक्षाकर्मी और छूट के हकदार अन्य लोग टोल बूथों पर अपने पहचान पत्र दिखाकर बिना रोक-टोक आगे बढ़ जाते थे। भले ही वे अपनी निजी गाड़ियों में निजी यात्रा पर ही क्यों न हों।
मंत्रालय ने अब सभी संबंधित सरकारी निकायों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वे उन वाहनों के लिए "छूट प्राप्त फास्टैग" प्राप्त करें जो कानून के तहत वास्तव में इसके पात्र हैं, या फिर फास्टैग वार्षिक पास खरीदें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह छूट किसी कार्यालय या प्राधिकरण से जुड़ी है, न कि किसी व्यक्ति से। निजी कार में सरकारी आईडी कार्ड का इस्तेमाल करके कतार से बचना पहले भी कभी कानूनी नहीं था। लेकिन इसे बड़े पैमाने पर नजरअंदाज किया जाता था। अब वह रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है।
क्या है FASTag Annual Pass और इसकी नई कीमत?
हाईवे का नियमित इस्तेमाल करने वालों के लिए FASTag Annual Pass (फास्टैग वार्षिक पास) एक अच्छा विकल्प है।
1 अप्रैल 2026 से इसकी कीमत बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दी गई है, जो पहले 3,000 रुपये थी।
यह पास लेने पर पूरे साल राष्ट्रीय राजमार्गों पर असीमित यात्रा (200 बार तक) की सुविधा मिलती है, जिससे बार-बार टोल देने की जरूरत नहीं पड़ती।
क्या आगे टोल सिस्टम और बदलेगा?
यह बदलाव भविष्य की बड़ी योजना का हिस्सा है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अब “फ्री-फ्लो टोलिंग” सिस्टम लागू करने की दिशा में काम कर रहा है। जिसमें टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत ही नहीं होगी।
कैमरा और RFID सिस्टम के जरिए वाहन की पहचान होगी और टोल अपने आप कट जाएगा।