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Bahu Balli: क्या है बाहु बल्ली बाड़, जिसे नितिन गडकरी हाईवे पर लगाना चाहते हैं, जानें डिटेल्स
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 06 Jul 2023 08:14 PM IST
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Bahu Balli Cattle Fence
- फोटो : Twitter/@Nitin_Gadkari
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार मवेशियों को सड़क पार करने और खतरनाक दुर्घटनाओं का कारण बनने से रोकने के लिए भारत में राजमार्गों पर बाहु बल्ली केटल फेंस (बाहु बल्ली मवेशी बाड़) लगाने की योजना बना रही है। गडकरी ने कहा, बहु बल्ली मवेशी बाड़ 1.20 मीटर ऊंची होगी और इसे एक व्यापक समाधान के रूप में शुरू करने के लिए नेशनल हाईवे-30 के सेक्शन 23 पर लगाया जाएगा।
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Bahu Balli Cattle Fence
- फोटो : Twitter/@Nitin_Gadkari
इस बात की जानकारी गडकरी ने अपने ट्विटर हैंडल से साझा की। उन्होंने आगे कहा, "यह इंस्टॉलेशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छत्तीसगढ़ यात्रा से पहले एक प्रदर्शन के रूप में काम करेगा।"
बाड़ की तस्वीरें साझा करते हुए, गडकरी ने कहा कि बांस का इस्तेमाल करके बने मवेशी बाड़, मवेशियों को दुर्घटना से बचाने के लिए एक प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल समाधान प्रदान करती है। उन्होंने कहा, "बांस को क्रेओसोट तेल से उपचारित किया जाता है और इस पर एचडीपीई लगाया जाता है, जिससे यह स्टील का एक मजबूत विकल्प बन जाता है।" सुरक्षा और लॉन्ग लाइफ करने के लिए बाड़ को क्लास-1 की फायर रेटिंग हासिल है। गडकरी ने कहा, बहु बल्ली मवेशी बाड़ का मकसद सभी राजमार्गों को टिकाऊ बनाना और वन्यजीवों और मवेशियों को कम से कम नुकसान पहुंचाना है।
बाड़ की तस्वीरें साझा करते हुए, गडकरी ने कहा कि बांस का इस्तेमाल करके बने मवेशी बाड़, मवेशियों को दुर्घटना से बचाने के लिए एक प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल समाधान प्रदान करती है। उन्होंने कहा, "बांस को क्रेओसोट तेल से उपचारित किया जाता है और इस पर एचडीपीई लगाया जाता है, जिससे यह स्टील का एक मजबूत विकल्प बन जाता है।" सुरक्षा और लॉन्ग लाइफ करने के लिए बाड़ को क्लास-1 की फायर रेटिंग हासिल है। गडकरी ने कहा, बहु बल्ली मवेशी बाड़ का मकसद सभी राजमार्गों को टिकाऊ बनाना और वन्यजीवों और मवेशियों को कम से कम नुकसान पहुंचाना है।
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Bahu Balli Cattle Fence
- फोटो : Twitter/@Nitin_Gadkari
अन्य खबरों में, महाराष्ट्र में चंद्रपुर और यवतमाल जिलों को जोड़ने वाले विदर्भ में वाणी-वरोरा हाईवे पर सरकार द्वारा 200 मीटर का बांस क्रैश बैरियर लगाया गया था।
नितिन गडकरी ने कहा कि बैंबू क्रैश बैरियर का इंदौर के पीथमपुर में नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स (NATRAX) जैसे विभिन्न सरकारी संस्थानों में कठोर परीक्षण किया गया और सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई)रुड़की में में आयोजित फायर रेटिंग टेस्ट के दौरान इसे क्लास 1 का दर्जा दिया गया।
नितिन गडकरी ने कहा कि बैंबू क्रैश बैरियर का इंदौर के पीथमपुर में नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स (NATRAX) जैसे विभिन्न सरकारी संस्थानों में कठोर परीक्षण किया गया और सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई)रुड़की में में आयोजित फायर रेटिंग टेस्ट के दौरान इसे क्लास 1 का दर्जा दिया गया।
Bahu Balli Cattle Fence
- फोटो : Twitter/@Nitin_Gadkari
इसके अलावा, बैरियर को इंडियन रोड कांग्रेस द्वारा भी मान्यता दी गई थी। मंत्री ने कहा कि बांस बैरियर की रिसाइकल वैल्यू 50-70 प्रतिशत है, जबकि स्टील बैरियर की रिसाइकल वैल्यू 30-50 प्रतिशत है।